फीफा वर्ल्ड कप 2026: कार्लोस क्विरोज का घाना कोच पद से इस्तीफा, जॉर्डन ने भी जमाल सेलामी से अलग होने का फैसला किया
सारांश
मुख्य बातें
कार्लोस क्विरोज ने 6 जुलाई 2026 को घाना के हेड कोच पद से इस्तीफा दे दिया — यह फैसला फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में कोलंबिया के खिलाफ 0-1 की हार के बाद आया। इसी दिन जॉर्डन फुटबॉल एसोसिएशन ने भी अपने मुख्य कोच जमाल सेलामी से अलग होने की घोषणा की।
क्विरोज का कार्यकाल और विदाई
73 वर्षीय पुर्तगाली कोच क्विरोज को 2026 फीफा विश्व कप शुरू होने से लगभग 10 सप्ताह पहले चार महीने के अनुबंध पर घाना फुटबॉल एसोसिएशन ने ओटो एडो की जगह नियुक्त किया था। उनके कार्यकाल में घाना ने कुल पाँच मैच खेले — एक जीत, दो ड्रॉ और दो हार — और टीम ने तीन गोल किए तथा तीन गोल खाए।
क्विरोज ने अपने फेसबुक पर लिखे विदाई संदेश में कहा, 'फुटबॉल हमें हमेशा सिखाता है कि या तो आप जीतते हैं या फिर कुछ सीखते हैं। मैं इस सफर को गर्व के साथ छोड़ रहा हूँ। हमने जो हासिल किया, उस पर खुशी है, लेकिन हमेशा और बेहतर करने की चाह भी बनी रही।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी ऊँचे स्तर तक पहुँचना अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि उससे भी बड़े सपनों की शुरुआत होनी चाहिए।
घाना के भविष्य पर क्विरोज का नज़रिया
क्विरोज का मानना है कि घाना की दीर्घकालिक सफलता सिर्फ मैदान पर अच्छे प्रदर्शन से नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों को बेहतर माहौल, सही प्रशिक्षण और मज़बूत विकास प्रणाली देने से आएगी। यह टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब घाना की टीम पिछले कुछ विश्व कप में अपेक्षित प्रदर्शन से चूकती रही है।
जॉर्डन का जमाल सेलामी से अलगाव
जॉर्डन फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रिंस अली बिन अल हुसैन ने एक्स पर पोस्ट कर जमाल सेलामी से अलग होने की पुष्टि की। उन्होंने लिखा, 'हम आपकी मेहनत और समर्पण के लिए आभारी हैं। आपने जॉर्डन को पहली बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई कराने में अहम भूमिका निभाई। आपकी ईमानदारी, प्रोफेशनलिज़्म और नेतृत्व को हमेशा याद रखा जाएगा।'
मोरक्को के जमाल सेलामी ने 2024 में हुसैन अम्मौता के जाने के बाद जॉर्डन टीम की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में जॉर्डन ने ओमान को 3-0 से हराकर पहली बार फीफा विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया — 9 असफल प्रयासों के बाद यह ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
आगे क्या होगा
घाना और जॉर्डन दोनों फुटबॉल संघ अब नए कोच की तलाश में हैं। गौरतलब है कि विश्व कप के बाद कोचिंग बदलाव अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन दोनों टीमों के लिए यह बदलाव अगले विश्व कप चक्र की तैयारी की दृष्टि से निर्णायक साबित होगा।