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दलित सीएम के वादे पर केसीआर को घेरा, कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन बोलीं — पहले जवाब दें, फिर सवाल करें

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दलित सीएम के वादे पर केसीआर को घेरा, कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन बोलीं — पहले जवाब दें, फिर सवाल करें

सारांश

कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने केसीआर को उनके दस साल पुराने दलित मुख्यमंत्री के वादे पर कटघरे में खड़ा किया। साथ ही सरकारी धन के कथित दुरुपयोग पर माफी माँगने की माँग की और कहा — विपक्ष का नेता पद किसी दलित विधायक को मिले, तभी उनके सवाल सुनने योग्य होंगे।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने 4 सितंबर को हैदराबाद में केसीआर पर तीखा हमला बोला।
केसीआर ने तेलंगाना गठन से पहले दलित व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, जो दस साल की सत्ता में पूरा नहीं हुआ।
शोभन ने माँग की कि BRS विपक्ष के नेता का पद किसी दलित विधायक को सौंपे।
केसीआर पर आवास, फार्महाउस आवाजाही, वाहनों और कर्मचारियों पर सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया।
शोभन ने केसीआर से सार्वजनिक माफी की माँग की, अन्यथा जनता जवाब देगी।
BRS नेताओं की विधानसभा में अनुपस्थिति और बजट सत्र में कमज़ोर भागीदारी पर भी सवाल उठाए गए।

कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने 4 सितंबर को हैदराबाद में तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केसीआर को उनके उस पुराने वादे की याद दिलाई जिसमें उन्होंने तेलंगाना के गठन से पूर्व राज्य का मुख्यमंत्री बनने पर किसी दलित व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद देने की बात कही थी। शोभन ने स्पष्ट कहा कि जब तक केसीआर इस अधूरे वादे का जवाब नहीं देते, उनके सवाल करने का कोई नैतिक आधार नहीं है।

दस साल की सत्ता, अधूरा वादा

इंदिरा शोभन ने आरोप लगाया कि केसीआर ने तेलंगाना राज्य के निर्माण से पहले सार्वजनिक रूप से यह वचन दिया था कि सत्ता में आने पर वे किसी दलित नेता को मुख्यमंत्री बनाएँगे। उन्होंने कहा कि दस वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं हुआ। उनके अनुसार, अब जब केसीआर विपक्ष के नेता की भूमिका में सरकार और अन्य दलों से जवाब माँग रहे हैं, तो उन्हें पहले अपने किए वादों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।

दलित विधायक को मिले विपक्ष नेता का पद

शोभन ने यह भी कहा कि यदि BRS वाकई दलित सशक्तिकरण के प्रति गंभीर है, तो विपक्ष के नेता का पद किसी दलित विधायक को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि यदि ऐसा होता है, तो वे उस नेता के सवालों को सुनने के लिए तैयार रहेंगी।

सरकारी धन के कथित दुरुपयोग पर आरोप

कांग्रेस नेता ने केसीआर पर सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय तक केसीआर के आवास और फार्महाउस के बीच आवाजाही, वाहनों, कर्मचारियों और अन्य व्यक्तिगत सुविधाओं पर तेलंगाना की जनता का पैसा खर्च किया गया। शोभन ने इसे जनता के धन की बर्बादी बताया और केसीआर से सार्वजनिक माफी की माँग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं माँगी गई, तो तेलंगाना की जनता आने वाले समय में इसका उचित जवाब देगी।

विधानसभा में BRS की भूमिका पर सवाल

इंदिरा शोभन ने BRS नेताओं की विधानसभा में उपस्थिति और सक्रियता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बजट सत्र सहित कई महत्वपूर्ण अवसरों पर विपक्ष की भागीदारी प्रभावशाली नहीं रही। उन्होंने कहा कि केसीआर स्वयं विधानसभा की कार्यवाही में बेहद कम शामिल हुए, जो एक विपक्षी नेता की भूमिका के अनुरूप नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और BRS के बीच सियासी तनाव लगातार बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उस वादे का अधूरा रहना BRS की विश्वसनीयता पर स्थायी प्रश्नचिह्न है। कांग्रेस इस मुद्दे को जिस तरह उठा रही है, वह 2024 के बाद की तेलंगाना राजनीति में दलित मतदाताओं को अपने पाले में रखने की रणनीति का हिस्सा दिखती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या कांग्रेस सरकार स्वयं दलित नेतृत्व को ठोस अवसर देती है — या यह आरोप केवल विपक्ष को कमज़ोर करने का राजनीतिक औज़ार बनकर रह जाता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केसीआर ने दलित मुख्यमंत्री का वादा कब और क्यों किया था?
कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन के अनुसार, केसीआर ने तेलंगाना राज्य के गठन से पहले यह वादा किया था कि सत्ता में आने पर वे किसी दलित नेता को मुख्यमंत्री बनाएँगे। यह वादा तेलंगाना आंदोलन के दौरान दलित समुदाय के समर्थन को जोड़ने के संदर्भ में किया गया था।
इंदिरा शोभन ने केसीआर से क्या माँग की है?
शोभन ने दो प्रमुख माँगें रखी हैं — पहली, BRS विपक्ष के नेता का पद किसी दलित विधायक को सौंपे; दूसरी, केसीआर सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के लिए तेलंगाना की जनता से सार्वजनिक माफी माँगें।
केसीआर पर सरकारी धन के दुरुपयोग के क्या आरोप हैं?
इंदिरा शोभन ने आरोप लगाया कि केसीआर के कार्यकाल में उनके आवास और फार्महाउस के बीच आवाजाही, वाहनों, कर्मचारियों और व्यक्तिगत सुविधाओं पर तेलंगाना की जनता का पैसा खर्च किया गया। हालाँकि ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं और BRS की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
BRS की विधानसभा में भूमिका को लेकर क्या सवाल उठाए गए?
शोभन ने कहा कि BRS नेताओं ने बजट सत्र सहित कई महत्वपूर्ण विधानसभा बहसों में पर्याप्त भागीदारी नहीं की, और केसीआर स्वयं विधानसभा की कार्यवाही में बेहद कम शामिल हुए। उनके अनुसार यह एक प्रभावी विपक्षी नेता की भूमिका के अनुरूप नहीं है।
तेलंगाना में कांग्रेस और BRS के बीच विवाद का मौजूदा संदर्भ क्या है?
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से BRS और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ रहा है। केसीआर विपक्ष के नेता के रूप में सरकार पर हमलावर हैं, जबकि कांग्रेस उनके पुराने वादों और कार्यकाल को लेकर पलटवार कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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