केटीआर और कविता का राहुल गांधी पर निशाना: तेलंगाना में छात्रों पर पुलिस बर्बरता पर चुप्पी क्यों?
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) और तेलंगाना रक्षा समिति (टीआरएस) नेता के. कविता ने 21 अगस्त को कांग्रेस पर कथित 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से सीधे सवाल किया कि तेलंगाना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर वे मौन क्यों हैं। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के ज़रिए यह आरोप लगाए।
मुख्य घटनाक्रम
केटीआर की यह प्रतिक्रिया उस घटना के संदर्भ में आई जब राहुल गांधी ने नई दिल्ली में एक छात्र पर कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर एफआईआर दर्ज कराने की माँग को लेकर धरना दिया था। केटीआर ने एक्स पर राहुल गांधी को संबोधित करते हुए लिखा कि भारत के दो पहलू हैं — एक जहाँ वे छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध करते हैं और जोशीले भाषण देते हैं, और दूसरा तेलंगाना का, जहाँ कांग्रेस शासन में पुलिस ने छात्रों का गला दबाया, उन्हें घसीटा और लात मारी।
केटीआर ने राहुल गांधी से सीधे पूछा कि क्या वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के जुबली हिल्स स्थित आवास पर भी धरना देंगे, या तेलंगाना के छात्र इसलिए उपेक्षित हैं क्योंकि वहाँ की लाठियों पर कांग्रेस की मुहर लगी है।
के. कविता का आरोप
केटीआर की बहन और टीआरएस नेता के. कविता ने भी राहुल गांधी की चुप्पी पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी दिल्ली में पुलिस कार्रवाई पर एफआईआर दर्ज कराने में तत्पर हैं, तो तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की पुलिस की कथित बर्बरता पर पूरी तरह चुप क्यों हैं।
कविता ने महबूबबाद की एक घटना का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर 19 अगस्त को एक पुलिस इंस्पेक्टर को पॉलिटेक्निक छात्रों का गला पकड़कर उनके साथ मारपीट करते हुए कैमरे में कैद किया गया, जब वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छात्रों के तड़पते हुए वीडियो हर जगह मौजूद हैं और राहुल गांधी का आक्रोश उस वक्त कहाँ था।
सियासी पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब बीआरएस तेलंगाना में कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए लगातार सक्रिय है। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में बीआरएस की हार के बाद से पार्टी विपक्ष की भूमिका में है और रेवंत रेड्डी सरकार के हर कदम पर नज़र रख रही है। छात्र प्रदर्शनों का यह मुद्दा बीआरएस को कांग्रेस की 'दोहरी राजनीति' उजागर करने का अवसर दे रहा है।
विपक्ष की माँग
बीआरएस नेताओं ने माँग की है कि राहुल गांधी तेलंगाना के छात्रों के साथ भी वैसी ही एकजुटता दिखाएँ जैसी उन्होंने दिल्ली में दिखाई। अब तक राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह विवाद आगे भी तूल पकड़ सकता है, क्योंकि छात्र आंदोलनों का मुद्दा तेलंगाना की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाता रहा है।