वेस्ट हैम के दिग्गज गोलकीपर लुडेक मिकलोस्को का 64 वर्ष की आयु में निधन
सारांश
मुख्य बातें
वेस्ट हैम यूनाइटेड, क्यूपीआर और चेक गणराज्य की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के पूर्व गोलकीपर लुडेक मिकलोस्को का 64 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। 2021 में उन्हें कैंसर का पता चला था और दिसंबर 2024 में उन्होंने इलाज बंद कर दिया था।
करियर और उपलब्धियाँ
मिकलोस्को ने वेस्ट हैम यूनाइटेड के लिए 300 से अधिक मैच खेले और क्लब के इतिहास में एक अविस्मरणीय छाप छोड़ी। 1990-91 के सीज़न में उन्हें क्लब के प्रतिष्ठित 'हैमर ऑफ द ईयर' पुरस्कार से नवाज़ा गया था। 1990 से 1998 तक हैमर्स के साथ खेलने के बाद, उन्होंने 1998 से 2001 तक क्यूपीआर के लिए अपनी सेवाएँ दीं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिकलोस्को ने 1982 से 1992 तक चेकोस्लोवाकिया की राष्ट्रीय टीम का और बाद में 1996 तथा 1997 में चेक गणराज्य की टीम का प्रतिनिधित्व किया। वे क्लब स्तर पर बानिक ओस्त्रावा के भी प्रमुख खिलाड़ी रहे थे।
वेस्ट हैम की श्रद्धांजलि
वेस्ट हैम यूनाइटेड ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'बहुत गहरे दुख के साथ वेस्ट हैम यूनाइटेड दिग्गज पूर्व गोलकीपर और कोच लुडेक मिकलोस्को के निधन की घोषणा करता है। लुडेक, आप शांति से सोएं; आप हमारे प्यारे, प्रेरणादायक गोलकीपर और एक नेक और बड़े दिल वाले इंसान थे।'
क्लब ने घोषणा की कि हैमर्स मंगलवार को फुलहम के खिलाफ होने वाले काराबाओ कप मैच से पहले मिकलोस्को के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसके अलावा, 9 अक्टूबर को क्यूपीआर के विरुद्ध होने वाला चैंपियनशिप मैच भी मिकलोस्को को समर्पित किया जाएगा।
परिवार की प्रतिक्रिया
मिकलोस्को के बेटे मार्टिन मिकलोस्को ने अपने पिता के वेस्ट हैम के प्रति गहरे लगाव का उल्लेख किया। मार्टिन ने कहा, 'कैंसर से बहादुरी और हिम्मत के साथ लड़ने के बाद मेरे पिता लुडेक के निधन की खबर देते हुए हमारा दिल टूट गया है। डैड को वेस्ट हैम यूनाइटेड से बहुत प्यार था, और उन्हें खास तौर पर हर मैच में अपना नाम जोर-शोर और गर्व के साथ गाए जाते हुए सुनना बहुत पसंद था।' उन्होंने आगे कहा, 'क्लब और उसके प्रशंसक हमारे परिवार का हिस्सा थे और हमेशा रहेंगे।'
चेक फुटबॉल संघ की संवेदना
चेक गणराज्य के फुटबॉल संघ (FACR) ने भी मिकलोस्को को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 'चेक फुटबॉल के लिए एक दुखद खबर आई है।' संघ के चेयरमैन डेविड ट्रुंडा ने कहा, 'मुझे चेक फुटबॉल के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक, लुदेक मिकलोस्को के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। अपने खेल और फुटबॉल के प्रति अपने नजरिए से लुदेक मिकलोस्को ने इसके इतिहास में एक अहम छाप छोड़ी और न केवल चेक गणराज्य में बल्कि विदेशों में भी सम्मान हासिल किया।'
ट्रुंडा ने आगे कहा, 'उनका नाम हमेशा चेक फुटबॉल के एक अहम दौर और उन मूल्यों से जुड़ा रहेगा जिनका उन्होंने एक खिलाड़ी और एक इंसान के तौर पर प्रतिनिधित्व किया।' उन्होंने मिकलोस्को के परिवार, प्रियजनों और मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
फुटबॉल की दुनिया ने एक ऐसे गोलकीपर को खो दिया है जिसने दो देशों और कई क्लबों में अपनी अमिट छाप छोड़ी — उनकी विरासत उनके प्रशंसकों और इस खेल के इतिहास में सदा जीवित रहेगी।