फीफा विश्व कप 2026: मेक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से रौंदा, 1986 के बाद पहली नॉकआउट जीत
सारांश
मुख्य बातें
फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में सह-मेजबान मेक्सिको ने 1 जुलाई को मेक्सिको सिटी स्टेडियम में इक्वाडोर को 2-0 से पराजित कर 40 वर्षों के नॉकआउट सूखे को समाप्त किया। जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज ने पहले हाफ में गोल दागकर टीम की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की।
मुख्य घटनाक्रम
खराब मौसम के कारण यह मुकाबला एक घंटे की देरी से शुरू हुआ, लेकिन मेक्सिको की आक्रामकता पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। पहले 15 मिनट में ही गिलबर्टो मोरा, लुइस रोमो और राउल जिमेनेज ने कई खतरनाक मौके बनाए। 18वें मिनट में इक्वाडोर के जॉन येबोआ का शॉट पोस्ट से टकराकर बाहर चला गया।
22वें मिनट में रॉबर्टो अल्वाराडो के शानदार पास पर क्विनोनेस अपने ही हाफ से दौड़ते हुए आगे बढ़े और पेनल्टी बॉक्स के भीतर से जोरदार शॉट लगाकर इक्वाडोर के गोलकीपर हर्नान गालिंडेज को कोई मौका नहीं दिया — 1-0। इसके बाद पहले हाफ के 30वें मिनट के बाद क्विनोनेस के सटीक पास पर जिमेनेज ने दूसरा गोल ठोककर बढ़त 2-0 कर दी।
रक्षा पंक्ति की दीवार
दूसरे हाफ में इक्वाडोर ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखने की कोशिश की, लेकिन सीजर मोंटेस और जोहान वास्केज की मजबूत रक्षा पंक्ति ने उसे कोई सफलता नहीं मिलने दी। गोलकीपर राउल रेंगल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगातार चौथे मैच में क्लीन शीट हासिल की — टूर्नामेंट में अब तक एक भी गोल नहीं खाया।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह 1986 के बाद मेक्सिको का पहला विश्व कप नॉकआउट मुकाबला था। उल्लेखनीय है कि उस साल भी मेक्सिको मेजबान था और उसने बुल्गारिया को 2-0 से हराया था — ठीक वही स्कोरलाइन जो इस बार इक्वाडोर के खिलाफ रही। इस तरह मेक्सिको ने इतिहास दोहरा दिया।
इसके अलावा, मेक्सिको 1990 में इटली के बाद पहला मेजबान देश बन गया है जिसने विश्व कप के अपने शुरुआती चारों मैच जीते हों।
युवा रिकॉर्ड
गिलबर्टो मोरा (17 साल और 259 दिन) विश्व कप नॉकआउट चरण में मैच शुरू करने वाले पेले के बाद दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बने। पेले 1958 में वेल्स के खिलाफ ब्राज़ील के लिए खेलते समय 17 साल और 239 दिन के थे।
क्विनोनेस का संदेश
'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए जूलियन क्विनोनेस ने कहा, 'आज सबसे बड़ी बात हमारी टीमवर्क रही। कोई खिलाड़ी तभी चमक सकता है, जब पूरी टीम अच्छा प्रदर्शन करे। हमें लगातार लड़ते रहना है — जिंदगी भी यही सिखाती है।'
आगे क्या
मेक्सिको की टीम अब 6 जुलाई को मेक्सिको सिटी स्टेडियम में इंग्लैंड और कांगो डीआर के बीच होने वाले राउंड ऑफ-32 मुकाबले की विजेता टीम से भिड़ेगी। घरेलू दर्शकों के सामने क्वार्टर फाइनल की दौड़ में मेक्सिको का इरादा साफ दिख रहा है।