कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की समीक्षा, 4 अक्टूबर 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को जयपुर स्थित सरकारी सचिवालय में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की निर्माण प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के सभी घटकों का निर्माण एक साथ, समानांतर रूप से किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट को 4 अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने परियोजना की अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि रनवे, यात्री टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और अन्य बुनियादी ढाँचे का काम क्रमवार नहीं बल्कि एक साथ चलाया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया ताकि तय समयसीमा में कोई चूक न हो।
टर्मिनल की क्षमता और सुविधाएँ
प्रस्तावित यात्री टर्मिनल भवन 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाया जाएगा और इसकी क्षमता प्रतिवर्ष 20 लाख यात्रियों की आवाजाही संभालने की होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए टर्मिनल में 14 चेक-इन काउंटर और 9 सेल्फ चेक-इन कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और बैगेज क्लेम कैरोसेल भी लगाए जाएंगे।
तकनीकी ढाँचा और सुरक्षा व्यवस्था
हवाई यातायात प्रबंधन के लिए एक जी प्लस 3 मंजिला तकनीकी भवन का निर्माण किया जाएगा, जहाँ ATC सुविधाएँ संचालित होंगी। एयरपोर्ट सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक समर्पित फायर स्टेशन भी परिसर में बनाया जाएगा। यात्रियों और वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए छह लेन की पहुँच सड़क विकसित की जाएगी, जबकि एयरपोर्ट परिसर में 300 कारों और 70 टैक्सियों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए EV चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण प्रबंधन
एयरपोर्ट में 1 मेगावाट पीक (MWp) क्षमता का ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो एयरपोर्ट की वार्षिक ऊर्जा आवश्यकता का लगभग 25 प्रतिशत पूरा करेगा। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए 250 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता का मूविंग बेड बायोफिल्म रिएक्टर (MBBR) आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा, जो जीरो डिस्चार्ज सिस्टम पर आधारित होगा।
क्षेत्रीय विकास पर असर
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से दक्षिणी राजस्थान के इस औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र को सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी। कोटा देश का प्रमुख कोचिंग हब है और यहाँ लाखों छात्र हर वर्ष आते हैं — एयरपोर्ट के चालू होने से इस शहर की सुलभता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह परियोजना राजस्थान सरकार की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत राज्य में हवाई संपर्क का विस्तार किया जा रहा है। आने वाले महीनों में निर्माण की गति और अंतर-विभागीय समन्वय ही तय करेगा कि यह परियोजना अपनी समयसीमा पर खरी उतरती है या नहीं।