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फीफा वर्ल्ड कप 2026: उरुग्वे के बाहर होने पर कोच बिएल्सा बोले — 'टीम से बेस्ट नहीं निकलवा सका'

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: उरुग्वे के बाहर होने पर कोच बिएल्सा बोले — 'टीम से बेस्ट नहीं निकलवा सका'

सारांश

दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे ग्रुप स्टेज में 3 मैचों में सिर्फ 2 अंक लेकर बाहर हो गई। कोच बिएल्सा ने हार की पूरी जिम्मेदारी खुद पर ली — यह स्वीकारोक्ति जितनी दुर्लभ है, उतनी ही बड़ी भी।

मुख्य बातें

उरुग्वे फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में स्पेन से 0-1 से हारकर बाहर हुई।
कोच मार्सेलो बिएल्सा ने खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी खुद पर ली।
उरुग्वे ने 3 मैचों में सिर्फ 2 अंक अर्जित किए और तीसरे स्थान पर रही।
कप्तान फेडेरिको वाल्वरडे को 56वें मिनट में बदला गया; वे बेंच पर भावुक दिखे।
गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा ने खुद मैदान से बाहर आने की इच्छा जताई, बिएल्सा ने स्पष्ट किया।
निर्णायक गोल एलेक्स बेना ने 42वें मिनट में दागा।

उरुग्वे के हेड कोच मार्सेलो बिएल्सा ने 27 जून 2026 को गुआडालाहारा में स्पेन के खिलाफ 0-1 की हार के बाद टीम के फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने की पूरी जिम्मेदारी खुद पर ली। दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे ग्रुप स्टेज में महज 2 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही और टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

बिएल्सा का बयान: 'मैं नाकाम रहा'

मैच के बाद बिएल्सा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मैं उरुग्वे के खिलाड़ियों की क्षमता के अनुसार उनसे बेस्ट प्रदर्शन करवाने में नाकाम रहा। मैं टीम को एकजुट करके हर खिलाड़ी से उनकी काबिलियत के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करवा सका।' यह स्वीकारोक्ति उस कोच की ओर से आई जिसने उरुग्वे को इस टूर्नामेंट के लिए तैयार किया था।

वाल्वरडे को बदलने का फैसला

कोच बिएल्सा ने मैच के 56वें मिनट में कप्तान फेडेरिको वाल्वरडे को मैदान से बाहर बुलाने के अपने फैसले का बचाव किया। उनके अनुसार, यह बदलाव टीम के आक्रमण को और धारदार बनाने के लिए किया गया था ताकि उरुग्वे ज्यादा गोल के अवसर बना सके। हालांकि, टीवी कैमरों में सब्स्टीट्यूट बेंच पर बैठे वाल्वरडे भावुक नजर आए और उनकी आँखों में आँसू दिखाई दिए।

मुस्लेरा को बदलने का फैसला किसका था

पहले हाफ के 42वें मिनट में स्पेन के एलेक्स बेना का शॉट गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा के हाथों के बीच से निकलकर गोल में चला गया। दूसरे हाफ की शुरुआत में मुस्लेरा की जगह सर्जियो रोशे को मैदान पर उतारा गया। बिएल्सा ने साफ किया कि यह उनका नहीं, बल्कि मुस्लेरा का खुद का फैसला था — 'मुस्लेरा ने स्वयं मैदान से बाहर आने की इच्छा जताई थी।' कोच ने यह भी कहा कि एक गलती के आधार पर एक अनुभवी और बेहतरीन खिलाड़ी की आलोचना करना उचित नहीं है।

निर्णायक गोल और मैच का घटनाक्रम

42वें मिनट में बेना ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाया। उस वक्त मैदान पर दोनों टीमों के दो खिलाड़ियों का इलाज चल रहा था, लेकिन खेल नहीं रुका और बेना ने मौके का पूरा फायदा उठाया। यही एकमात्र गोल पूरे मैच में निर्णायक साबित हुआ और उरुग्वे का वर्ल्ड कप सफर यहीं थम गया।

उरुग्वे का ग्रुप स्टेज प्रदर्शन

ग्रुप स्टेज में 3 मुकाबले खेलकर उरुग्वे केवल 2 अंक ही बटोर सकी और अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही। दो बार की विश्व चैंपियन टीम के लिए यह प्रदर्शन निराशाजनक रहा। आगे देखना होगा कि इस विफलता के बाद उरुग्वे फुटबॉल संघ कोचिंग स्टाफ को लेकर क्या फैसला करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे उरुग्वे की संरचनात्मक कमजोरियाँ ढकी नहीं जातीं। दो बार के चैंपियन का ग्रुप स्टेज में 3 मैचों में सिर्फ 2 अंक लेकर बाहर होना बताता है कि समस्या सिर्फ रणनीति की नहीं, बल्कि गहरी है। वाल्वरडे जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी को 56वें मिनट में बदलने का फैसला और उसके बाद बेंच पर उनके आँसू — यह टीम के भीतर की कहानी बयान करते हैं जो अभी पूरी तरह सामने नहीं आई। उरुग्वे फुटबॉल संघ को अब कोचिंग से परे जाकर खिलाड़ी विकास और टीम संस्कृति पर गंभीरता से विचार करना होगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उरुग्वे फीफा वर्ल्ड कप 2026 से कैसे बाहर हुई?
उरुग्वे ग्रुप स्टेज में स्पेन से 0-1 से हारकर बाहर हुई। टीम ने 3 मैचों में केवल 2 अंक अर्जित किए और अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही।
कोच बिएल्सा ने हार के बाद क्या कहा?
बिएल्सा ने कहा कि वह उरुग्वे के खिलाड़ियों की क्षमता के अनुसार उनसे बेस्ट प्रदर्शन नहीं करवा सके। उन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी खुद पर ली।
फेडेरिको वाल्वरडे को मैच में क्यों बदला गया?
कोच बिएल्सा ने 56वें मिनट में वाल्वरडे की जगह दूसरे खिलाड़ी को इसलिए उतारा ताकि टीम का आक्रमण मजबूत हो सके। हालांकि, बेंच पर वाल्वरडे भावुक दिखे और उनकी आँखों में आँसू थे।
गोलकीपर मुस्लेरा को हाफटाइम के बाद क्यों बदला गया?
बिएल्सा के अनुसार, मुस्लेरा ने खुद मैदान से बाहर आने की इच्छा जताई थी — यह कोच का फैसला नहीं था। पहले हाफ में एलेक्स बेना का गोल मुस्लेरा के हाथों के बीच से निकल गया था।
स्पेन ने उरुग्वे के खिलाफ निर्णायक गोल कैसे किया?
42वें मिनट में एलेक्स बेना ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाया जो मुस्लेरा के हाथों के बीच से निकलकर गोल में चला गया। उस वक्त दोनों टीमों के दो खिलाड़ियों का मैदान पर इलाज चल रहा था, लेकिन खेल जारी था।
राष्ट्र प्रेस
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