GeM पोर्टल के 10 साल: PM मोदी ने सराहा, MSME और महिला उद्यमियों को बताया सबसे बड़ा लाभार्थी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पोर्टल पारदर्शी प्रक्रियाओं, व्यापक भागीदारी और बेहतर अवसरों के ज़रिए भारत की सार्वजनिक खरीद प्रणाली को नया रूप दे रहा है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का एक लेख साझा किया, जिसमें GeM की स्थापना से अब तक की उपलब्धियों का विवरण है।
मुख्य घटनाक्रम
GeM को 9 अगस्त 2016 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में लॉन्च किया गया था। अब, 10 वर्षों की यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत में 'व्यवसाय करने में आसानी' को मज़बूत करने वाला एक निर्णायक डिजिटल उपकरण बताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'पारदर्शी खरीद, व्यापक भागीदारी और बेहतर अवसर... इसी तरह सरकारी ई-मार्केटप्लेस इंडिया सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में बदलाव ला रहा है।'
MSME और महिला उद्यमियों पर असर
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि GeM ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और महिला उद्यमियों को सरकारी खरीद के अवसरों तक सीधी पहुँच दिलाई है। उनके अनुसार, प्रौद्योगिकी को केंद्र में रखकर इस प्लेटफॉर्म ने एक अधिक प्रतिस्पर्धी और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सरकार छोटे व्यवसायों को औपचारिक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने पर ज़ोर दे रही है।
GeM का डिजिटल ढाँचा
GeM एक ऑनलाइन बाज़ार के रूप में कार्य करता है जहाँ सरकारी विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान वस्तुओं व सेवाओं की खरीद पारदर्शी और कुशल तरीके से कर सकते हैं। इसे खरीद-संबंधी बाधाओं को कम करने, भ्रष्टाचार की संभावना घटाने और देशभर के विक्रेताओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है। गौरतलब है कि पारंपरिक सरकारी खरीद प्रणाली पर अक्सर अपारदर्शिता और बड़े आपूर्तिकर्ताओं के पक्ष में झुकाव के आरोप लगते रहे हैं।
क्या होगा आगे
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों को पीयूष गोयल का लेख पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि GeM की उपलब्धियों और सार्वजनिक खरीद के आधुनिकीकरण में इसकी भूमिका को गहराई से समझा जा सके। GeM के अगले चरण में और अधिक क्षेत्रों व विक्रेताओं को जोड़े जाने की उम्मीद है, जिससे यह प्लेटफॉर्म भारत की डिजिटल गवर्नेंस रणनीति का और अहम हिस्सा बनेगा।