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सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को जल्द मंजूरी की मांग, हिमंत ने नागरिक उड्डयन मंत्री से की बैठक

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सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को जल्द मंजूरी की मांग, हिमंत ने नागरिक उड्डयन मंत्री से की बैठक

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मिलकर सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को जल्द मंजूरी दिलाने की माँग रखी। राज्य में 6 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और एक हेलिपोर्ट की योजना है — यह असम को पूर्वोत्तर का प्रमुख एविएशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात की।
सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए राज्य की प्रारंभिक तैयारियाँ पूरी; केंद्र से शीघ्र मंजूरी का आग्रह।
असम में कुल 6 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट — सिलचर, मानस, उमरांगसो, माजुली, दीफू, चराइदेव — और हाफलोंग हेलिपोर्ट प्रस्तावित हैं।
शेष एयरपोर्टों के प्री-फीजिबिलिटी अध्ययन में तेजी लाने पर सहमति बनी।
रुपसी एयरपोर्ट के विस्तार कार्य की भी बैठक में समीक्षा की गई।
असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के विजन पर दोनों नेताओं में सहमति।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात कर राज्य की प्रस्तावित विमानन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को शीघ्र केंद्रीय मंजूरी दिलाने और असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख एविएशन एवं लॉजिस्टिक्स हब बनाने के साझा विजन पर सहमति बनी।

बैठक में क्या हुआ

नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी भवन में आयोजित इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि केंद्रीय मंत्री के साथ उनकी 'बेहद सकारात्मक और सार्थक चर्चा' हुई। दोनों नेताओं ने असम को पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने के लक्ष्य पर एकमत होकर आगे बढ़ने का संकल्प जताया।

बैठक में राज्य में प्रस्तावित छह ग्रीनफील्ड एयरपोर्टसिलचर, मानस, उमरांगसो, माजुली, दीफू और चराइदेव — के साथ-साथ हाफलोंग में प्रस्तावित हेलिपोर्ट परियोजना की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

सिलचर एयरपोर्ट: तैयारी पूरी, मंजूरी का इंतजार

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार अधिकांश प्रारंभिक तैयारियाँ पूरी कर चुकी है। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया, ताकि निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके।

गौरतलब है कि सिलचर दक्षिणी असम का सबसे बड़ा शहर है और बराक घाटी का प्रमुख केंद्र है। यहाँ एक आधुनिक हवाई अड्डे की माँग लंबे समय से की जा रही है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार दे सके।

अन्य परियोजनाओं में भी तेजी का निर्णय

बैठक में यह भी तय हुआ कि शेष पाँच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्टों के लिए चल रहे प्री-फीजिबिलिटी अध्ययन में तेजी लाई जाएगी, जिससे इन परियोजनाओं को अगले चरण में जल्द ले जाया जा सके। इसके अलावा, पश्चिमी असम में स्थित रुपसी एयरपोर्ट के विस्तार कार्य की भी समीक्षा की गई, जो क्षेत्रीय हवाई संपर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल हवाई संपर्क बढ़ाना नहीं है। उनके अनुसार, एयरपोर्ट अवसंरचना के विस्तार से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के दीर्घकालिक विकास को नई दिशा मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढाँचे के विकास पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान है।

बैठक में कौन थे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के.के. द्विवेदी, असम भवन की रेजिडेंट कमिश्नर कविता पद्मनाभन समेत दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक के नतीजे असम के विमानन क्षेत्र की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वोत्तर में बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं का इतिहास बताता है कि घोषणा और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई अक्सर गहरी होती है। सिलचर एयरपोर्ट की माँग वर्षों पुरानी है और राज्य की 'तैयारी पूरी' की बात के बावजूद केंद्रीय मंजूरी अभी बाकी है — यह प्रक्रियागत विलंब की परिचित कहानी है। असली कसौटी यह होगी कि प्री-फीजिबिलिटी अध्ययन से आगे बढ़कर ये परियोजनाएँ कब टेंडर और निर्माण चरण में पहुँचती हैं, क्योंकि पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी की कमी सीधे आर्थिक अवसरों को प्रभावित करती है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट क्या है और यह कहाँ बनेगा?
सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट असम के दक्षिणी हिस्से में बराक घाटी के प्रमुख शहर सिलचर में प्रस्तावित एक नया हवाई अड्डा है। राज्य सरकार ने इसके लिए प्रारंभिक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से शीघ्र मंजूरी का आग्रह किया गया है।
असम में कितने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित हैं?
असम में कुल छह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट — सिलचर, मानस, उमरांगसो, माजुली, दीफू और चराइदेव — प्रस्तावित हैं। इसके अलावा हाफलोंग में एक हेलिपोर्ट भी प्रस्तावित है।
हिमंत बिस्वा सरमा और राम मोहन नायडू की बैठक में क्या तय हुआ?
बैठक में सिलचर एयरपोर्ट को जल्द मंजूरी दिलाने, अन्य ग्रीनफील्ड एयरपोर्टों के प्री-फीजिबिलिटी अध्ययन में तेजी लाने और रुपसी एयरपोर्ट के विस्तार की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के विजन पर सहमति जताई।
इन एयरपोर्ट परियोजनाओं से असम को क्या फायदा होगा?
इन परियोजनाओं से दूर-दराज के इलाकों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही असम को पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख परिवहन और लॉजिस्टिक्स गेटवे के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
रुपसी एयरपोर्ट कहाँ है और इसका विस्तार क्यों हो रहा है?
रुपसी एयरपोर्ट पश्चिमी असम में स्थित है और यह क्षेत्रीय हवाई संपर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। बढ़ती यात्री माँग और क्षेत्रीय विकास की जरूरतों को देखते हुए इसके विस्तार कार्य की समीक्षा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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