घुसपैठियों के हक में सपा-कांग्रेस, गरीबों के अधिकारों पर डाका : सीएम योगी का बिठूर से हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 अक्टूबर 2026 को कानपुर के बिठूर में महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को राशन कार्ड और सरकारी सुविधाएँ दिलाकर दलितों, वंचितों और गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 'एक बड़े मियां और एक छोटे मियां' को घुसपैठियों से तो प्रेम है, लेकिन किसानों और युवाओं के अधिकारों की उन्हें कोई चिंता नहीं।
सपा-कांग्रेस पर राजनीतिक प्रहार
मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान का संदर्भ देते हुए कहा कि विपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख समुदायों को नागरिकता देने वाले नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि सत्ता विरासत में मिल सकती है, लेकिन जनता का विश्वास परिश्रम से अर्जित करना पड़ता है — 'काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।' उन्होंने सपा को दंगा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद का पर्याय बताते हुए कहा कि इन दलों को जनता सबक सिखाने के लिए तैयार है।
सपा शासनकाल पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने सपा की पूर्ववर्ती सरकार पर दंगाइयों और भू-माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कोसी कलां, मुजफ्फरनगर और मथुरा के जवाहर बाग की घटनाओं का उल्लेख किया, जहाँ उनके अनुसार आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं थे। जवाहर बाग में अवैध कब्जा हटाने पहुँचे पुलिस अधिकारी मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कानून के शासन और शांतिपूर्ण वातावरण के बिना विकास संभव नहीं। उन्होंने कानपुर में 1931 के दंगे में पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या और बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर के पिता की हत्या का भी उल्लेख किया।
₹411 करोड़ की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों की ₹411 करोड़ से अधिक लागत की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया — जिसमें 29 परियोजनाओं का लोकार्पण और 19 का शिलान्यास शामिल है। इनमें सड़क संपर्क, धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, औद्योगिक आधारभूत सुविधाएँ और नागरिक सेवाएँ शामिल हैं। रामायण सर्किट के तहत घाटों के विकास, नौका सुविधा और होमस्टे को बढ़ावा देने की योजना भी इसमें शामिल है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के कानपुर नोड में आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य भी इस सूची में हैं।
बाबा साहब और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों के विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े करीब 4,000 स्थलों के विकास की योजना है, जहाँ चहारदीवारी, छत, कैनोपी और सुंदरीकरण के कार्य होंगे। उन्होंने अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि मंदिर के विकास और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखे जाने का उल्लेख किया। महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में उन्होंने वीरांगना ऊदा देवी पासी, अवंती बाई लोधी और झलकारी बाई कोरी के नाम पर महिला पीएसी बटालियन गठित करने की जानकारी दी।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 65 लाख गरीब परिवारों को आवास, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना और 2 करोड़ लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन मिले हैं। 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक बेटियों की शादी कराई जा चुकी है, जिसमें पात्र लाभार्थियों को ₹1 लाख की सहायता दी जा रही है। समारोह में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों — मुख्यमंत्री आवास योजना की रीना और सौरभ यादव, लखपति दीदी योजना की सीमा और रुखसार बानो समेत कई अन्य — को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। आगे कानपुर मेट्रो, नए एक्सप्रेसवे और ट्रांस गंगा क्षेत्र में नए पुल की स्वीकृति के साथ क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।