फीफा वर्ल्ड कप 2026: कनाडा से हार के बाद साउथ अफ्रीका बाहर, कोच ह्यूगो ब्रूज ने कहा — 'टीम के प्रदर्शन पर गर्व है'
सारांश
मुख्य बातें
साउथ अफ्रीका का फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सफर 29 जून को समाप्त हो गया, जब लॉस एंजिल्स में खेले गए राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में कनाडा ने उन्हें हरा दिया। स्टीफन यूस्टाकियो के अंतिम क्षणों में किए गए गोल ने साउथ अफ्रीका की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालाँकि, हेड कोच ह्यूगो ब्रूज ने हार के बावजूद टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन को सराहा।
मुख्य घटनाक्रम
राउंड ऑफ 32 का यह मुकाबला बेहद करीबी रहा। कनाडा के स्टीफन यूस्टाकियो ने मैच के आखिरी दौर में निर्णायक गोल दागकर साउथ अफ्रीका को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। मैच के बाद कोच ब्रूज ने स्वीकार किया कि उनकी टीम पावर और स्पीड के मामले में प्रतिद्वंद्वी से पीछे रही, और कई मौकों पर शारीरिक मुकाबले में कमज़ोर पड़ गई।
ऐतिहासिक अभियान की कहानी
साउथ अफ्रीका का इस वर्ल्ड कप में सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। टीम ने ग्रुप स्टेज में मेक्सिको से हार से शुरुआत की, लेकिन इसके बाद चेकिया के खिलाफ ड्रॉ खेला और फिर कोरिया को 1-0 से हराकर राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई। यह पहली बार था जब साउथ अफ्रीका ने फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में प्रवेश किया — एक ऐसी उपलब्धि जिसकी टूर्नामेंट से पहले किसी को उम्मीद नहीं थी।
कोच ब्रूज का बयान
74 वर्षीय ह्यूगो ब्रूज ने मैच के बाद कहा, 'भले ही हार से निराशा हुई है, लेकिन टीम को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि वह पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज तक पहुँची।' उन्होंने खिलाड़ियों की मानसिकता और मेहनत की तारीफ करते हुए कहा कि इस अनुभव से टीम भविष्य में और मज़बूत बनेगी। गौरतलब है कि इस मुकाबले के साथ ब्रूज वर्ल्ड कप नॉकआउट इतिहास में किसी टीम की अगुवाई करने वाले सबसे उम्रदराज कोच भी बन गए।
एसएएफए अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
साउथ अफ्रीका फुटबॉल एसोसिएशन (एसएएफए) के अध्यक्ष डॉ. डैनी जॉर्डन ने भी टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि हार निराशाजनक ज़रूर है, लेकिन टीम ने इस वर्ल्ड कप में इतिहास रचकर देश का नाम रोशन किया है। जॉर्डन ने विशेष रूप से कोरिया के खिलाफ मिली जीत का उल्लेख किया, जिसने टीम को पहली बार नॉकआउट स्टेज में पहुँचाया।
आगे क्या
साउथ अफ्रीका के लिए यह वर्ल्ड कप एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। ब्रूज ने संकेत दिया कि पावर और स्पीड के क्षेत्र में सुधार टीम की प्राथमिकता होगी। यह ऐसे समय में आया है जब अफ्रीकी फुटबॉल वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश में है।