फीफा वर्ल्ड कप 2026: ग्रुप स्टेज में बाहर होने के बाद साउथ कोरिया के कोच होंग म्युंगबो का इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
साउथ कोरिया के हेड कोच होंग म्युंगबो ने 29 जून 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जब उनकी टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। मेक्सिको सिटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 57 वर्षीय कोच ने टीम की असफलता की पूरी जिम्मेदारी खुद पर लेते हुए देशवासियों से माफी मांगी।
ग्रुप स्टेज में साउथ कोरिया का सफर
साउथ कोरिया ने टूर्नामेंट की शुरुआत उत्साहजनक रही — टीम ने अपने पहले मुकाबले में चेकिया को 2-1 से हराया। लेकिन इसके बाद टीम लड़खड़ा गई। मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार 1-0 से मिली हार ने उनकी राह बंद कर दी। ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद टीम सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली 8 टीमों में जगह नहीं बना सकी और प्रतियोगिता से बाहर हो गई।
होंग म्युंगबो का विदाई संदेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस में होंग ने कहा, 'मैं उन सभी कोरियाई लोगों से दिल से माफी मांगता हूं, जिन्होंने हमारी नेशनल टीम का हमेशा समर्थन किया। मैंने यह जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश की, लेकिन मैं वह नतीजा नहीं दे सका जिसकी लोगों को उम्मीद थी। इसी वजह से मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि हेड कोच के रूप में अंतिम परिणाम ही सर्वोपरि होता है और वह उस कसौटी पर खरे नहीं उतरे। होंग ने अपने कोचिंग स्टाफ और सहयोगियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने पूरे समर्पण के साथ काम किया।
होंग म्युंगबो का कार्यकाल और रिकॉर्ड
होंग म्युंगबो ने 2024 में दूसरी बार साउथ कोरिया की नेशनल टीम की कमान संभाली थी। उनके इस कार्यकाल में टीम ने कुल 26 मैच खेले — 15 जीत, 6 हार और 5 ड्रॉ। इससे पहले वह 2013-14 में भी नेशनल टीम के हेड कोच रह चुके हैं, यानी यह उनका दूसरा कार्यकाल था।
खिलाड़ी से कोच तक का सफर
कोचिंग से पहले होंग साउथ कोरिया के सबसे सम्मानित फुटबॉलरों में से एक रहे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर में देश के लिए 136 मैच खेले। 2009 में उन्होंने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। विदाई संदेश में होंग ने भरोसा जताया कि कोरियाई फुटबॉल भविष्य में मजबूत वापसी करेगा और वह एक समर्थक के रूप में हमेशा नेशनल टीम के साथ खड़े रहेंगे।
आगे क्या होगा
होंग के इस्तीफे के बाद साउथ कोरिया फुटबॉल संघ को अब नए हेड कोच की तलाश करनी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई फुटबॉल अपनी दिशा और रणनीति पर पुनर्विचार करने के दबाव में है। अगले वर्षों में टीम को अपनी युवा प्रतिभाओं को तराशकर एक नई पहचान बनानी होगी।