15 अगस्त 2026
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80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का 13वाँ ध्वजारोहण, भाषण रिकॉर्ड तोड़ने की भी संभावना

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का 13वाँ ध्वजारोहण, भाषण रिकॉर्ड तोड़ने की भी संभावना

सारांश

2026 प्रधानमंत्री मोदी के रिकॉर्डों का वर्ष बन चुका है — जून में सबसे लंबे निर्वाचित कार्यकाल का कीर्तिमान, अब 15 अगस्त को 13वाँ ध्वजारोहण और 103 मिनट के भाषण रिकॉर्ड को पार करने की संभावना। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगाँठ इस समारोह को और ऐतिहासिक बनाती है।

मुख्य बातें

PM मोदी 15 अगस्त 2026 को लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
10 जून 2026 को मोदी ने 4,399 दिन के निरंतर कार्यकाल के साथ जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
15 अगस्त 2025 को दिए गए 103 मिनट के भाषण को पार करने पर मोदी स्वतंत्रता दिवस के सबसे लंबे भाषण का नया रिकॉर्ड बनाएंगे।
लाल किले पर लगातार ध्वजारोहण में जवाहरलाल नेहरू 17 बार के साथ अभी भी शीर्ष पर हैं।
वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर इस बार लाल किले से पहली बार विशेष सामूहिक गायन होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे — और इस बार का समारोह केवल परंपरा नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्डों का संगम है। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर उनके सामने लगातार ध्वजारोहण, सबसे लंबे भाषण और निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवाकाल — तीनों मोर्चों पर इतिहास दर्ज करने का अवसर है।

2026: रिकॉर्डों का वर्ष

साल 2026 प्रधानमंत्री मोदी के लिए असाधारण रहा है। 10 जून 2026 को उन्होंने लगातार 4,399 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहकर जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के निरंतर कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि उन्हें स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित करती है।

लाल किले से 13वाँ ध्वजारोहण

15 अगस्त 2025 को 12वीं बार तिरंगा फहराकर मोदी ने इंदिरा गांधी के लगातार 11 बार लाल किले से ध्वजारोहण के रिकॉर्ड को पार किया था। अब 2026 में 13वीं बार ध्वजारोहण के साथ वे इस अंतर को और बढ़ाएंगे। गौरतलब है कि लाल किले पर लगातार ध्वजारोहण के समग्र रिकॉर्ड में जवाहरलाल नेहरू अभी भी 17 बार के साथ सबसे आगे हैं।

भाषण रिकॉर्ड: 103 मिनट से आगे जाने की संभावना

15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने 103 मिनट का संबोधन देकर न केवल अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ा — जो 2024 में करीब 98 मिनट का था — बल्कि किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अब तक का सबसे लंबा भाषण भी दर्ज किया। यदि इस वर्ष वे 103 मिनट से अधिक बोलते हैं, तो यह रिकॉर्ड एक बार फिर नए शिखर पर पहुँचेगा।

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगाँठ: समारोह में एक और ऐतिहासिक क्षण

इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह एक और दृष्टि से विशेष है। 2026 में वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम का विशेष सामूहिक गायन होगा — जो इस आयोजन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

समारोह की रूपरेखा और आगे की दिशा

परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री को इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस के जवानों की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद वे लाल किले की प्राचीर पर पहुँचकर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इस बार के संबोधन में युवाशक्ति और विकसित भारत 2047 पर विशेष जोर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। यह समारोह महज एक वार्षिक अनुष्ठान नहीं — यह उस राजनीतिक और ऐतिहासिक आख्यान का मंच है जिसे 2026 ने आकार दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज एक सवाल अक्सर छोड़ देती है — क्या भाषण की अवधि और ध्वजारोहण की संख्या शासन की गुणवत्ता के पैमाने हैं? नेहरू के 17 ध्वजारोहण और मोदी के 13 के बीच की तुलना संख्यात्मक है, राजनीतिक नहीं; फिर भी इसे जिस तरह प्रस्तुत किया जाता है, उसमें एक अंतर्निहित श्रेणीक्रम बनता है। वंदे मातरम के 150 वर्षों का उत्सव सांस्कृतिक दृष्टि से सार्थक है, परंतु 'विकसित भारत 2047' जैसे बड़े लक्ष्यों की ओर ठोस नीतिगत घोषणाओं की प्रतीक्षा जनता को रहेगी — रिकॉर्डों की नहीं।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी 15 अगस्त 2026 को कौन-सा रिकॉर्ड बनाएंगे?
मोदी इस बार लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, जो इंदिरा गांधी के 11 बार के रिकॉर्ड से काफी आगे है। साथ ही यदि वे 103 मिनट से अधिक बोलते हैं, तो स्वतंत्रता दिवस के सबसे लंबे प्रधानमंत्री भाषण का नया रिकॉर्ड भी उनके नाम होगा।
मोदी ने सबसे लंबे निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड कब बनाया?
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 4,399 दिन पद पर रहकर जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के निरंतर कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। यह उन्हें स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाला निर्वाचित प्रधानमंत्री बनाता है।
लाल किले से सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड किसके नाम है?
फिलहाल यह रिकॉर्ड प्रधानमंत्री मोदी के नाम है, जिन्होंने 15 अगस्त 2025 को 103 मिनट का संबोधन दिया था। इससे पहले 2024 में उन्होंने करीब 98 मिनट बोला था।
लाल किले से सबसे ज़्यादा बार ध्वजारोहण किसने किया है?
जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले से लगातार 17 बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया है और वे इस मामले में अभी भी शीर्ष पर हैं। मोदी 2026 में 13वीं बार ध्वजारोहण के साथ इस आँकड़े के करीब पहुँचेंगे।
2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम क्यों खास है?
2026 में वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम का विशेष सामूहिक गायन आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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