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फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ अफ्रीका ने पहली बार नॉकआउट स्टेज में एंट्री की, साउथ कोरिया को 1-0 से हराया

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ अफ्रीका ने पहली बार नॉकआउट स्टेज में एंट्री की, साउथ कोरिया को 1-0 से हराया

सारांश

साउथ अफ्रीका ने फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई — मॉन्टेरी में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर। 22 वर्षीय थापेलो मासेको का 63वें मिनट का गोल इस ऐतिहासिक जीत का केंद्र बिंदु रहा।

मुख्य बातें

साउथ अफ्रीका ने फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार राउंड ऑफ 32 में प्रवेश किया।
थापेलो मासेको ने 63वें मिनट में बाएं पैर से गोल दागकर टीम को 1-0 की जीत दिलाई।
मासेको 22 साल और 225 दिन की उम्र में विश्व कप में साउथ अफ्रीका के लिए गोल करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बने।
साउथ अफ्रीका ने 3 मुकाबलों में 4 अंक लेकर ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया।
कोरियाई कोच हांग म्युंग-बो के तीन बदलाव और सोन ह्युंग-मिन की एंट्री का दांव उल्टा पड़ा।

साउथ अफ्रीका ने 25 जून 2026 को मॉन्टेरी में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप ए मुकाबले में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई। थापेलो मासेको के 63वें मिनट में दागे गए इकलौते गोल ने साउथ अफ्रीका को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई और टीम ग्रुप ए में 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में पहुँची।

मैच का मुख्य घटनाक्रम

साउथ अफ्रीका ने किकऑफ से ही आक्रामक रुख अपनाया और साउथ कोरिया के डिफेंस पर शुरुआती मिनटों से दबाव बनाया। मासेको ने शुरुआत में एक जोरदार शॉट लगाया, लेकिन कोरियाई डिफेंडर ली गिह्युक ने उसे रोक लिया। एविडेंस मकगोपा और थालेंटे म्बाथा ने भी गोल की कोशिश की, परंतु कोरियाई गोलकीपर किम स्युंगग्यु ने दोनों बार बेहतरीन बचाव किया।

पहला हाफ गोलरहित रहा। दूसरे हाफ में कोरियाई कोच हांग म्युंग-बो ने तीन बदलाव किए और स्टार फॉरवर्ड सोन ह्युंग-मिन को मैदान पर उतारा। लेकिन यह रणनीतिक दांव उल्टा पड़ गया।

मासेको का ऐतिहासिक गोल

मैच के 63वें मिनट में तेशपांग मोरेमी ने पेनल्टी बॉक्स के किनारे पर एक सटीक पास दिया। मासेको ने गेंद को नियंत्रित करते हुए बाएं पैर से करारा शॉट जड़ा जो सीधे गोल पोस्ट में जा घुसा। इस गोल के साथ 22 साल और 225 दिन की उम्र में मासेको फीफा वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका की ओर से गोल करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।

गोल के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी के लिए जोरदार प्रयास किए, लेकिन साउथ अफ्रीका का रक्षापंक्ति अंत तक अभेद्य बनी रही।

मासेको की प्रतिक्रिया

जीत के बाद मासेको ने कहा, 'यह अनुभव मेरे लिए अविश्वसनीय और सपने जैसा है।' उन्होंने समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जीत उन सभी को समर्पित है जिन्होंने टीम का साथ दिया — और उनके लिए भी जिन्होंने भरोसा नहीं किया। मासेको ने जोड़ा कि टीम ने कई मुश्किल दौर देखे हैं, लेकिन इस प्रदर्शन से साबित हो गया है कि वे मजबूत और सक्षम हैं।

ग्रुप ए की स्थिति और आगे की राह

3 मुकाबलों में 4 अंक अर्जित कर साउथ अफ्रीका ने ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया और राउंड ऑफ 32 में प्रवेश किया। यह साउथ अफ्रीका के फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा मील का पत्थर है। अब नॉकआउट चरण में उनका अगला सफर कैसा रहता है, यह देखना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अफ्रीकी फुटबॉल के लिए एक संकेत है कि महाद्वीप की टीमें अब सिर्फ भागीदार नहीं, दावेदार हैं। मासेको जैसे युवा खिलाड़ी का उभरना बताता है कि साउथ अफ्रीका की पाइपलाइन पहले से कहीं अधिक मजबूत है। हालांकि, राउंड ऑफ 32 में असली परीक्षा होगी — ग्रुप चरण में दबाव झेलना और नॉकआउट में उसे दोहराना दो अलग चुनौतियाँ हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम का डिफेंसिव अनुशासन आगे भी बरकरार रहता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साउथ अफ्रीका ने फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार नॉकआउट स्टेज में कैसे जगह बनाई?
साउथ अफ्रीका ने 25 जून 2026 को मॉन्टेरी में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर ग्रुप ए में 4 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और राउंड ऑफ 32 में प्रवेश किया। यह फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में टीम की पहली नॉकआउट स्टेज एंट्री है।
थापेलो मासेको ने गोल कब और कैसे किया?
मैच के 63वें मिनट में तेशपांग मोरेमी के पास पर मासेको ने पेनल्टी बॉक्स के किनारे से बाएं पैर से शानदार शॉट लगाया जो सीधे गोल पोस्ट में गया। इस गोल से मासेको 22 साल और 225 दिन की उम्र में विश्व कप में साउथ अफ्रीका के लिए गोल करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
साउथ कोरिया की टीम इस मैच में क्यों नाकाम रही?
दूसरे हाफ में कोच हांग म्युंग-बो ने तीन बदलाव किए और सोन ह्युंग-मिन को उतारा, लेकिन साउथ अफ्रीका का रक्षापंक्ति अंत तक अभेद्य बनी रही। कोरिया के आक्रामक प्रयास बेकार गए और टीम बराबरी का गोल नहीं कर सकी।
ग्रुप ए में साउथ अफ्रीका की अंतिम स्थिति क्या रही?
साउथ अफ्रीका ने 3 मुकाबलों में 4 अंक अर्जित कर ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया। इसी के साथ टीम ने राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की की।
फीफा वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका का यह प्रदर्शन कितना ऐतिहासिक है?
यह पहली बार है जब साउथ अफ्रीका ने फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में जगह बनाई है। इससे पहले टीम कभी भी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी, इसलिए यह उनके फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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