लाल किले से मोदी का लगातार 13वाँ संबोधन, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर गैर-कांग्रेसी PM का नया रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया — यह लगातार उनका 13वाँ ऐसा संबोधन है, जिसने उन्हें किसी भी गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री द्वारा सर्वाधिक बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस भाषण देने का नया कीर्तिमान दिलाया। 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से मोदी ने इस परंपरा को अखंड रूप से निभाया है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड और समारोह का आगाज़
समारोह की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया, जिसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। इस अवसर पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जिसने समारोह को विशेष भव्यता प्रदान की। यह ऐसे समय में आया है जब देश अपनी आज़ादी के 8 दशक पूरे कर चुका है और 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प की ओर अग्रसर है।
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगाँठ का विशेष उत्सव
इस वर्ष के समारोह की एक विशेष पहचान रही — राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव। इस ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले पर पहली बार बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन किया। एनसीसी कैडेट और 'माई भारत' के स्वयंसेवकों ने इस गायन में प्रमुख भूमिका निभाई। गौरतलब है कि राष्ट्रीय गीत का यह सामूहिक आयोजन लाल किले के इतिहास में पहली बार इस पैमाने पर हुआ।
युवा शक्ति और विकसित भारत 2047 का विज़न
इस वर्ष के समारोह में 'युवा शक्ति' को केंद्र में रखा गया। देश के युवाओं की ऊर्जा, आकांक्षाओं और योगदान को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य के विज़न को रेखांकित किया। यह Nवीं बार है जब स्वतंत्रता दिवस भाषण में युवाओं की भूमिका को राष्ट्रीय विकास की धुरी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
राष्ट्रीय विरासत और भविष्य का संगम
80वें स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन 'वंदे मातरम' की डेढ़ सौ साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत को देश की युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं से जोड़ने का प्रयास था। समारोह ने यह संदेश दिया कि स्वाधीनता की जड़ें जितनी गहरी हैं, 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प उतना ही दृढ़ है। आने वाले समय में 'विकसित भारत' की रूपरेखा और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।