कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: दिसंबर 2027 में पहली उड़ान, ₹1,507 करोड़ की परियोजना की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और निर्देश दिया कि दिसंबर 2027 तक पहली वाणिज्यिक उड़ान सुनिश्चित की जाए। राजस्थान के कोटा जिले के शंभूपुरा में ₹1,507 करोड़ की अनुमानित लागत से निर्मित हो रहे इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का डिज़ाइन विकास कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और नींव का काम भी प्रारंभ हो गया है।
समीक्षा बैठक में कौन शामिल हुए
इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी, तथा राजस्थान प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। लोकसभा अध्यक्ष के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) राजीव दत्ता भी बैठक में मौजूद थे।
परियोजना की मौजूदा स्थिति
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि निर्माण कार्य तेज़ गति से जारी है। डिज़ाइन विकास का 80 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है और नींव निर्माण भी शुरू हो गया है। बैठक में निर्माण प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण एवं तकनीकी मंजूरियों की स्थिति और परियोजना के विभिन्न चरणों की क्रियान्वयन प्रक्रिया की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
ओम बिरला के निर्देश
ओम बिरला ने निर्माण एजेंसियों को अक्टूबर 2027 तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया, ताकि परीक्षण, प्रमाणन और परिचालन तैयारियों के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहे। उन्होंने ज़ोर दिया कि परियोजना तय समय-सीमा के भीतर और गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना पूरी की जाए। किसी भी प्रशासनिक, तकनीकी या नियामकीय बाधा का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
नियमित निगरानी के लिए बिरला ने AAI के अधिकारियों को हर तीन महीने में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना की समय-बद्ध समीक्षा होती रहे।
हाड़ौती क्षेत्र पर संभावित असर
यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट चालू होने के बाद कोटा-बूंदी और हाड़ौती क्षेत्र की हवाई संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास, उच्च शिक्षा, व्यापार, निवेश और पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। गौरतलब है कि कोटा देश का एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं — एयरपोर्ट से इस आवाजाही को और सुगम बनाया जा सकेगा।
आगे की राह
परियोजना की अगली त्रैमासिक समीक्षा अक्टूबर 2026 तक अपेक्षित है। निर्माण की वर्तमान गति और निर्धारित मील के पत्थरों को देखते हुए, अधिकारियों का मानना है कि दिसंबर 2027 की लक्षित समय-सीमा व्यावहारिक है, बशर्ते नियामकीय मंजूरियाँ समय पर मिलती रहें।