सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को जल्द मंजूरी की मांग, हिमंत ने नागरिक उड्डयन मंत्री से की बैठक
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात कर राज्य की प्रस्तावित विमानन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को शीघ्र केंद्रीय मंजूरी दिलाने और असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख एविएशन एवं लॉजिस्टिक्स हब बनाने के साझा विजन पर सहमति बनी।
बैठक में क्या हुआ
नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी भवन में आयोजित इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि केंद्रीय मंत्री के साथ उनकी 'बेहद सकारात्मक और सार्थक चर्चा' हुई। दोनों नेताओं ने असम को पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने के लक्ष्य पर एकमत होकर आगे बढ़ने का संकल्प जताया।
बैठक में राज्य में प्रस्तावित छह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट — सिलचर, मानस, उमरांगसो, माजुली, दीफू और चराइदेव — के साथ-साथ हाफलोंग में प्रस्तावित हेलिपोर्ट परियोजना की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
सिलचर एयरपोर्ट: तैयारी पूरी, मंजूरी का इंतजार
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार अधिकांश प्रारंभिक तैयारियाँ पूरी कर चुकी है। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया, ताकि निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके।
गौरतलब है कि सिलचर दक्षिणी असम का सबसे बड़ा शहर है और बराक घाटी का प्रमुख केंद्र है। यहाँ एक आधुनिक हवाई अड्डे की माँग लंबे समय से की जा रही है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार दे सके।
अन्य परियोजनाओं में भी तेजी का निर्णय
बैठक में यह भी तय हुआ कि शेष पाँच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्टों के लिए चल रहे प्री-फीजिबिलिटी अध्ययन में तेजी लाई जाएगी, जिससे इन परियोजनाओं को अगले चरण में जल्द ले जाया जा सके। इसके अलावा, पश्चिमी असम में स्थित रुपसी एयरपोर्ट के विस्तार कार्य की भी समीक्षा की गई, जो क्षेत्रीय हवाई संपर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल हवाई संपर्क बढ़ाना नहीं है। उनके अनुसार, एयरपोर्ट अवसंरचना के विस्तार से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के दीर्घकालिक विकास को नई दिशा मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढाँचे के विकास पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान है।
बैठक में कौन थे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के.के. द्विवेदी, असम भवन की रेजिडेंट कमिश्नर कविता पद्मनाभन समेत दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक के नतीजे असम के विमानन क्षेत्र की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।