पंजाब SIR 2026: पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के नाम हटने की खबर निराधार, प्रशासन ने किया खंडन
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 राज्यभर में बिना किसी बाधा के जारी है। इसी बीच चुनाव प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के नाम 13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में पूरी तरह दर्ज हैं — कुछ मीडिया प्लेटफॉर्मों द्वारा फैलाई गई विपरीत खबरें तथ्यहीन हैं। 4 सितंबर को जारी इस स्पष्टीकरण में प्रशासन ने मीडिया से सत्यापित जानकारी ही प्रसारित करने की अपील की है।
क्या था विवाद
हाल ही में कुछ मीडिया प्लेटफॉर्मों ने यह दावा किया था कि पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम 13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से गायब हैं। इस खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी और SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा जब पंजाब में SIR 2026 को लेकर पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
प्रशासन का खंडन: तथ्य क्या कहते हैं
चुनाव प्रशासन ने स्पष्ट किया कि डॉ. धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के सदस्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 115-पटियाला, भाग संख्या 98 में क्रम संख्या 44 से 48 तक दर्ज हैं। विवरण इस प्रकार है:
क्रम संख्या 44 पर जगदंबा कौशल (डॉ. गांधी की धर्मपत्नी); क्रम संख्या 45 पर कुमारी रोहानी पराशर (पुत्री); क्रम संख्या 46 पर श्रीमती चाहत साहूजा (पुत्रवधू); क्रम संख्या 47 पर नबेंदू (पुत्र); और क्रम संख्या 48 पर स्वयं डॉ. धर्मवीर गांधी दर्ज हैं।
प्रशासन ने इस खबर को 'पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और तथ्यों से परे' बताते हुए मीडिया से अपील की है कि SIR 2026 के संबंध में केवल सत्यापित जानकारी ही साझा की जाए।
राघव चड्डा का आरोप: राजनीतिक बदला या लिपिकीय त्रुटि
3 सितंबर को राज्यसभा सदस्य राघव चड्डा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए पंजाब सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया था। उन्होंने लिखा, 'मैं पंजाब से राज्यसभा का मौजूदा सदस्य हूं। मेरा वोटर आईडी मोहाली में रजिस्टर्ड है। फिर भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरे नाम को 'शिफ्टेड' के तौर पर दिखाया गया है।'
चड्डा ने यह भी कहा कि अच्छी बात यह है कि यह केवल ड्राफ्ट सूची है, फाइनल नहीं। उन्होंने बताया कि 'दावे और आपत्तियां' की प्रक्रिया अभी जारी है और फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होगी। उन्होंने कहा कि वे SIR दिशानिर्देशों के तहत उपलब्ध उपायों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन यह मामला 'सिर्फ लिपिकीय गलती नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले का साफ मामला' लगता है।
आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने इन आरोपों पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
SIR 2026 की आगे की प्रक्रिया
पंजाब में SIR 2026 के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। फाइनल मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार चल रही है, और किसी भी नागरिक को अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है।