जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं पीड़ितों की फरियाद, पुलिस अफसरों को दी कड़ी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को लखनऊ में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुँचे पीड़ितों से सीधे मुलाकात की और उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार हर पीड़ित की उचित समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री का जन-संपर्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में बैठे प्रत्येक पीड़ित के पास स्वयं चलकर गए और उनकी बात ध्यान से सुनी। सभी के प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश दिया गया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी भी पीड़ित की उचित शिकायत को अनदेखा नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को कड़े निर्देश
'जनता दर्शन' के दौरान कुछ पीड़ितों ने पुलिस से जुड़ी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं, जिस पर सीएम सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी ध्यान दें — थाना, चौकी और बीट स्तर पर किसी भी तरह की हीलाहवाली की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध नियमसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने का स्पष्ट आदेश दिया।
जन कल्याण योजनाओं पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पात्र व्यक्ति को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए और जरूरतमंदों के लिए समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने भू-माफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के भी निर्देश दिए।
बच्चों से विशेष संवाद
मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए छोटे बच्चों से भी विशेष रूप से बात की। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और उनकी रुचियों के बारे में जाना तथा उन्हें खेल, संगीत और कला जैसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। सीएम ने बच्चों को चॉकलेट भेंट की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
आगे का रुख
यह 'जनता दर्शन' कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस शासन-शैली का हिस्सा है जिसमें वे सीधे जनसंपर्क को प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़ते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जन शिकायत निवारण को लेकर सरकार का यह रवैया आने वाले दिनों में जिला स्तर के अधिकारियों पर दबाव बढ़ा सकता है।