सौरभ भारद्वाज ने एलजी और पुलिस कमिश्नर को शिकायत भेजी, एसीपी निर्मल और एसएचओ पर FIR की माँग
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 29 सितंबर 2026 को दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपकर विकासपुरी के एसीपी निर्मल, थाना विकासपुरी के एसएचओ घनश्याम किशोर तथा अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की माँग की है। उन्होंने 27 सितंबर की रात हुई कथित पुलिस कार्रवाई को आधार बनाते हुए यह शिकायत दायर की है, जिसमें महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि ये सभी आरोप भारद्वाज की एकतरफा शिकायत पर आधारित हैं और संबंधित पक्षों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
मुख्य घटनाक्रम
भारद्वाज के अनुसार, 27 सितंबर की दोपहर साहिब सिंह नामक 22 वर्षीय युवक मनोहर नगर गुरुद्वारे के पास आउटर रिंग रोड पर पीडब्ल्यूडी (PWD) के सड़क निर्माण से जुड़े कथित भ्रष्टाचार का वीडियो बना रहा था। उनका आरोप है कि युवक ने मंत्री प्रवेश वर्मा और तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह के बीच की बातचीत रिकॉर्ड की थी। भारद्वाज ने दावा किया कि इसके बाद प्रवेश वर्मा ने कथित तौर पर युवक पर हमला किया, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और वीडियो में मौजूद कथित साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया गया तथा युवक को धमकाया गया।
गौरतलब है कि इन आरोपों पर मंत्री प्रवेश वर्मा या पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
डीसीपी कार्यालय के बाहर कथित पुलिस बल प्रयोग
भारद्वाज ने बताया कि पुलिस से सहयोग न मिलने पर वे साहिब सिंह, विधायक जरनैल सिंह, स्थानीय निवासियों, पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रात लगभग 8:40 बजे डीसीपी कार्यालय पहुँचे। उनके अनुसार, रात करीब 9:40 बजे कार्यालय के पास भारी बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेड के पास बैठ गए।
भारद्वाज का दावा है कि रात करीब 10 बजे एसएचओ घनश्याम किशोर, एसीपी निर्मल और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों तथा अर्धसैनिक बल के जवानों ने शांतिपूर्वक बैठे कार्यकर्ताओं को हटाने के दौरान बल प्रयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट हुई।
महिला हिरासत और कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप
भारद्वाज ने शिकायत में आरोप लगाया कि महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और महिलाओं को देर रात जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया, जहाँ उन्हें आधी रात के बाद तक रखा गया। उन्होंने सीआरपीसी की धारा 46(4) और बीएनएसएस की धारा 43(6) का हवाला देते हुए कहा कि देर रात महिलाओं की गिरफ्तारी और उन्हें थाने ले जाने में निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका मेडिकल-लीगल परीक्षण (MLC) कराने से इनकार किया। भारद्वाज ने कहा कि वे अब भी मेडिकल जाँच कराने को तैयार हैं ताकि शारीरिक हमले के आरोपों की पुष्टि हो सके।
सरकार और पुलिस से माँग
भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मंत्री प्रवेश वर्मा, उनके साथियों, एसएचओ घनश्याम किशोर, एसीपी निर्मल तथा कथित कार्रवाई में शामिल अन्य पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर निष्पक्ष, त्वरित और पारदर्शी जाँच कराने की माँग की है। उन्होंने कहा कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर उपलब्ध है और वे जाँच एजेंसी को बिना संपादन का पूरा फुटेज देने को तैयार हैं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में AAP और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। स्थानीय स्तर पर शिकायत पर कार्रवाई न होने का हवाला देते हुए भारद्वाज ने सीधे पुलिस कमिश्नर को शिकायत भेजी है। आगे की कार्रवाई और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी हैं।