गुवाहाटी एयरपोर्ट का नया टर्मिनल प्रिक्स वर्साय 2026 की 'दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डे' सूची में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल को प्रतिष्ठित प्रिक्स वर्साय वर्ल्ड्स मोस्ट ब्यूटीफुल एयरपोर्ट्स लिस्ट 2026 में स्थान मिला है — यह जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार, 15 जून को दी। मुख्यमंत्री ने इसे असम की स्थापत्य कला, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय शिल्पकला को मिली वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "दुनिया अब असम की स्थापत्य पहचान को नोटिस कर रही है। गुवाहाटी एयरपोर्ट का नया टर्मिनल प्रिक्स वर्साय की दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों की सूची 2026 में शामिल हुआ है। इसके डिजाइन में स्वदेशी कला, स्थानीय कारीगरी और प्रकृति से प्रेरित कथाओं का शानदार समावेश किया गया है।" उन्होंने इसे पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
टर्मिनल की विशेषताएँ
नए टर्मिनल के डिजाइन में असम की स्वदेशी कला, स्थानीय कारीगरी और प्रकृति से प्रेरित सांस्कृतिक कथाओं को वास्तुशिल्प में पिरोया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत को केंद्र सरकार की एक्ट ईस्ट नीति के तहत आर्थिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
गुवाहाटी का बड़ा रणनीतिक विस्तार
मुख्यमंत्री सरमा ने पहले भी कहा था कि गुवाहाटी, जो लंबे समय से पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार रहा है, अब दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का प्रमुख प्रवेश बिंदु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा था, "पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार अब भारत का दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार बन रहा है। गुवाहाटी आने वाले दिनों में कई ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बनने जा रहा है।"
आधारभूत ढाँचे में तेज़ी
गुवाहाटी में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचा विकास कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इनमें सड़क नेटवर्क का विस्तार, नए फ्लाईओवरों का निर्माण, रिवरफ्रंट विकास और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार शामिल है। विमानन, रेलवे और अंतर्देशीय जल परिवहन क्षेत्र में भी बड़े निवेश किए गए हैं, जिससे शहर की क्षेत्रीय भूमिका और सुदृढ़ हुई है।
आगे की राह
गौरतलब है कि प्रिक्स वर्साय सूची में स्थान मिलना न केवल वास्तुशिल्पीय उत्कृष्टता की पहचान है, बल्कि यह असम और पूर्वोत्तर भारत की पर्यटन और निवेश छवि को भी वैश्विक मंच पर मज़बूत करता है। आने वाले समय में गुवाहाटी में कई ऐतिहासिक विकास परियोजनाएँ आकार लेने वाली हैं, जो इस क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।