झारखंड छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी घिरे, भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया दोहरे मापदंड का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी झारखंड के छात्र आंदोलन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निशाने पर आ गए हैं। 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीट परीक्षा और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना करती है, लेकिन झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर नरम रुख अपना रही है — क्योंकि वहाँ कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। भाजपा ने इसे खुला राजनीतिक पाखंड बताया।
झारखंड में छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि
रांची में सोमवार को हजारों छात्र विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसमें कई छात्र-छात्राएँ घायल हुईं। पुलिस का दावा है कि पथराव में उसके कई जवान भी घायल हुए। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो नौ दिन की भूख हड़ताल के बाद बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरुद्ध आवाज़ उठा रहे हैं। उनकी माँगों में परीक्षाएँ रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और केंद्रीय एजेंसियों से जाँच शामिल हैं।
भाजपा का हमला: दोहरे मापदंड का आरोप
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी संसद की कार्यवाही बाधित कर रही है और छात्र आंदोलनों पर दोहरे मापदंड अपना रही है। भाजपा ने तर्क दिया कि राहुल गांधी ने झारखंड के मुद्दे पर मीडिया के सवाल पूछे जाने के बाद ही अपनी स्थिति स्पष्ट की — स्वयं से कोई सक्रिय रुख नहीं अपनाया।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला करने से इसलिए बच रही है क्योंकि इससे गठबंधन प्रभावित हो सकता है। पार्टी का दावा है कि हाल के चुनावों में हार के बाद कांग्रेस उन राज्यों की सरकारों को अस्थिर नहीं करना चाहती जिनमें वह सत्ता का हिस्सा है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का पक्ष
राहुल गांधी ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि कांग्रेस झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा करती है। उन्होंने कहा, 'छात्रों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है और उनकी समस्याओं का समाधान केवल संवाद से ही संभव है।' उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी माँगों का तुरंत समाधान करने की अपील की, लेकिन राज्य सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया।
वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को संसद परिसर में प्रवेश के दौरान भाजपा सांसदों के प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले ही झारखंड के छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं। प्रियंका ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में इस मुद्दे पर बयान देने की माँग दोहराई और तंज कसते हुए कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने सत्ता पक्ष के सांसदों को प्रदर्शन करते देखा है।
संसद में हंगामा और व्यापक राजनीतिक संदर्भ
मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित हो चुकी है। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष नीट पेपर लीक, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता जैसे मुद्दे उठा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में छात्र असंतोष तेज़ी से राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है।
आगे क्या होगा
भाजपा ने माँग की है कि अगर कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ खड़ी है तो उसे झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए। फिलहाल झारखंड में छात्र आंदोलन जारी है और JPSC-JSSC परीक्षाओं में सुधार की माँग पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। यह विवाद आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक तनाव बढ़ा सकता है।