ब्रिक्स मेन्यू विवाद: विश्वास सारंग का राहुल गांधी पर पलटवार — 'भारतीय संस्कृति को दुनिया ने माना, आपको क्यों नहीं?'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने 14 सितंबर 2026 को भोपाल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा पलटवार किया। सारंग ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के डिनर मेन्यू को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी 'आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण' है, क्योंकि भारतीय संस्कृति और खानपान को आज वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, 'मुझे हैरानी होती है कि राहुल गांधी कब परिपक्व होंगे। वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में विपक्ष के नेता हैं। जब कोई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम हो, तो दलीय राजनीति से ऊपर उठकर बात करनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को ब्रिक्स में भारत की भूमिका और वहाँ हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था, न कि भोजन की थाली पर।
सारंग ने यह भी जोड़ा कि उन्हें समझ नहीं आता कि राहुल गांधी को ऐसी सलाह कौन दे रहा है और वे राजनीतिक परिपक्वता कब हासिल करेंगे।
भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता का तर्क
सारंग ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को पूरी दुनिया में स्वीकार्यता मिली है। उन्होंने योग का उदाहरण देते हुए कहा कि मोदी की पहल के बाद योग को वैश्विक स्तर पर व्यापक मान्यता मिली है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शाकाहारी भारतीय भोजन परोसे जाने और विदेशी मेहमानों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय खानपान और संस्कृति आज दुनिया में सम्मान पा रही है।
उन्होंने अबू धाबी में मंदिर-निर्माण का उदाहरण भी दिया और कहा कि ये सकारात्मक बदलाव राहुल गांधी को स्वीकार नहीं हो रहे, क्योंकि उनकी आँखों पर 'राजनीतिक चश्मा' लगा हुआ है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जी20 सम्मेलन के दौरान भी विदेशी मेहमानों के सामने भारतीय व्यंजन परोसे गए थे। उनका तर्क था कि जब घर पर मेहमान आते हैं, तो उन्हें अपनी परंपरा और क्षेत्र के व्यंजन ही परोसे जाते हैं — यही परंपरा ब्रिक्स में भी निभाई गई।
गिरिराज सिंह ने तीखे शब्दों में कहा, 'अगर राहुल गांधी का दिमाग खराब है, तो क्या इसका मतलब यह है कि पूरे देश का दिमाग खराब हो जाना चाहिए?' उन्होंने जोड़ा कि ब्रिक्स में भारतीय संस्कृति और भारतीय व्यंजन प्रस्तुत करना देश की परंपरा के अनुरूप है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में परोसे गए शाकाहारी डिनर मेन्यू पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद भड़का। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंचों पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की नीति अपना रहा है। गौरतलब है कि ब्रिक्स के सदस्य देश वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं और इस मंच पर भारत की स्थिति लगातार मज़बूत होती जा रही है।
आगे क्या
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह ज़ुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ब्रिक्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों को लेकर सत्ता-विपक्ष की यह बहस घरेलू राजनीति के लिए एक बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।