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गणेश चतुर्थी पर सोनाली कुलकर्णी ने बप्पा को किसान रूप में किया विराजमान, बाढ़-सूखे से जूझते किसानों के लिए माँगी दुआ

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गणेश चतुर्थी पर सोनाली कुलकर्णी ने बप्पा को किसान रूप में किया विराजमान, बाढ़-सूखे से जूझते किसानों के लिए माँगी दुआ

सारांश

इस गणेश चतुर्थी पर अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी ने बप्पा को किसान के वेश में बैलगाड़ी पर बिठाया और बाढ़ व सूखे से पीड़ित किसानों के लिए राहत माँगी। धर्म और सामाजिक संवेदना का यह अनोखा संगम इस उत्सव को महज परंपरा से परे ले गया।

मुख्य बातें

अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी ने इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा को किसान रूप में बैलगाड़ी पर विराजमान किया।
यह परंपरा उनके घर में 9 वर्षों से जारी है; इस बार कुछ नया करने के लिए अनूठा थीम चुना गया।
मूर्ति का विचार सणस आर्ट के एक कलाकार की सलाह से प्रेरित था।
सोनाली ने बाढ़ और सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए बप्पा से राहत और समृद्धि की प्रार्थना की।
उनके भाई और भाभी ने इस बार पहली बार साझा रूप से गणेश चतुर्थी मनाई।

अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी ने इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना एक अनूठे अंदाज़ में की — गणपति को किसान के रूप में बैलगाड़ी पर विराजमान किया गया। इसके पीछे उनकी भावना यह थी कि जो किसान आज बाढ़, सूखे और प्रतिकूल मौसम की मार झेल रहे हैं, उनके लिए बप्पा से राहत और समृद्धि की प्रार्थना की जाए।

मूर्ति के पीछे की प्रेरणा

सोनाली ने बताया कि उनके घर पर वर्षों से गणपति की मूर्ति हाथों से बनाने की परंपरा रही है। इस बार 9 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने कुछ अलग करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, 'भगवान की मूर्ति में विशेषता यह है कि बप्पा किसान के रूप में बैलगाड़ी पर सवार हैं। इस बार हमने सोचा कि अब 9 साल हो गए हैं, तो कुछ अलग और नया करते हैं।'

सणस आर्ट से मिला अनोखा आइडिया

अभिनेत्री ने बताया कि सणस आर्ट में एक कलाकार ने उन्हें बैलगाड़ी में बप्पा को विराजमान करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'जब हमें बप्पा को बैलगाड़ी में सवार करने का आइडिया आया, तो हमने सोचा कि अगर किसान के रूप में बप्पा को सजाएं, तो यह बहुत मजेदार होगा — और शायद ऐसे ही हम बप्पा से प्रार्थना कर सकेंगे कि जहाँ प्रलय हो रही है और कुछ जगहों पर सूखा पड़ा है, वहाँ राहत लाएं और किसान भाइयों की समस्याएँ जल्द दूर हों।' यह विचार न केवल धार्मिक आस्था का, बल्कि सामाजिक संवेदना का भी प्रतीक बना।

परिवार की पहली साझा गणेश चतुर्थी

इस बार उत्सव में एक और खुशी जुड़ी — सोनाली के भाई और भाभी की यह पहली साझा गणेश चतुर्थी थी। अभिनेत्री ने कहा, 'ये दोनों पहली बार साथ में गणेश चतुर्थी मना रहे हैं। मेरे भाई का तो फेवरेट त्योहार है, तो मुझे लगा कि सारी तैयारियाँ सभी मिलकर करें।' उन्होंने सभी से यही कामना की कि बप्पा के आगमन से प्रत्येक परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली आए।

सामाजिक संदेश के साथ उत्सव

सोनाली कुलकर्णी की इस पहल ने गणेश उत्सव को एक सामाजिक संदेश से जोड़ा है। यह ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्सों में किसान अतिवृष्टि और सूखे की दोहरी मार झेल रहे हैं। धर्म और लोक-संवेदना के इस मेल ने सोशल मीडिया पर भी सराहना बटोरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब देश के कई राज्यों में किसान अतिवृष्टि और सूखे से एक साथ जूझ रहे हैं। हालाँकि यह प्रार्थना और प्रतीकात्मकता है — नीतिगत समाधान नहीं — फिर भी सांस्कृतिक मंचों से किसानों की पीड़ा को ध्यान में लाना अपने आप में एक सार्थक कदम है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनाली कुलकर्णी ने गणेश चतुर्थी पर बप्पा को किसान रूप में क्यों स्थापित किया?
सोनाली कुलकर्णी ने बप्पा को किसान वेश में बैलगाड़ी पर इसलिए स्थापित किया ताकि बाढ़, सूखे और खराब मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए राहत और समृद्धि की प्रार्थना की जा सके। यह विचार सणस आर्ट के एक कलाकार की सलाह से प्रेरित था।
सोनाली कुलकर्णी के घर गणपति की मूर्ति कैसे बनाई जाती है?
सोनाली कुलकर्णी के घर पर वर्षों से हाथों से गणपति की मूर्ति बनाने की परंपरा है। इस बार 9 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने किसान थीम के साथ कुछ नया और अलग करने का फैसला किया।
सोनाली कुलकर्णी ने किसानों के लिए क्या प्रार्थना की?
उन्होंने बप्पा से प्रार्थना की कि जहाँ प्रलय और बाढ़ आई है तथा कुछ स्थानों पर सूखा पड़ा है, वहाँ राहत मिले और किसान भाइयों की समस्याएँ जल्द दूर हों। उनकी यह भावना सामाजिक संवेदना और धार्मिक आस्था का संगम थी।
इस बार सोनाली कुलकर्णी के परिवार में गणेश चतुर्थी क्यों विशेष रही?
इस वर्ष सोनाली के भाई और भाभी की पहली साझा गणेश चतुर्थी थी, जिससे उत्सव में एक अतिरिक्त खुशी जुड़ गई। सोनाली ने सभी परिवारों के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की।
बप्पा की किसान मूर्ति का विचार कहाँ से आया?
सणस आर्ट में एक व्यक्ति ने सोनाली कुलकर्णी को बैलगाड़ी में बप्पा को विराजमान करने की सलाह दी थी। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने गणपति को किसान के रूप में सजाने का निर्णय लिया।
राष्ट्र प्रेस
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