27 सितंबर 2026
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दिल्ली BJP का आरोप: AAP विधायक जरनैल सिंह ने भीड़ लाकर PWD मंत्री को उकसाया, थप्पड़ कांड 'सुनियोजित साजिश'

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दिल्ली BJP का आरोप: AAP विधायक जरनैल सिंह ने भीड़ लाकर PWD मंत्री को उकसाया, थप्पड़ कांड 'सुनियोजित साजिश'

सारांश

रविवार को विकासपुरी में हुआ 'थप्पड़ कांड' महज एक झड़प नहीं — दिल्ली BJP इसे AAP विधायक जरनैल सिंह की सोची-समझी चाल बता रही है। 50 कार्यकर्ताओं की भीड़, 45 मिनट की देरी और कथित अपशब्द — BJP के मुताबिक यह उकसावे की पटकथा थी, जो PWD मंत्री प्रवेश वर्मा को फंसाने के लिए लिखी गई।

मुख्य बातें

दिल्ली BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने 27 सितंबर 2026 को तिलक नगर के 'थप्पड़ कांड' को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन AAP पर उकसाने का आरोप लगाया।
AAP विधायक जरनैल सिंह पर आरोप है कि वे 45 मिनट देरी से लगभग 50 कार्यकर्ताओं की भीड़ लेकर विकासपुरी निरीक्षण स्थल पर पहुंचे।
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने स्वयं माना है कि विकासपुरी में जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था।
BJP ने इस घटना की तुलना केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव के साथ हुई कथित मारपीट से की।
BJP का दावा है कि विधायक पहले ठेकेदार से मिलने का दबाव बना रहे थे और सोशल मीडिया पर वीडियो के ज़रिये भी दबाव डाल रहे थे।

दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने 27 सितंबर 2026 को कहा कि तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र में रविवार दोपहर हुई 'थप्पड़ मारने' की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जरनैल सिंह पर PWD मंत्री प्रवेश वर्मा को जानबूझकर उकसाने का आरोप लगाया। BJP का दावा है कि यह पूरी घटना विधायक की 'सुनियोजित साजिश' का नतीजा है।

घटना की पृष्ठभूमि

भाजपा प्रवक्ता कपूर के अनुसार, पिछले कई दिनों से AAP विधायक जरनैल सिंह विकासपुरी में निर्माणाधीन सड़क पर काम कर रहे ठेकेदार को लेकर व्यक्तिगत शिकायतें उठा रहे थे और अधिकारियों पर उस ठेकेदार से बैठक कराने का दबाव बना रहे थे। जब ठेकेदार ने मिलने से इनकार किया, तो विधायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो के ज़रिये दबाव बनाना शुरू कर दिया।

मामला PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने विकासपुरी में मौके पर प्रशासनिक निरीक्षण करने का निर्णय लिया।

मुख्य घटनाक्रम

कपूर ने बताया कि मंत्री प्रवेश वर्मा ने शिष्टाचार के तहत विधायक जरनैल सिंह को फोन कर मौके पर बुलाया, लेकिन विधायक समय पर नहीं पहुंचे। मंत्री ने दूसरी बार भी फोन किया। इसके बाद विधायक करीब 45 मिनट की देरी से लगभग 50 AAP कार्यकर्ताओं के साथ वहाँ पहुंचे और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने लगे।

भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, जब मंत्री अपनी गाड़ी की ओर जा रहे थे, तब विधायक के सहयोगियों ने उन्हें घेर लिया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। कपूर का दावा है कि अपशब्द सुनने के बाद मंत्री प्रवेश वर्मा उत्तेजित हो गए, जिसके बाद वह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।

BJP का 'साजिश' वाला आरोप

दिल्ली BJP प्रवक्ता ने इस पूरी घटना को AAP विधायक जरनैल सिंह की 'सुनियोजित साजिश' करार देते हुए सवाल किया कि पहले से सूचित किए जाने के बावजूद विधायक 45 मिनट देर से क्यों आए और अपने साथ भारी भीड़ लेकर क्यों पहुंचे।

