केटीआर का आरोप: तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने किसानों, छात्रों और महिलाओं सभी को धोखा दिया
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने बुधवार, 24 जून को तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर किसानों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और कमज़ोर वर्गों के साथ व्यापक धोखे का आरोप लगाया। खम्मम जिले के सथुपल्ली में बीआरएस के मुख्य कार्यकर्ताओं की बैठक में बोलते हुए केटीआर ने कहा कि राज्य की जनता के सामने अब एकमात्र लक्ष्य यही बचा है — 'जन-विरोधी कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करना।'
किसानों के साथ धोखे का आरोप
केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर फसल खरीद को लेकर किए गए पूर्व वादों से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रेड्डी अब कह रहे हैं कि तेलंगाना उतनी ही फसल खरीद सकता है जितनी केंद्र सरकार अनुमति देती है, जबकि पीसीसी अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने सभी फसलें खरीदने और किसानों को बोनस देने का वादा किया था।
केटीआर ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार खरीद में देरी, 'रायतू भरोसा' योजना की अनदेखी और खाद की अनुपलब्धता के ज़रिये किसानों को लगातार निराश कर रही है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि बीआरएस शासन में केसीआर ने 72 लाख किसानों के खातों में 'रायतू बंधु' निवेश सहायता के रूप में लगभग ₹73,000 करोड़ जमा किए थे।
छात्रों और युवाओं की उपेक्षा
बीआरएस नेता ने फीस प्रतिपूर्ति के बकाया भुगतान पर गंभीर चिंता जताई और छात्रों के लिए तत्काल फंड जारी करने की माँग की। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने छात्रों और बेरोज़गार युवाओं से किए गए चुनावी वादे पूरे नहीं किए, जिससे राज्यभर में व्यापक निराशा फैली है।
खम्मम जिले को नज़रअंदाज़ करने का दावा
केटीआर ने यह भी उठाया कि खम्मम जिले से तीन मंत्री अहम विभाग संभाल रहे हैं, फिर भी मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जिले को कोई ठोस लाभ नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों पर भी निशाना साधा और कहा कि कई यात्राओं के बावजूद राज्य के हाथ कुछ खास नहीं आया।
बीआरएस की विकास विरासत और कांग्रेस पर हमला
केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने बीआरएस शासन में शुरू की गई कल्याण और विकास योजनाओं — जिनमें 'सीताराम' जैसी सिंचाई परियोजनाएं भी शामिल हैं — को कमज़ोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहाँ पिछली सरकार ने दस वर्षों में तेलंगाना की मज़बूत नींव रखी थी, वहीं मौजूदा सरकार उस प्रगति को उलट रही है।
संगठन मज़बूती और आगे की रणनीति
पार्टी संगठन को लेकर केटीआर ने बीआरएस कार्यकर्ताओं से राज्यव्यापी 'विशेष गहन संशोधन' (एसआईआर) अभियान के दौरान सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे। उन्होंने आगामी डिजिटल सदस्यता अभियान को भी सफल बनाने का आह्वान किया और कार्यकर्ताओं को पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया। यह सभा तेलंगाना में बीआरएस की पुनर्वापसी की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।