29 सितंबर 2026
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तिलक नगर में हेड कॉन्स्टेबल से मारपीट: सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह समेत 'आप' नेताओं पर एफआईआर

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तिलक नगर में हेड कॉन्स्टेबल से मारपीट: सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह समेत 'आप' नेताओं पर एफआईआर

सारांश

तिलक नगर में केजरीवाल के दौरे के दौरान सादे कपड़ों में ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार से कथित मारपीट पर AAP के सौरभ भारद्वाज और जरनैल सिंह समेत कई कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज। एक ही दिन में दोनों पक्षों पर कानूनी कार्रवाई से दिल्ली की राजनीति में नया तूफान।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 29 सितंबर को AAP नेता सौरभ भारद्वाज , जरनैल सिंह , साहिब सिंह और पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार तिलक नगर में सादे कपड़ों में वीडियोग्राफी ड्यूटी पर थे, जब कथित तौर पर उनसे मारपीट की गई।
मामले में सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने और सरकारी अधिकारी से मारपीट की धाराएँ लगाई गई हैं।
दिल्ली मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ एक युवक को कथित थप्पड़ मारने पर नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज।
अरविंद केजरीवाल ने नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और प्रवेश वर्मा की बर्खास्तगी व गिरफ्तारी की माँग की।

दिल्ली पुलिस ने 29 सितंबर को आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह, साहिब सिंह और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला तिलक नगर में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल के दौरे के दौरान सादे कपड़ों में ड्यूटी कर रहे हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। मामले में सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने और सरकारी अधिकारी के साथ मारपीट करने से संबंधित धाराएँ लगाई गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को अरविंद केजरीवाल तिलक नगर का दौरा करने पहुँचे, जहाँ वे नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता की जाँच करने गए थे। इस दौरान सादे कपड़ों में वीडियोग्राफी की ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार को कथित तौर पर AAP समर्थकों की भीड़ ने घेर लिया और उनके साथ मारपीट की गई।

पुलिस के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल घटनास्थल की कार्यवाही रिकॉर्ड कर रहे थे, जब उन्हें कथित तौर पर निशाना बनाया गया। मारपीट के बाद उनकी मेडिकल जाँच कराई गई। इसी मामले में जरनैल सिंह के खिलाफ अलग से सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने के आरोप में भी एफआईआर दर्ज की गई है।

प्रवेश वर्मा थप्पड़ कांड की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद रविवार की उस घटना के बाद और गहरा हो गया, जब दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने तिलक नगर में नई बनी सड़क के निरीक्षण के दौरान साहिब सिंह नामक एक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। यह घटना AAP विधायक जरनैल सिंह की मौजूदगी में हुई बताई जाती है।

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को प्रवेश वर्मा के खिलाफ इस कथित थप्पड़ कांड में नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की। गौरतलब है कि NCR और FIR में कानूनी रूप से अंतर होता है — NCR में पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच शुरू नहीं कर सकती।

केजरीवाल का पलटवार और माँगें

अरविंद केजरीवाल ने तिलक नगर दौरे के दौरान नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दिखाया कि सड़क की सतह के कुछ हिस्सों को हाथ से ही उखाड़ा जा सकता है।

केजरीवाल ने कहा, 'यह सड़क कुछ दिन पहले ही बनी थी, फिर भी यह हाथ लगाने से ही पूरी तरह उखड़ रही है। हमने दिल्ली में ऐसी सड़क बनते कभी नहीं देखी। दिल्ली देश की राजधानी है। हमने भी 10 साल तक दिल्ली का नेतृत्व किया, लेकिन हमारे कार्यकाल में ऐसी सड़क कभी नहीं बनी।' उन्होंने यह भी कहा कि AAP सरकार के दौरान बनी सड़कों पर पाँच साल की गारंटी होती थी।

प्रवेश वर्मा के थप्पड़ मारने की घटना का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा, 'यह उनके पिता का देश नहीं है।' उन्होंने प्रधानमंत्री से माँग की कि वर्मा को बर्खास्त और गिरफ्तार किया जाए, साथ ही वर्मा से सार्वजनिक माफी की भी माँग की।

राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया

यह ऐसे समय में आया है जब AAP और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के बीच टकराव पहले से ही तीव्र है। केजरीवाल के दौरे में राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, जरनैल सिंह और पार्टी के अन्य नेता भी शामिल थे।

एक ही दिन में दोनों पक्षों पर कानूनी कार्रवाई — AAP नेताओं पर FIR और वर्मा पर NCR — दिल्ली की राजनीति में नए टकराव का संकेत देती है। आलोचकों का कहना है कि दोनों घटनाएँ मिलकर एक ऐसे माहौल को दर्शाती हैं जहाँ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता सार्वजनिक स्थानों पर हिंसक रूप ले रही है।

क्या होगा आगे

दर्ज एफआईआर में संज्ञेय धाराएँ शामिल हैं, जिसका अर्थ है कि पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच कर सकती है। सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और अन्य नामजद आरोपियों को नोटिस या पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है। वर्मा के खिलाफ NCR में अगला कदम मजिस्ट्रेट के निर्देश पर निर्भर करेगा। यह मामला दिल्ली विधानसभा और राजनीतिक गलियारों में और गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दिल्ली की सत्ता-राजनीति का नया अखाड़ा है। जहाँ सादे कपड़ों में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से मारपीट के आरोप गंभीर हैं, वहीं एक मंत्री द्वारा आम नागरिक को थप्पड़ मारने का आरोप भी उतना ही चिंताजनक है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि NCR और FIR के बीच कानूनी असमानता — एक में पुलिस स्वतः जाँच कर सकती है, दूसरे में नहीं — राजनीतिक रंग दे सकती है। असली सवाल यह है कि क्या दोनों मामलों में जाँच निष्पक्ष और समान गति से आगे बढ़ेगी, या यह विवाद अदालत से पहले ही चुनावी मैदान में तय हो जाएगा।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिलक नगर में हेड कॉन्स्टेबल से मारपीट का मामला क्या है?
29 सितंबर को AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल के तिलक नगर दौरे के दौरान सादे कपड़ों में वीडियोग्राफी ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार के साथ कथित तौर पर AAP समर्थकों ने मारपीट की। इस मामले में सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह, साहिब सिंह और पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
AAP नेताओं पर कौन-सी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है?
दिल्ली पुलिस ने सरकारी कर्मचारी को सरकारी काम करने से रोकने और सरकारी अधिकारी के साथ मारपीट करने से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। ये संज्ञेय धाराएँ हैं, जिसका अर्थ है कि पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच कर सकती है।
प्रवेश वर्मा थप्पड़ कांड क्या है और उन पर क्या कार्रवाई हुई?
रविवार को दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा तिलक नगर में नई बनी सड़क के निरीक्षण पर गए थे, जहाँ उन्होंने साहिब सिंह नामक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को वर्मा के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की।
केजरीवाल ने तिलक नगर दौरे में क्या माँगें रखीं?
केजरीवाल ने नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और कहा कि सड़क हाथ लगाने से ही उखड़ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से माँग की कि मंत्री प्रवेश वर्मा को बर्खास्त और गिरफ्तार किया जाए, वर्मा से सार्वजनिक माफी माँगी जाए और कथित भ्रष्टाचार की जाँच हो।
इस विवाद में आगे क्या हो सकता है?
AAP नेताओं पर दर्ज एफआईआर में संज्ञेय धाराएँ होने से पुलिस जाँच तेज हो सकती है और नामजद नेताओं को नोटिस या पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है। वर्मा के खिलाफ NCR पर अगला कदम मजिस्ट्रेट के निर्देश पर निर्भर करेगा। यह मामला दिल्ली की राजनीति में आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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