10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केटीआर का आरोप: तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने किसानों, छात्रों और महिलाओं सभी को धोखा दिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केटीआर का आरोप: तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने किसानों, छात्रों और महिलाओं सभी को धोखा दिया

सारांश

खम्मम के सथुपल्ली में बीआरएस कार्यकर्ता बैठक में केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर किसानों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं — सभी से वादाखिलाफी का आरोप लगाया। ₹73,000 करोड़ की रायतू बंधु विरासत की याद दिलाते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को 'जन-विरोधी सरकार' हटाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

केटीआर ने 24 जून को खम्मम के सथुपल्ली में बीआरएस कार्यकर्ता बैठक को संबोधित किया।
कांग्रेस सरकार पर किसानों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और कमज़ोर वर्गों से धोखे का आरोप।
केटीआर ने याद दिलाया कि बीआरएस शासन में 72 लाख किसानों को ₹73,000 करोड़ 'रायतू बंधु' के तहत मिले थे।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर फसल खरीद वादे से मुकरने और 'रायतू भरोसा' योजना की अनदेखी का आरोप।
फीस प्रतिपूर्ति के बकाये पर चिंता; छात्रों के लिए तत्काल फंड जारी करने की माँग।
बीआरएस कार्यकर्ताओं को एसआईआर अभियान में सतर्क रहने और डिजिटल सदस्यता अभियान को सफल बनाने का आह्वान।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने बुधवार, 24 जून को तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर किसानों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और कमज़ोर वर्गों के साथ व्यापक धोखे का आरोप लगाया। खम्मम जिले के सथुपल्ली में बीआरएस के मुख्य कार्यकर्ताओं की बैठक में बोलते हुए केटीआर ने कहा कि राज्य की जनता के सामने अब एकमात्र लक्ष्य यही बचा है — 'जन-विरोधी कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करना।'

किसानों के साथ धोखे का आरोप

केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर फसल खरीद को लेकर किए गए पूर्व वादों से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रेड्डी अब कह रहे हैं कि तेलंगाना उतनी ही फसल खरीद सकता है जितनी केंद्र सरकार अनुमति देती है, जबकि पीसीसी अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने सभी फसलें खरीदने और किसानों को बोनस देने का वादा किया था।

केटीआर ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार खरीद में देरी, 'रायतू भरोसा' योजना की अनदेखी और खाद की अनुपलब्धता के ज़रिये किसानों को लगातार निराश कर रही है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि बीआरएस शासन में केसीआर ने 72 लाख किसानों के खातों में 'रायतू बंधु' निवेश सहायता के रूप में लगभग ₹73,000 करोड़ जमा किए थे।

छात्रों और युवाओं की उपेक्षा

बीआरएस नेता ने फीस प्रतिपूर्ति के बकाया भुगतान पर गंभीर चिंता जताई और छात्रों के लिए तत्काल फंड जारी करने की माँग की। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने छात्रों और बेरोज़गार युवाओं से किए गए चुनावी वादे पूरे नहीं किए, जिससे राज्यभर में व्यापक निराशा फैली है।

खम्मम जिले को नज़रअंदाज़ करने का दावा

केटीआर ने यह भी उठाया कि खम्मम जिले से तीन मंत्री अहम विभाग संभाल रहे हैं, फिर भी मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जिले को कोई ठोस लाभ नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों पर भी निशाना साधा और कहा कि कई यात्राओं के बावजूद राज्य के हाथ कुछ खास नहीं आया।

बीआरएस की विकास विरासत और कांग्रेस पर हमला

केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने बीआरएस शासन में शुरू की गई कल्याण और विकास योजनाओं — जिनमें 'सीताराम' जैसी सिंचाई परियोजनाएं भी शामिल हैं — को कमज़ोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहाँ पिछली सरकार ने दस वर्षों में तेलंगाना की मज़बूत नींव रखी थी, वहीं मौजूदा सरकार उस प्रगति को उलट रही है।

संगठन मज़बूती और आगे की रणनीति

पार्टी संगठन को लेकर केटीआर ने बीआरएस कार्यकर्ताओं से राज्यव्यापी 'विशेष गहन संशोधन' (एसआईआर) अभियान के दौरान सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे। उन्होंने आगामी डिजिटल सदस्यता अभियान को भी सफल बनाने का आह्वान किया और कार्यकर्ताओं को पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया। यह सभा तेलंगाना में बीआरएस की पुनर्वापसी की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तेलंगाना में इनकी धार इसलिए तेज़ है क्योंकि कांग्रेस ने 2023 चुनाव में बेहद ठोस वादों — 'छह गारंटियों' — के दम पर जीत हासिल की थी। अगर फीस प्रतिपूर्ति का बकाया और रायतू भरोसा की अनदेखी के दावे सत्यापित होते हैं, तो यह महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं रहेगी। गौरतलब है कि बीआरएस खुद अपने दस साल के शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही के सवालों से घिरी रही — इसलिए 'विरासत बनाम वर्तमान' की यह बहस दोनों पक्षों के लिए असुविधाजनक है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने तेलंगाना कांग्रेस सरकार पर क्या आरोप लगाए?
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने किसानों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और कमज़ोर वर्गों से किए गए वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने फसल खरीद में देरी, रायतू भरोसा की अनदेखी, फीस प्रतिपूर्ति के बकाये और बीआरएस-युग की विकास योजनाओं को कमज़ोर करने को मुख्य आधार बनाया।
रायतू बंधु और रायतू भरोसा में क्या अंतर है?
केटीआर के अनुसार, बीआरएस शासन की 'रायतू बंधु' योजना के तहत 72 लाख किसानों को ₹73,000 करोड़ की निवेश सहायता दी गई थी। कांग्रेस की 'रायतू भरोसा' योजना उसी की जगह लेने वाली थी, लेकिन केटीआर का आरोप है कि मौजूदा सरकार इसे ठीक से लागू नहीं कर रही।
केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर फसल खरीद को लेकर क्या कहा?
केटीआर ने सवाल उठाया कि रेवंत रेड्डी ने पीसीसी अध्यक्ष रहते हुए सभी फसलें खरीदने और बोनस देने का वादा किया था, लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद वे कह रहे हैं कि राज्य केवल उतनी ही फसल खरीद सकता है जितनी केंद्र सरकार अनुमति दे।
बीआरएस ने खम्मम में बैठक क्यों बुलाई?
यह बैठक सथुपल्ली, खम्मम में पार्टी के मुख्य कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और एसआईआर (विशेष गहन संशोधन) अभियान व आगामी डिजिटल सदस्यता अभियान की तैयारी के लिए बुलाई गई थी। केटीआर ने इसे तेलंगाना में बीआरएस की पुनर्वापसी की दिशा में एक कदम बताया।
केटीआर ने एसआईआर अभियान पर कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिए?
केटीआर ने बीआरएस कार्यकर्ताओं से कहा कि वे राज्यव्यापी एसआईआर अभियान के दौरान सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले