80वें स्वतंत्रता दिवस पर मोदी का युवाओं को संदेश: 1 करोड़ को AI ट्रेनिंग, 2.5 लाख स्टार्टअप का जिक्र
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिए अपने संबोधन में युवाओं और 'विकसित भारत 2047' को केंद्र में रखा। उनके भाषण में 'विकसित भारत 2047', 'वंदे मातरम', 'आत्मनिर्भरता', 'युवा शक्ति' और 'संकल्प' जैसे शब्द सर्वाधिक बार दोहराए गए। सबसे बड़ी घोषणा के रूप में उन्होंने आने वाले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने का संकल्प लिया।
भाषण के प्रमुख शब्द और थीम
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 'विकसित भारत 2047' को बार-बार दोहराते हुए स्पष्ट किया कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना देश का सर्वोच्च लक्ष्य है। इस वर्ष राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पहली बार लाल किले पर इसे पूर्ण रूप से गाया गया, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक क्षण बताया।
'आत्मनिर्भरता' का उल्लेख करते हुए मोदी ने सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती स्वनिर्भरता को रेखांकित किया। उन्होंने 'शक्ति की सप्त धारा' और 'बड़ा सोचो, बड़ा संकल्प लो' जैसे वाक्यांशों से युवाओं को प्रेरित किया।
युवाओं को सीधा संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं की भूमिका को 'विकसित भारत' की यात्रा की सबसे बड़ी प्रेरणाशक्ति बताते हुए कहा, "मेरे प्यारे देशवासियों, जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, जब मैं देश को तेज रफ्तार से आगे बढ़ाने की बात करता हूं तो इसका सबसे बड़ा लाभार्थी कौन है? अगर कोई प्रेरणा शक्ति है, तो वो मेरे देश के युवा हैं। विकसित भारत की यात्रा में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है।"
उन्होंने 'युवा शक्ति फॉर विकसित भारत' का आह्वान करते हुए युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित किया। मोदी ने कहा, "2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं। युवा इस दिशा में काम कर रहे हैं और नौकरियां भी बना रहे हैं। सरकार ने 1 लाख करोड़ का फंड घोषित किया है। मैं उनसे कहना चाहता हूं, सपने लेकर आइए, हम आपको किसी संसाधन की कमी महसूस नहीं होने देंगे।"
AI ट्रेनिंग और डिजिटल इंडिया की घोषणाएँ
हाल ही में आयोजित AI समिट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने लाल किले से ऐलान किया, "हमने संकल्प लिया है कि आने वाले एक साल में हम 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने का काम करेंगे ताकि हमारे देश के युवा AI के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखें।" साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही गई।
डिजिटल प्रगति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में इंटरनेट सबसे सस्ता है, जो डिजिटल समावेश की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
शिक्षा और स्टार्टअप पर आँकड़े
उच्च शिक्षा के विस्तार पर प्रधानमंत्री ने तुलनात्मक आँकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा, "मैं आपको 2004 से 2014 तक का डेटा देना चाहता हूं। तब 350 से भी कम विश्वविद्यालय थे। आज हमारे पास 650 नए विश्वविद्यालय हैं। हम लगभग 1,000 के करीब पहुंच रहे हैं।"
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में शामिल है और AI तथा तकनीक क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। देश में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप के सक्रिय होने का आँकड़ा उद्यमशीलता की बढ़ती संस्कृति को दर्शाता है।
आगे की राह
प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद AI स्किलिंग कार्यक्रम और ऑनलाइन कोचिंग योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा सामने आना बाकी है। ₹1 लाख करोड़ के स्टार्टअप फंड के उपयोग और वितरण की विस्तृत जानकारी भी अपेक्षित है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इन घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन निर्णायक होगा।