अशोक गहलोत ने कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का श्रेय कांग्रेस सरकार को दिया

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अशोक गहलोत ने कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का श्रेय कांग्रेस सरकार को दिया

सारांश

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की आधारशिला से पहले इस परियोजना का श्रेय कांग्रेस सरकार को दिया, यह कहते हुए कि कार्यकाल में उठाए गए कदमों के कारण यह संभव हुआ।

Key Takeaways

  • कोटा-बूंदी एयरपोर्ट का श्रेय कांग्रेस सरकार को
  • निर्माण लागत 1,507 करोड़ रुपए
  • 1,000 यात्रियों की क्षमता
  • पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा
  • शिलान्यास समारोह 6 मार्च को

जयपुर, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास समारोह से एक दिन पहले इस परियोजना का श्रेय पिछली कांग्रेस सरकार को दिया।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए भूमि आवंटन और प्रारंभिक स्वीकृतियों जैसे महत्वपूर्ण कदम उनके कार्यकाल के दौरान उठाए गए थे, जिससे हवाई अड्डे को वास्तविकता में बदला जा सका।

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे की आधारशिला शनिवार को शंभूपुरा में नए हवाई अड्डे के स्थल पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में रखी जाएगी। यह हाड़ौती क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है।

इसी अवसर पर, क्षेत्र के लिए दो प्रमुख पेयजल परियोजनाओं नवनेरा मेगा पेयजल परियोजना और परवन-अकावड मेगा पेयजल परियोजना के लिए भूमि पूजन समारोह भी आयोजित किए जाएंगे।

इस हवाई अड्डे का निर्माण लगभग 1,507 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से किया जाएगा और इसकी व्यस्त समय में लगभग 1,000 यात्रियों की क्षमता होगी।

इस परियोजना में 20,000 वर्ग मीटर का टर्मिनल भवन, 3,200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे, एयरबस ए-321 श्रेणी के विमानों के लिए पार्किंग सुविधाएं और विमान पार्किंग के लिए सात एप्रन बे शामिल होंगे।

इस एयरपोर्ट से कोटा, बूंदी और पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए हवाई संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक जनसभा में कोटा के लोगों से हवाई अड्डे का वादा किया था, जिसके बाद कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए।

गहलोत ने कहा, "2021 में हमारी सरकार ने कोटा में एयरपोर्ट की परियोजना के लिए 1,250 एकड़ जमीन मुफ्त में आवंटित की थी।"

उन्होंने आगे कहा कि 2022 में इसके निर्माण के लिए आवश्यक बिजली लाइनों को स्थानांतरित करने के लिए 120 करोड़ रुपए का बजट भी स्वीकृत किया गया था।

गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की देरी के कारण यह परियोजना लगभग चार वर्षों तक ठप रही। अब जब आधारशिला रखी जा रही है, तो उम्मीद है कि निर्माण कार्य तेजी से और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा हो जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने कोटा को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए काम किया था। उन्होंने चंबल रिवरफ्रंट जैसी परियोजनाओं का उदाहरण दिया, जिसे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण रिवरफ्रंट पर रेस्तरां और अन्य सुविधाओं का विकास अभी तक नहीं हुआ है।

गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार को नदी तट का और अधिक विकास और उचित रखरखाव करना चाहिए ताकि हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और हवाई अड्डे की परियोजना भी अधिक सार्थक बन सके।

इस बीच, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, पीएचईडी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री और कोटा जिले के प्रभारी गौतम कुमार डाक और ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर सहित कई लोगों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।

अन्य जन प्रतिनिधियों में कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा की विधायक कल्पना देवी, भाजपा के शहर अध्यक्ष राकेश जैन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रेम गोचर, साथ ही कई अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल होने की उम्मीद है।

Point of View

NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की लागत क्या है?
इस एयरपोर्ट का निर्माण लगभग 1,507 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से किया जाएगा।
हवाई अड्डे की क्षमता कितनी होगी?
इसकी व्यस्त समय में लगभग 1,000 यात्रियों की क्षमता होगी।
इस परियोजना का शिलान्यास कब होगा?
इसकी आधारशिला शनिवार को शंभूपुरा में रखी जाएगी।
इस एयरपोर्ट से क्षेत्र में क्या बदलाव आएंगे?
यह एयरपोर्ट पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगा।
गहलोत ने इस परियोजना के लिए क्या कदम उठाए?
गहलोत ने 1,250 एकड़ भूमि मुफ्त में आवंटित की और आवश्यक बजट स्वीकृत किए।
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