15 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केटीआर का आरोप: तेलंगाना पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी ज़्यादा पार्टी के लिए काम कर रही है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केटीआर का आरोप: तेलंगाना पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी ज़्यादा पार्टी के लिए काम कर रही है

सारांश

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तेलंगाना पुलिस पर कांग्रेस की कठपुतली बनने का आरोप लगाया। हैदराबाद के पुलिस स्टेशन के भीतर बीआरएस अधिकारियों पर कथित हमले और एफआईआर दर्ज करने से इनकार के बाद यह टकराव खुलकर सामने आया है।

मुख्य बातें

केटीआर ने 15 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि तेलंगाना पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अधिक सक्रियता से पार्टी के लिए काम कर रही है।
सोमवार को हैदराबाद के पुलिस स्टेशन के अंदर बीआरएस पीआरओ महेश मुदिराज और पीए महेंद्र रेड्डी पर कथित तौर पर हमला किया गया।
बीआरएस नेताओं ने पाँच घंटे तक एफआईआर दर्ज करने की माँग की, लेकिन पुलिस ने इनकार किया।
केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर पिछले 1,000 दिनों के सवालों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हमले कराने का आरोप लगाया।
बीआरएस ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाने की घोषणा की।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि तेलंगाना का पुलिस विभाग कांग्रेस पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं से भी अधिक सक्रियता से उसके हित में काम कर रहा है। यह बयान उस घटना के बाद आया जिसमें सोमवार को हैदराबाद के एक पुलिस स्टेशन के भीतर बीआरएस के जनसंपर्क अधिकारी महेश मुदिराज और निजी सहायक महेंद्र रेड्डी पर कथित तौर पर हमला किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

केटीआर के अनुसार, सोमवार को पुलिस स्टेशन के अंदर लगभग 15 लोगों का इस्तेमाल कर उनके पीआरओ और पीए पर हमले की कोशिश की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि सादे कपड़ों में आकर हमला करने वाले लोग गुंडे थे या पुलिसकर्मी। इस घटना से पूर्व बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के आवास पर भी हमले का उल्लेख करते हुए केटीआर ने कहा कि यह सिलसिला नया नहीं है।

एफआईआर दर्ज करने से इनकार का आरोप

केटीआर ने बताया कि बीआरएस के वरिष्ठ नेता, विधायक और पूर्व मंत्री पुलिस स्टेशन में पाँच घंटे तक एफआईआर दर्ज करने की माँग करते रहे, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "पुलिस उन लोगों का साथ दे रही है जिन्होंने थाने के अंदर हमला किया।" केटीआर ने घोषणा की कि बीआरएस इस मामले में न्याय के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाएगी।

सरकार पर हताशा का आरोप

केटीआर ने आरोप लगाया कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार हताशा और निराशा की स्थिति में है। उन्होंने कहा, "सरकार हताशा और निराशा की स्थिति में है। इसलिए वह हर दिन लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पिछले 1,000 दिनों से हम जो सवाल उठा रहे हैं, उनका जवाब देने में नाकाम रहने के कारण सरकार ऐसे हमलों का सहारा ले रही है।"

एक्स पर चेतावनी

इससे पहले बीआरएस नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी तेलंगाना की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। केटीआर ने एक्स पर लिखा, "लिंचिंग हमेशा हत्या के तौर पर शुरू नहीं होती। कभी कभी यह पूरी तरह से काम कर रहे पुलिस स्टेशन के अंदर, वर्दी पहने अधिकारियों के सामने सोच समझकर किए गए हमले के रूप में शुरू होती है। जिस तरह से सरकारी तंत्र गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रहा है और उसे होने दे रहा है, मुझे चिंता है कि बहुत जल्द हम सड़कों पर लिंचिंग की घटनाएं देखेंगे।"

आगे क्या होगा

केटीआर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अदालती रास्ते पर चलेगी और उन्हें न्यायपालिका से न्याय मिलने की उम्मीद है। यह घटना तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल बीआरएस के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में आई है। आलोचकों का कहना है कि राज्य में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल मुद्दा यह है कि पुलिस स्टेशन के भीतर एक विपक्षी दल के अधिकारियों पर हमले की शिकायत पर एफआईआर दर्ज न करना — अगर सच है — तो यह संस्थागत पक्षपात का गंभीर संकेत है। तेलंगाना में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से बीआरएस और सरकार के बीच यह तनाव लगातार बढ़ता रहा है, और यह पहली बार नहीं है कि विपक्ष ने पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नज़रअंदाज़ करती है कि विपक्ष को एफआईआर दर्ज कराने के लिए अदालत जाना पड़े — यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सीधा सवाल है जिसका जवाब तेलंगाना सरकार को देना होगा।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने तेलंगाना पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
केटीआर ने आरोप लगाया है कि तेलंगाना पुलिस विभाग कांग्रेस पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं से भी अधिक सक्रियता से उसके हित में काम कर रहा है। यह आरोप हैदराबाद के पुलिस स्टेशन के भीतर बीआरएस अधिकारियों पर कथित हमले और एफआईआर दर्ज करने से इनकार के बाद आया।
हैदराबाद पुलिस स्टेशन में बीआरएस अधिकारियों पर हमले की घटना क्या है?
सोमवार को हैदराबाद के एक पुलिस स्टेशन के अंदर बीआरएस के जनसंपर्क अधिकारी महेश मुदिराज और निजी सहायक महेंद्र रेड्डी पर कथित तौर पर लगभग 15 लोगों ने हमला किया। केटीआर के अनुसार हमलावर सादे कपड़ों में थे और पुलिस ने हमले के बाद एफआईआर दर्ज करने से भी इनकार कर दिया।
बीआरएस ने इस मामले में आगे क्या करने का फैसला किया है?
बीआरएस ने घोषणा की है कि वह इस मामले में न्याय के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाएगी। केटीआर ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका के ज़रिए न्याय मिलने की उम्मीद है।
केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर हमले कराने का आरोप क्यों लगाया?
केटीआर का कहना है कि कांग्रेस सरकार हताशा में है क्योंकि वह पिछले 1,000 दिनों में बीआरएस के उठाए सवालों का जवाब देने में नाकाम रही है। उनके अनुसार, सरकार लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हमलों का सहारा ले रही है।
केसीआर के घर पर हमले का इस घटना से क्या संबंध है?
केटीआर ने बताया कि इससे पहले भी बीआरएस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के आवास पर हमला किया गया था। उनके अनुसार यह सिलसिला विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले