नशा-मुक्त भारत अभियान को सरकार का पूरा समर्थन: BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का ब्रह्माकुमारीज ग्लोबल समिट में ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 26 अक्टूबर 2026 को सिरोही के आबू रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज शांतिवन में आयोजित 'ग्लोबल समिट 2026' में घोषणा की कि ब्रह्माकुमारीज संस्था के 'नशा-मुक्त भारत' अभियान को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2029 तक भारत को नशे से मुक्त करना सरकार का सुनिश्चित संकल्प है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
मुख्य घोषणाएँ और सरकारी संकल्प
नितिन नवीन ने ब्रह्माकुमारीज को संबोधित करते हुए कहा, 'आपने जो नशा-मुक्त भारत अभियान शुरू किया है, उसे हमारी सरकार पूरा समर्थन देगी।' उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने इस दिशा में पूरी लगन और दृढ़ संकल्प के साथ काम करने का वचन दिया है। उनके अनुसार यह अभियान न केवल युवाओं की जान बचाता है, बल्कि परिवारों की उम्मीदों और देश की शक्ति की भी रक्षा करता है।
ब्रह्माकुमारीज की 90 वर्षों की यात्रा को सराहा
BJP अध्यक्ष ने संस्था की स्थापना के बाद से अनवरत चल रही आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा-यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन की त्रासदी के बाद भी यह संस्था डिगी नहीं और 1950 से आबू रोड की पवित्र भूमि पर अपनी उपस्थिति बनाए हुए है। आज यह संस्था 140 से अधिक देशों में 5,000 से अधिक सेवा केंद्रों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रसार कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और सेवा भाव का उल्लेख
नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर जनसेवा कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व सेवा और समर्पण के भाव पर आधारित है। उन्होंने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में आए संकट का जिक्र किया, जब एक भारतीय नागरिक ने अपनी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से प्रेरणा लेकर यात्रियों की जान बचाई। यह उदाहरण उन्होंने भारतीय मूल्यों की शक्ति को रेखांकित करने के लिए दिया।
आचार्य चाणक्य और स्वामी विवेकानंद का संदर्भ
समिट को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने आचार्य चाणक्य के वचनों — 'सत्य माता है, ज्ञान पिता, धर्म भाई, दया मित्र, शांति जीवन-संगिनी और क्षमा संतान' — का उद्धरण देते हुए ब्रह्माकुमारीज के सामाजिक योगदान को इन्हीं मूल्यों की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वचन — 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए' — को संस्था के कार्यक्रम 'जागृति से कार्य तक' से जोड़ा। यह समिट संस्था की 90 वर्षों की आध्यात्मिक और सेवा यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित था।
आगे की राह
ब्रह्माकुमारीज और सरकार के बीच इस समन्वय से 'नशा-मुक्त भारत' अभियान को जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। नितिन नवीन ने संकेत दिया कि संस्था के 5,000 से अधिक वैश्विक सेवा केंद्र इस मुहिम में सरकार के साझेदार बन सकते हैं। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि 2029 की समय-सीमा के भीतर यह अभियान किस हद तक ठोस नीतिगत कदमों में तब्दील होता है।