दिल्ली थप्पड़ कांड: सपा सांसद बर्क बोले — 'मंत्री प्रवेश वर्मा को बर्खास्त करो, यह मतदाता का अपमान'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने 28 सितंबर 2026 को दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारने की घटना को 'बेहद अफसोसजनक और शर्मनाक' बताते हुए संबंधित मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की माँग की। उनका कहना था कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति द्वारा आम मतदाता के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के सरासर विरुद्ध है।
मंत्री पर बर्खास्तगी की माँग
बर्क ने कहा कि प्रवेश वर्मा एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उनका जनता के प्रति उत्तरदायित्व है। उनके अनुसार, यदि ऐसे पद पर बैठा व्यक्ति किसी मतदाता के साथ इस प्रकार पेश आता है, तो यह केवल उस एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सभी नागरिकों का अपमान है जिन्होंने उस राजनीतिक दल को सत्ता तक पहुँचाने में योगदान दिया। उन्होंने सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि यह घटना तब चर्चा में आई जब एक वीडियो सामने आया जिसमें कथित तौर पर मंत्री प्रवेश वर्मा को एक युवक के साथ अभद्र व्यवहार करते देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आते ही विपक्षी दलों ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल
बर्क ने चुनाव आयोग (ECI) को लेकर जारी विवाद पर भी अपनी राय रखी। उनका मानना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में जनता का विश्वास लोकतंत्र की नींव है, और इसे कमज़ोर होने देना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों की समीक्षा की माँग करते हुए, एक पूर्व नौकरशाह के कथित बयान का हवाला देते हुए, नैतिक आधार पर उनके इस्तीफे की भी माँग की।
उल्लेखनीय है कि इन आरोपों पर ज्ञानेश कुमार या चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है।
आतंकवाद पर बर्क का रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के संदर्भ में बर्क ने कहा कि सरकार को विपक्ष और आम जनता की आवाज़ भी सुननी चाहिए। आतंकवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे किसी एक धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए और हर रूप के आतंकवाद तथा नक्सलवाद के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर संकेत
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के संभावित चुनावी गठबंधन पर बर्क ने कहा कि दोनों दलों के बीच मिलकर चुनाव लड़ने की बात तो है, लेकिन सीटों के बँटवारे और उम्मीदवारों को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। उन्होंने गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि वे सार्वजनिक बयानबाज़ी से बचें, ताकि आपसी मतभेद और भ्रम की स्थिति न बने।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकता की परीक्षा कई मोर्चों पर हो रही है। इस घटनाक्रम से आगे की राजनीतिक दिशा पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।