15 अगस्त 2026
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स्वतंत्रता दिवस 2026: मोदी का ऐलान — 2.5 लाख+ स्टार्टअप, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण 7 गुना, मोबाइल उत्पादन 35 गुना बढ़ा

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स्वतंत्रता दिवस 2026: मोदी का ऐलान — 2.5 लाख+ स्टार्टअप, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण 7 गुना, मोबाइल उत्पादन 35 गुना बढ़ा

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से मोदी का संबोधन महज़ उपलब्धियों की सूची नहीं था — यह 'विकसित भारत 2047' की दिशा में एक बहु-आयामी दांव था। स्टार्टअप, AI, क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु ऊर्जा और समुद्री संसाधन — हर मोर्चे पर बड़े लक्ष्य, बड़े फंड और बड़े वादे।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले से देश में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप होने की जानकारी दी।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण 7 गुना , मोबाइल फोन उत्पादन 35 गुना और रेलवे कोच उत्पादन 21 गुना बढ़ा।
सरकार ने ₹1 लाख करोड़ के इनोवेशन फंड और 1 करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण देने की घोषणा की।
समुद्र मंथन पहल के लिए ₹85,000 करोड़ आवंटित; 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य।
सौर ऊर्जा क्षमता 2 गीगावाट से बढ़कर 160 गीगावाट ; पाइप्ड गैस 70 शहरों से 700 शहरों तक पहुँची।
डिजिटल लेनदेन 100 गुना , इंटरनेट उपयोगकर्ता और पेटेंट दोनों चार गुना बढ़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का व्यापक लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि देश में अब 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण 7 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 35 गुना बढ़ चुका है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक देश की प्रगति के केंद्रीय स्तंभ बनेंगे।

स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम

मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया पहल ने युवाओं में उद्यमिता की नई लहर पैदा की है और आज भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप हब में शामिल है। इस पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त करने के लिए सरकार ने ₹1 लाख करोड़ के इनोवेशन फंड की घोषणा की है, जो नए विचारों, अनुसंधान और तकनीकी विकास को सीधे समर्थन देगा। गौरतलब है कि यह फंड ऐसे समय में घोषित हुआ है जब वैश्विक स्तर पर उभरती अर्थव्यवस्थाएँ अपने नवाचार ढाँचे को मज़बूत करने की होड़ में हैं।

एआई, 6जी और डिजिटल नेतृत्व का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को केवल वैश्विक बाज़ार नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में वैश्विक नवाचार केंद्र बनना है। उन्होंने अगली पीढ़ी की संचार तकनीक, विशेष रूप से 6जी, में भारत के नेतृत्व पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि सरकार अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI से जुड़ी स्किल्स का प्रशिक्षण देगी, ताकि भारतीय युवा वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकें।

क्रिटिकल मिनरल्स और समुद्री संसाधन

मोदी ने बताया कि सरकार ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन शुरू किया है और केंद्रीय बजट में क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर की घोषणा की गई है। भारत इस क्षेत्र में विभिन्न देशों के साथ समझौते कर रहा है। समुद्री संसाधनों की खोज के लिए पिछले वर्ष घोषित 'समुद्र मंथन' पहल को गति देने हेतु हाल ही में ₹85,000 करोड़ आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले देश के लगभग 99 प्रतिशत तटीय क्षेत्रों को संसाधन खोज के लिए प्रतिबंधित माना जाता था, जिसे अब बदला जा रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा

ऊर्जा सुरक्षा को समय की सबसे बड़ी ज़रूरत बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि AI, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसी तकनीकों के विस्तार के साथ ऊर्जा माँग तेज़ी से बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। संसद द्वारा शांति अधिनियम पारित होने के बाद इस क्षेत्र में नए निजी अवसर खुले हैं। सौर ऊर्जा के मोर्चे पर मोदी ने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले भारत की सौर क्षमता मात्र 2 गीगावाट थी, जो अब 160 गीगावाट तक पहुँच चुकी है। पाइप्ड नेचुरल गैस की पहुँच 70 शहरों से बढ़कर 700 शहरों तक और लाभार्थी परिवार 20-22 लाख से बढ़कर लगभग 1.75 करोड़ हो गए हैं।

विनिर्माण और डिजिटल क्षेत्र की उपलब्धियाँ

मोदी ने विनिर्माण क्षेत्र की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि मोबाइल फोन निर्माण 35 गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण 7 गुना और आधुनिक रेलवे कोचों का उत्पादन 21 गुना बढ़ चुका है। डिजिटल क्षेत्र में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या चार गुना, पेटेंट चार गुना और डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़े हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति शृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में है। प्रधानमंत्री ने स्किल इंडिया मिशन, राष्ट्रीय ड्रोन नीति, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को युवाओं के लिए अवसर-निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। आने वाले वर्षों में नवाचार, तकनीक और आत्मनिर्भरता के सहारे भारत के विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में यह संबोधन एक नई नीतिगत दिशा का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

7 गुना, 100 गुना — लेकिन ये तुलनाएँ आधार-वर्ष के बारे में मौन हैं, जो कि अक्सर बेहद निम्न था। मोबाइल निर्माण में उछाल वास्तविक है, लेकिन भारत अभी भी मुख्यतः असेंबली हब है, न कि डिज़ाइन और चिप-निर्माण केंद्र — यह अंतर नीतिगत दस्तावेज़ों में प्रायः धुंधला कर दिया जाता है। ₹1 लाख करोड़ का इनोवेशन फंड और 1 करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण महत्वाकांक्षी हैं, परंतु क्रियान्वयन का ढाँचा और स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है। असली कसौटी यह होगी कि ये घोषणाएँ बजटीय आवंटन और सत्यापन-योग्य रोज़गार परिणामों में कितनी तब्दील होती हैं।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर स्टार्टअप के बारे में क्या कहा?
मोदी ने बताया कि भारत में अब 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं, जो रोज़गार सृजन और नवाचार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही सरकार ने ₹1 लाख करोड़ के इनोवेशन फंड की घोषणा की है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण कितना बढ़ा है?
PM मोदी के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण 7 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 35 गुना बढ़ा है। इसी अवधि में आधुनिक रेलवे कोचों का उत्पादन भी 21 गुना बढ़ा है।
सरकार ने AI प्रशिक्षण के लिए क्या घोषणा की है?
सरकार ने अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी स्किल्स का प्रशिक्षण देने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को वैश्विक AI अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धी बनाना है।
समुद्र मंथन पहल क्या है और इसके लिए कितना बजट आवंटित किया गया है?
समुद्र मंथन पिछले वर्ष घोषित भारत सरकार की समुद्री संसाधन खोज पहल है, जिसके तहत समुद्र के भीतर मौजूद खनिज और ऊर्जा संसाधनों का दोहन किया जाएगा। इसे गति देने के लिए हाल ही में ₹85,000 करोड़ आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।
भारत का परमाणु ऊर्जा लक्ष्य क्या है और सौर ऊर्जा में कितनी प्रगति हुई है?
भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सौर ऊर्जा के मोर्चे पर क्षमता लगभग 12 वर्षों में 2 गीगावाट से बढ़कर 160 गीगावाट तक पहुँच चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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