26 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली बिल्डिंग ऑडिट विवाद: सौरभ भारद्वाज का आरोप — निरीक्षण की आड़ में हो रही कथित वसूली

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली बिल्डिंग ऑडिट विवाद: सौरभ भारद्वाज का आरोप — निरीक्षण की आड़ में हो रही कथित वसूली

सारांश

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार पर बड़ा आरोप लगाया — दिल्ली में हर हादसे के बाद बिल्डिंग ऑडिट के आदेश, और फिर अग्निशमन व राजस्व विभाग द्वारा कथित वसूली का नया सिलसिला। व्यापारी वर्ग सबसे ज़्यादा प्रभावित, BJP अब तक चुप।

मुख्य बातें

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने 26 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में बिल्डिंग ऑडिट की आड़ में कथित वसूली का आरोप लगाया।
आरोप है कि हादसों के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा जारी ऑडिट आदेशों का उपयोग कुछ अधिकारी कथित रिश्वत उगाही के लिए कर रहे हैं।
MCD, दिल्ली पुलिस, अग्निशमन विभाग और राजस्व विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए।
होटल, रेस्टोरेंट, जिम, नर्सिंग होम और कोचिंग सेंटर जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान कथित तौर पर सबसे अधिक प्रभावित।
भारद्वाज ने 'ट्रिपल इंजन' सरकार पर कटाक्ष करते हुए व्यापारी वर्ग की नाराज़गी का उल्लेख किया।
BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने 26 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि नई दिल्ली में हर बड़ी इमारत दुर्घटना के बाद जारी किए जाने वाले बिल्डिंग ऑडिट आदेश वास्तव में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का माध्यम बन गए हैं।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रत्येक माह कोई न कोई बड़ी इमारत दुर्घटना घटित होती है, जिसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सभी भवनों का नया सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश देती हैं। उनके अनुसार, इन निर्देशों के बाद सरकारी विभागों के कुछ अधिकारी इन निरीक्षणों को कथित तौर पर रिश्वत उगाही के अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

भारद्वाज के मुताबिक, होटल, रेस्टोरेंट, जिम, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इस कथित वसूली का सबसे अधिक सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि ऑडिट और जाँच की आड़ में कारोबारियों से बड़े पैमाने पर अवैध धन वसूला जा रहा है।

विभागों पर लगाए आरोप

AAP नेता ने विशेष रूप से नगर निगम दिल्ली (MCD), दिल्ली पुलिस, अग्निशमन विभाग और राजस्व विभाग का नाम लेते हुए कहा कि पहले MCD और पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे, लेकिन अब अग्निशमन और राजस्व विभाग भी इस कथित व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में भवन सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक चिंता पहले से ही उच्च स्तर पर है।

व्यापारी वर्ग और 'ट्रिपल इंजन' सरकार पर निशाना

भारद्वाज ने अपने बयान में BJP के पारंपरिक समर्थक माने जाने वाले व्यापारी समुदाय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग ऐतिहासिक रूप से जनसंघ और BJP का वफादार आधार रहा है, लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और नैतिक पतन को वह चुपचाप देखने पर मजबूर है। उन्होंने दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार को 'ट्रिपल इंजन' सरकार बताते हुए कहा कि सत्ता के विभिन्न स्तरों पर नियंत्रण होने के बावजूद भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा।

जवाबदेही का सवाल

भारद्वाज ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि यदि प्रत्येक बड़ी दुर्घटना के बाद ऑडिट और निरीक्षण के आदेश जारी होते हैं, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए ठोस कदम क्या हैं? उन्होंने तर्क दिया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा और भवन नियमों का अनुपालन जरूरी है, लेकिन यदि इसी प्रक्रिया का उपयोग कथित रिश्वतखोरी के लिए होता है तो कारोबारियों पर दोहरा दबाव पड़ता है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि दिल्ली में भवन सुरक्षा ऑडिट की पारदर्शिता और सरकारी निरीक्षण प्रक्रिया को लेकर यह पहली बार नहीं है कि सवाल उठे हों। भारद्वाज के आरोपों पर BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मुद्दा दिल्ली के व्यापारी वर्ग को प्रभावित करने वाला है और आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और गरमा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार AAP ने BJP सरकार के उन पारंपरिक वोट-बैंक को लक्षित किया है जो कभी उसकी ताकत थे। व्यापारी वर्ग का BJP से मोहभंग यदि वास्तविक है, तो यह दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार ऑडिट प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कोई संरचनात्मक सुधार करेगी, या यह विवाद महज़ आरोप-प्रत्यारोप तक सिमटकर रह जाएगा।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में हर बड़े हादसे के बाद जारी होने वाले बिल्डिंग ऑडिट आदेशों का उपयोग कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों द्वारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अवैध वसूली के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार MCD, अग्निशमन विभाग और राजस्व विभाग इस कथित व्यवस्था का हिस्सा हैं।
कौन-से विभागों पर कथित वसूली के आरोप लगे हैं?
भारद्वाज ने नगर निगम दिल्ली (MCD), दिल्ली पुलिस, अग्निशमन विभाग और राजस्व विभाग पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले केवल MCD और पुलिस पर ऐसे आरोप लगते थे, लेकिन अब अग्निशमन और राजस्व विभाग भी इस कथित नेटवर्क में शामिल हो गए हैं।
किन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कथित वसूली का सामना करना पड़ रहा है?
भारद्वाज के अनुसार होटल, रेस्टोरेंट, जिम, नर्सिंग होम और कोचिंग सेंटर सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निरीक्षण के नाम पर कथित अवैध वसूली का सामना करना पड़ रहा है। इससे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
'ट्रिपल इंजन' सरकार से भारद्वाज का क्या आशय है?
भारद्वाज ने दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार को 'ट्रिपल इंजन' सरकार कहते हुए इशारा किया कि BJP का केंद्र, राज्य और नगर निगम तीनों स्तरों पर नियंत्रण है, फिर भी भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग रहा। यह उनकी ओर से BJP की प्रशासनिक विफलता पर सीधा व्यंग्य है।
दिल्ली में बिल्डिंग ऑडिट प्रक्रिया पारदर्शी कैसे बनाई जा सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार ऑडिट रिपोर्टों को सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड करना, निरीक्षण की वीडियोग्राफी अनिवार्य करना और शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना जैसे कदम पारदर्शिता बढ़ा सकते हैं। भारद्वाज ने भी इस दिशा में जवाबदेही और निष्पक्ष कार्रवाई की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले