केटीआर का आरोप: तेलंगाना पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी ज़्यादा पार्टी के लिए काम कर रही है
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि तेलंगाना का पुलिस विभाग कांग्रेस पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं से भी अधिक सक्रियता से उसके हित में काम कर रहा है। यह बयान उस घटना के बाद आया जिसमें सोमवार को हैदराबाद के एक पुलिस स्टेशन के भीतर बीआरएस के जनसंपर्क अधिकारी महेश मुदिराज और निजी सहायक महेंद्र रेड्डी पर कथित तौर पर हमला किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
केटीआर के अनुसार, सोमवार को पुलिस स्टेशन के अंदर लगभग 15 लोगों का इस्तेमाल कर उनके पीआरओ और पीए पर हमले की कोशिश की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि सादे कपड़ों में आकर हमला करने वाले लोग गुंडे थे या पुलिसकर्मी। इस घटना से पूर्व बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के आवास पर भी हमले का उल्लेख करते हुए केटीआर ने कहा कि यह सिलसिला नया नहीं है।
एफआईआर दर्ज करने से इनकार का आरोप
केटीआर ने बताया कि बीआरएस के वरिष्ठ नेता, विधायक और पूर्व मंत्री पुलिस स्टेशन में पाँच घंटे तक एफआईआर दर्ज करने की माँग करते रहे, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "पुलिस उन लोगों का साथ दे रही है जिन्होंने थाने के अंदर हमला किया।" केटीआर ने घोषणा की कि बीआरएस इस मामले में न्याय के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाएगी।
सरकार पर हताशा का आरोप
केटीआर ने आरोप लगाया कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार हताशा और निराशा की स्थिति में है। उन्होंने कहा, "सरकार हताशा और निराशा की स्थिति में है। इसलिए वह हर दिन लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पिछले 1,000 दिनों से हम जो सवाल उठा रहे हैं, उनका जवाब देने में नाकाम रहने के कारण सरकार ऐसे हमलों का सहारा ले रही है।"
एक्स पर चेतावनी
इससे पहले बीआरएस नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी तेलंगाना की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। केटीआर ने एक्स पर लिखा, "लिंचिंग हमेशा हत्या के तौर पर शुरू नहीं होती। कभी कभी यह पूरी तरह से काम कर रहे पुलिस स्टेशन के अंदर, वर्दी पहने अधिकारियों के सामने सोच समझकर किए गए हमले के रूप में शुरू होती है। जिस तरह से सरकारी तंत्र गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रहा है और उसे होने दे रहा है, मुझे चिंता है कि बहुत जल्द हम सड़कों पर लिंचिंग की घटनाएं देखेंगे।"
आगे क्या होगा
केटीआर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अदालती रास्ते पर चलेगी और उन्हें न्यायपालिका से न्याय मिलने की उम्मीद है। यह घटना तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल बीआरएस के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में आई है। आलोचकों का कहना है कि राज्य में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।