तिलक नगर ₹23 करोड़ सड़क टेंडर घोटाला: AAP के सौरभ भारद्वाज ने ACB में दर्ज कराई शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने 30 सितंबर 2026 को एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) का दरवाज़ा खटखटाया और नई दिल्ली के तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) के ₹23 करोड़ के सड़क टेंडर में कथित भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनके साथ AAP नेता जरनैल सिंह और संजीव झा भी मौजूद थे।
मुख्य आरोप: सड़क मानकों की खुली अनदेखी
भारद्वाज ने ACB के DCP से मुलाकात के बाद संवाददाताओं को बताया, 'PWD का ₹23 करोड़ का टेंडर जारी हुआ, जिसमें तय मानकों के अनुसार मोटी सड़क बनाई जानी थी। सबने देखा कि मानक पूरे नहीं हुए — सड़क हाथ से भी उखड़ रही है।' उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की माँग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह और विधायक जरनैल सिंह के साथ तिलक नगर की उस नवनिर्मित सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया था और कथित अनियमितताओं की जाँच की माँग उठाई थी।
मंत्री पर गंभीर आरोप
भारद्वाज ने दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, साहिब नाम का एक 22 वर्षीय युवक सड़क की दयनीय स्थिति को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर रहा था, जब मंत्री वर्मा वहाँ उपस्थित थे।
भारद्वाज ने आरोप लगाया, 'मंत्री ने लड़के के हाथ से फोन छीन लिया और उसे थप्पड़ मारा।' उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री ने जवाबदेही तय करने या जाँच का आश्वासन देने के बजाय विभाग और निर्माण कार्य का बचाव किया। AAP नेता का दावा है कि इन कृत्यों से भ्रष्टाचार से संबंधित साक्ष्य मिटाने और आपराधिक धमकी जैसे मामले बनते हैं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस पहले ही मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ उक्त घटना में नॉन-कॉग्निज़ेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज कर चुकी है।
AAP नेताओं पर भी FIR
मामला केवल एकतरफा नहीं है। दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के तिलक नगर दौरे के दौरान एक पुलिसकर्मी के साथ कथित मारपीट के मामले में सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह, साहिब सिंह और अन्य AAP कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार सादे कपड़ों में वीडियोग्राफी ड्यूटी पर तैनात थे, जब कथित तौर पर AAP समर्थकों ने उन्हें घेरकर मारपीट की। घटना के बाद उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। इस मामले में सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य निर्वहन से रोकने और मारपीट से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जरनैल सिंह के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा के आरोप में अलग एफआईआर भी दर्ज हुई है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब AAP और दिल्ली सरकार के बीच राजधानी में बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है। तिलक नगर सड़क विवाद ने PWD के टेंडर प्रक्रिया और निर्माण की गुणवत्ता जाँच पर बहस को नई धार दी है।
भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस द्वारा उनकी माँग के अनुसार FIR दर्ज न किए जाने के बाद ही AAP ने ACB का रुख किया। उनका कहना है, 'हम चुप नहीं बैठेंगे।'
आगे क्या होगा
अब सारा दारोमदार ACB की प्रारंभिक जाँच पर है — क्या वह भारद्वाज की शिकायत पर संज्ञान लेती है और ₹23 करोड़ के टेंडर में कथित अनियमितताओं की विधिवत जाँच शुरू करती है। इस मामले में दोनों पक्षों पर आपराधिक शिकायतें लंबित हैं, जो इसे महज़ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे एक कानूनी लड़ाई में तब्दील कर देती हैं।