जन्माष्टमी पर CM योगी का विपक्ष पर प्रहार: 'बाबर-औरंगजेब के पूजकों से सनातन आस्था का सम्मान असंभव'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 सितंबर को मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में है, वे सनातन धर्म और देश की आस्था का सम्मान कभी नहीं कर सकते। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर दिया गया यह बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का संबोधन और मुख्य आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार भगवान श्रीकृष्ण, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और माँ विंध्यवासिनी में आस्था रखती है। उन्होंने प्रश्नवाचक लहजे में कहा, 'जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे?' उनके अनुसार ऐसे तत्त्व समाज में विष घोलकर समाज-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी शक्तियों के हौसले बढ़ाने का काम करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ये तत्त्व युवाओं के भविष्य से खिलवाड़, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध, किसानों की खुशहाली पर डकैती और कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बनाने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया।
डबल इंजन सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार — अर्थात केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार — विरोधी मंसूबों पर पानी फेर देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में 'विरासत और विकास' का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार अयोध्या में 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं ने आस्था मिटाने का प्रयास किया था, परंतु सनातन आज भी जीवित है और आक्रांता इतिहास बन चुके हैं।
ब्रज क्षेत्र के विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिस तरह अयोध्या और काशी में भव्य परिसर विकसित हुए हैं, उसी तर्ज पर मथुरा-वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र — नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन — का विकास श्रद्धालुओं की भावनाओं के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर सरकार की प्राथमिकताएँ स्पष्ट की जा चुकी हैं।
उन्होंने विंध्यवासिनी धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि योगमाया के प्रति आस्था के कारण वहाँ भव्य परिसर निर्मित हुआ और ब्रजभूमि के विकास के लिए भी सरकार उतनी ही प्रतिबद्ध है।
पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि वे वोट बैंक की राजनीति के चलते ब्रज आने से बचती थीं। उन्होंने जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में ऐसी घटनाएँ होती थीं, जबकि अब ब्रज में रंगोत्सव और ब्रजराज उत्सव जैसे आयोजन होते हैं।
जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं से संवाद
मुख्यमंत्री करीब 30 मिनट तक श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में रहे। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की, श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि करीब 5,200 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने इसी पावन भूमि पर प्रकट होकर धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना का संदेश दिया था — जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
आगे देखना होगा कि विपक्ष इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या ब्रज विकास की घोषणाएँ निर्धारित समयसीमा में ज़मीन पर उतरती हैं।