फीफा वर्ल्ड कप 2026: मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से रौंदा, क्विनोनेस और जिमेनेज रहे हीरो
सारांश
मुख्य बातें
फीफा विश्व कप 2026 का पहला मुकाबला मेज़बान मेक्सिको के नाम रहा, जिसने 12 जून को एज्टेका स्टेडियम में घरेलू दर्शकों के उत्साह के बीच साउथ अफ्रीका को 2-0 से पराजित कर टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की। जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज के गोलों ने मेक्सिको की इस ऐतिहासिक जीत को सुनिश्चित किया।
मुख्य घटनाक्रम
मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको ने गेंद पर पकड़ बनाए रखी और साउथ अफ्रीका के रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव डाला। जूलियन क्विनोनेस ने न केवल मेक्सिको का, बल्कि पूरे फीफा विश्व कप 2026 का पहला गोल दागकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। उनकी तेज़ रफ्तार और चतुर मूवमेंट ने साउथ अफ्रीकी डिफेंडरों को पूरे पहले हाफ में परेशान किए रखा। हाफटाइम तक मेक्सिको 1-0 की बढ़त के साथ था।
रेड कार्ड से पलटा पासा
दूसरे हाफ की शुरुआत में साउथ अफ्रीका को बड़ा झटका लगा जब खिलाड़ी याया सिथोल ने गोल की ओर बढ़ रहे ब्रायन गुटिरेज को फाउल करते हुए गिरा दिया और रेफरी ने तत्काल उन्हें रेड कार्ड दिखा दिया। इससे साउथ अफ्रीका को शेष मैच 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। संख्यात्मक बढ़त का फायदा उठाते हुए अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया।
साउथ अफ्रीका की मुश्किलें और बढ़ीं
मुसीबत यहीं नहीं रुकी — साउथ अफ्रीका के थेम्बा जवाने को हिंसक आचरण के कारण एक और रेड कार्ड दिखाया गया, जिससे टीम महज़ 9 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर रह गई। इतनी कम संख्या में वापसी करना व्यावहारिक रूप से असंभव था।
मेक्सिको को भी मिला झटका
मैच के अंतिम क्षणों में मेक्सिको के डिफेंडर सीजर मोंटेस को एक लापरवाह चुनौती के चलते रेड कार्ड दिखाया गया। हालाँकि, तब तक मैच का नतीजा तय हो चुका था और मेक्सिको ने 2-0 की जीत दर्ज की।
आगे क्या
यह जीत मेक्सिको के लिए ग्रुप चरण में मज़बूत शुरुआत है। क्विनोनेस की ऐतिहासिक गोलस्कोरिंग और जिमेनेज की अनुभवी फिनिशिंग ने संकेत दिया है कि मेज़बान टीम इस टूर्नामेंट में एक गंभीर दावेदार हो सकती है। साउथ अफ्रीका को अगले मैचों में अनुशासन और रक्षापंक्ति दोनों पर काम करना होगा।