कपूर ने आरोप लगाया कि इस घटना की तुलना AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री कार्यकाल की उन घटनाओं से की जा सकती है, जिनमें कथित तौर पर दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव और AAP के ही एक सांसद के साथ मारपीट हुई थी। भाजपा का कहना है कि मंत्री चाहते तो वे भी 100-200 कार्यकर्ताओं को बुलाकर नारेबाज़ी करवा सकते थे, लेकिन उन्होंने लोकतांत्रिक रास्ता चुना।

सरकार और मंत्री की स्वीकृति

उल्लेखनीय है कि PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने स्वयं माना है कि रविवार को विकासपुरी में जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। BJP प्रवक्ता ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सभी को इसका खेद है।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में BJP और AAP के बीच सत्ता संघर्ष चरम पर है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर राजनीतिक दुर्व्यवहार के आरोप लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

आगे क्या होगा

BJP प्रवक्ता ने माँग की है कि विधायक जरनैल सिंह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करें कि वे देरी से क्यों आए और भीड़ लेकर क्यों पहुंचे। गौरतलब है कि अब तक इस मामले में कोई औपचारिक पुलिस शिकायत या जाँच का उल्लेख सामने नहीं आया है। दोनों पक्षों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे मूल सवाल का जवाब नहीं मिलता — एक कैबिनेट मंत्री ने एक निर्वाचित विधायक को थप्पड़ मारा, चाहे परिस्थितियाँ कुछ भी रही हों। उकसावे की कहानी गढ़ना और मंत्री के आचरण की जवाबदेही से ध्यान हटाना BJP की पुरानी संकट-प्रबंधन रणनीति है। दूसरी ओर, AAP को भी यह स्पष्ट करना होगा कि विधायक भारी भीड़ के साथ एक प्रशासनिक निरीक्षण में क्यों पहुंचे। यह घटना दर्शाती है कि दिल्ली की राजनीति में प्रशासनिक विवाद कितनी तेज़ी से सड़क पर उतर आते हैं — और दोनों पक्ष इसका इस्तेमाल एक-दूसरे को घेरने के लिए करते हैं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली का 'थप्पड़ कांड' क्या है?
रविवार, 27 सितंबर 2026 को विकासपुरी में एक सड़क निरीक्षण के दौरान PWD मंत्री प्रवेश वर्मा और AAP विधायक जरनैल सिंह के बीच विवाद हुआ, जिसमें कथित तौर पर थप्पड़ मारने की घटना हुई। मंत्री ने स्वयं माना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था।
BJP ने AAP विधायक पर क्या आरोप लगाया है?
दिल्ली BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आरोप लगाया कि AAP विधायक जरनैल सिंह ने जानबूझकर करीब 50 कार्यकर्ताओं की भीड़ लेकर निरीक्षण स्थल पर पहुंचे और PWD मंत्री को उकसाया। BJP का कहना है कि यह 'सुनियोजित साजिश' थी।
विकासपुरी में सड़क निरीक्षण का मुद्दा क्यों उठा था?
कथित तौर पर AAP विधायक जरनैल सिंह पिछले कई दिनों से विकासपुरी में बन रही सड़क के ठेकेदार को लेकर शिकायतें उठा रहे थे और अधिकारियों पर उस ठेकेदार से मिलवाने का दबाव बना रहे थे। मामले के बढ़ने पर PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने स्वयं मौके पर निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
क्या मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस घटना पर कोई बयान दिया?
BJP प्रवक्ता के अनुसार, PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने स्वयं माना है कि रविवार को विकासपुरी में जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। मंत्री के इस स्वीकृति वक्तव्य को BJP ने भी अपनी प्रतिक्रिया में उद्धृत किया।
BJP ने इस घटना की तुलना किस पुरानी घटना से की?
दिल्ली BJP प्रवक्ता ने इस घटना की तुलना अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री कार्यकाल की उन घटनाओं से की, जिनमें कथित तौर पर दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव और AAP के ही एक सांसद के साथ मारपीट हुई थी। BJP ने इसे AAP की पुरानी रणनीति का हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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