प्रवेश वर्मा थप्पड़ कांड: विपक्ष बोला — BJP राज में सवाल पूछना 'गुनाह'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा 27 सितंबर 2026 को तिलक नगर में हुए एक विवादित थप्पड़ कांड के केंद्र में आ गए हैं, जिसके बाद विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ बर्खास्तगी तक की माँग उठा दी है। वर्मा ने सफाई दी है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के एक कार्यकर्ता द्वारा उनके परिवार को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद उन्होंने प्रतिक्रिया दी — लेकिन विपक्ष इस दावे को सिरे से खारिज कर रहा है।
घटनाक्रम क्या हुआ
AAP विधायक जरनैल सिंह ने बताया कि मंत्री प्रवेश वर्मा स्वयं उन्हें फोन कर तिलक नगर की उस सड़क का मुआयना करने बुलाने आए थे, जिसकी शिकायत पहले की गई थी। जरनैल सिंह के अनुसार, उन्होंने सड़क की परत को 'कालीन की तरह' उठाकर खराब निर्माण का प्रमाण दिखाया। उन्होंने कहा, 'यह देखकर मंत्री घबरा गए। मुझे लगा कि वह संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, लेकिन इसके बजाय उन्होंने मेरे साथी साहिब सिंह को थप्पड़ मार दिया, जो इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे।'
AAP विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि PWD द्वारा बनाई गई वह सड़क, जिसका विभाग मंत्री प्रवेश वर्मा के पास है, निर्माण के 15 मिनट के भीतर ही उखड़ गई। उनके अनुसार जब एक युवक ने इसे लाइव रिकॉर्ड कर भ्रष्टाचार उजागर करने की कोशिश की, तो मंत्री ने उसे थप्पड़ मार दिया।
AAP का हमला
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, 'दिल्ली में 10 साल तक केजरीवाल सरकार सत्ता में रही। आम आदमी पार्टी सरकार का कोई भी मंत्री जनता से गर्मजोशी से मिलता था, उनकी समस्याएं सुनता था। उन 10 वर्षों में हमने कभी ऐसी गुंडागर्दी नहीं देखी।' उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार सामने आने पर मंत्री को कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि किसी युवक को थप्पड़ मारना चाहिए था।
कांग्रेस और सपा की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, 'चाहे सत्य निकेतन में कोई इमारत गिरे, दिल्ली में महिलाओं के साथ अपराध हो या भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कोई मंत्री किसी आम नागरिक को थप्पड़ मारे — इससे भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता।' उन्होंने यह भी माँग की कि जब तक ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग से नहीं हटाया जाता, जवाबदेही संभव नहीं।
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क ने कहा, 'भाजपा की सरकार में किसी को भी सवाल पूछने की इजाजत नहीं है — चाहे राज्य स्तर पर हो या केंद्र स्तर पर। वहाँ तानाशाही चलती है। जो घटना हुई है, उसमें अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का भी है जिन्होंने BJP को सत्ता दिलाई। मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए।'
मंत्री का पक्ष
मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपना बचाव करते हुए कहा कि AAP के एक कार्यकर्ता ने उनके परिवार को लेकर अभद्र भाषा और गाली-गलौज की, जिसके जवाब में उन्होंने प्रतिक्रिया दी। हालाँकि, विपक्ष इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त मान रहा है और स्वतंत्र जाँच की माँग पर अड़ा है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में BJP सरकार अपने पहले वर्ष में प्रशासनिक साख स्थापित करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि PWD मंत्री के खिलाफ यह पहली बड़ी राजनीतिक चुनौती है। विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा और सड़क — दोनों स्तरों पर उठाने की तैयारी में है। फिलहाल किसी औपचारिक प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।