PM मोदी ने लाल किले पर 13वीं बार फहराया तिरंगा, एक्स पर साझा की यादगार तस्वीरें
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। समारोह के बाद उन्होंने बच्चों से मुलाकात की और कार्यक्रम की तस्वीरें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए राष्ट्र को शुभकामनाएँ दीं।
एक्स पर पीएम का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने तस्वीरें पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा, 'लाल किले पर एक यादगार स्वतंत्रता दिवस! यह दिन हमें उन लोगों के साहस और बलिदान की याद दिलाता है जिन्होंने हमें आजादी दिलाई। साथ ही, यह विकसित भारत के निर्माण के प्रति हमारे संकल्प को और मजबूत करने का भी दिन है। तिरंगा हमें हमेशा हर चुनौती से ऊपर उठने, एकता के बंधन को मजबूत करने और खुद को राष्ट्र के प्रति समर्पित करने के लिए प्रेरित करता रहे।'
संबोधन के मुख्य बिंदु
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक वृद्धि, महिलाओं की भागीदारी, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास की गति बनाए रखने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, '80 साल बाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गाया गया। हम 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में काम करेंगे — यह 140 करोड़ से ज़्यादा देशवासियों की सामूहिक आवाज़ है।'
डिजिटल और बुनियादी ढाँचे की उपलब्धियाँ
मोदी ने पिछले एक दशक की उपलब्धियाँ गिनाते हुए बताया कि इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और उपभोक्ताओं की संख्या में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डिजिटल लेनदेन 100 फीसदी बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि हर साल सीधे पानी की आपूर्ति और गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जो देश के विकसित भारत की राह पर होने का प्रमाण है।
पाइप गैस नेटवर्क का विस्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले देश में केवल 70 शहरों में पाइप से गैस वितरण की व्यवस्था थी, जिसे पिछले 12 वर्षों में बढ़ाकर 700 शहरों तक पहुँचाया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों में पाइप से गैस पहुँचती थी, वहीं आज पौने दो करोड़ घरों में यह सुविधा उपलब्ध है। यह विस्तार सरकार की आत्मनिर्भरता और जन-केंद्रित विकास की नीति का प्रतिबिंब बताया जा रहा है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह समारोह ऐसे समय में हुआ जब भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अपने मध्यकालीन पड़ाव पर है। प्रधानमंत्री के संबोधन में डिजिटल, ऊर्जा और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में आगामी नीतिगत प्राथमिकताओं के संकेत मिलते हैं।