तिलक नगर थप्पड़ कांड: पीड़ित साहिब सिंह दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे, मंत्री प्रवेश वर्मा पर FIR की मांग
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के तिलक नगर में हुए चर्चित थप्पड़ कांड में पीड़ित साहिब सिंह गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे और मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। साहिब सिंह ने अपनी शिकायत डाक विभाग के माध्यम से पुलिस मुख्यालय में जमा कराई और कहा कि मंत्री के व्यवहार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस मुख्यालय में क्या हुआ
साहिब सिंह ने बताया कि वे पुलिस मुख्यालय में पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर से मिलने गए थे, परंतु उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त (CP) से भी मिलने की कोशिश की, लेकिन वह मुलाकात भी संभव नहीं हो सकी। हालाँकि, शिकायत जमा हो गई है और अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि इस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
धमकियों का आरोप और सबूत जमा
साहिब सिंह ने दावा किया कि तिलक नगर की घटना के बाद से उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। उन्होंने इन सभी धमकियों का उल्लेख अपनी शिकायत में किया है और स्क्रीनशॉट भी सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और पुलिस को कड़ा कदम उठाना चाहिए।
AAP विधायक का मंत्री पर पलटवार
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जरनैल सिंह ने मंत्री प्रवेश वर्मा की ओर से मिले मानहानि नोटिस पर पलटवार किया। जरनैल सिंह ने कहा कि घटना से चार दिन पहले मंत्री सड़क के क्वालिटी इंस्पेक्शन और कोर कटिंग की बात कर रहे थे, लेकिन भ्रष्टाचार सामने आने के बाद उन्होंने सरेआम युवक को थप्पड़ मारा। उन्होंने कहा कि पूरे देश से लोग आकर अभी भी सड़क की खराब गुणवत्ता उजागर कर रहे हैं।
मानहानि नोटिस का विवाद
विधायक जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि मंत्री प्रवेश वर्मा अपनी छवि बचाने के लिए एक ठेकेदार से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवा रहे हैं, जिसमें उन पर पैसे माँगने का झूठा इल्जाम लगाया गया है। इसके जवाब में उन्होंने मंत्री को मानहानि का नोटिस भेजा है और कहा है कि सात दिन के भीतर माफी न माँगने पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
आगे क्या होगा
यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी — दोनों मोर्चों पर तेज हो गया है। पीड़ित साहिब सिंह की शिकायत पुलिस के पास दर्ज है, जबकि AAP और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। देखना होगा कि पुलिस मुख्यालय इस शिकायत पर एफआईआर दर्ज करती है या नहीं और मानहानि नोटिस का कानूनी मामला किस दिशा में जाता है।