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केटीआर ने कांग्रेस के 1,000 दिनों पर 'चार्जशीट' जारी की, रेवंत सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

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केटीआर ने कांग्रेस के 1,000 दिनों पर 'चार्जशीट' जारी की, रेवंत सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

सारांश

बीआरएस के केटीआर ने कांग्रेस के 1,000 दिनों को 'वादाखिलाफी का महाकाव्य' करार दिया — 30% कमीशन रैकेट, 1.20 करोड़ एकड़ जमीन में हेर-फेर और एक भी गारंटी पूरी न होने के आरोपों के साथ। 7 सितंबर के विधानसभा सत्र से पहले यह सियासी हमला तेलंगाना की राजनीति को गरमाने वाला है।

मुख्य बातें

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने 2 सितंबर 2026 को तेलंगाना कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन पूरे होने पर सार्वजनिक 'चार्जशीट' जारी की।
केटीआर का आरोप — राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने 100 दिनों में वादे पूरे करने की गारंटी दी थी, जो पूरी नहीं हुई।
सरकार पर सेक्शन 22-ए की आड़ में 30% कमीशन रैकेट और 1.20 करोड़ एकड़ भूमि में हेर-फेर का आरोप।
बीआरएस ने सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिवसीय जन-संपर्क अभियान की घोषणा की।
केटीआर ने चेतावनी दी कि 7 सितंबर के विधानसभा सत्र में विपक्ष सरकार को जोरदार तरीके से घेरेगा।
बीआरएस ने वादा किया कि 2028-29 में सत्ता में आने पर पिछले 1,000 दिनों के कथित भ्रष्टाचार की पूरी जाँच होगी।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने 2 सितंबर 2026 को हैदराबाद में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन पूरे होने पर एक विस्तृत सार्वजनिक 'चार्जशीट' जारी की। केटीआर ने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता से किए गए एक भी वादे को पूरी तरह से लागू नहीं किया।

चार्जशीट में क्या है

केटीआर ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं — राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी — ने चुनाव से पहले 100 दिनों के भीतर सभी वादे पूरे करने की गारंटी दी थी। उन्होंने यह भी बताया कि उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने बॉन्ड पेपर पर हलफनामे पर हस्ताक्षर तक किए थे। केटीआर के अनुसार, 1,000 से अधिक दिन बीत जाने के बावजूद एक भी गारंटी पूर्णतः लागू नहीं हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 100 दिनों में राज्य को स्वर्ग बनाने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय आम जनता की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को 'नर्क जैसी स्थिति' में पहुँचा दिया।

भ्रष्टाचार और कमीशन के आरोप

केटीआर ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि सत्ताधारी सरकार सेक्शन 22-ए और प्रतिबंधित संपत्तियों की सूची की आड़ में 30 प्रतिशत कमीशन का रैकेट चला रही है। उनका दावा है कि 1.20 करोड़ एकड़ में फैली निजी और सरकारी भूमि में हेर-फेर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के बीच आंतरिक मतभेदों की वजह बताते हुए केटीआर ने सरकार की तुलना 'अली बाबा और 40 चोर' की कहानी से की। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में झगड़े की एकमात्र जड़ कमीशन, टेंडर और भ्रष्टाचार से जुड़े धन का बंटवारा है।

119 विधानसभा क्षेत्रों में जन-संपर्क अभियान

केटीआर ने राज्य के सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिवसीय सघन जन-संपर्क कार्यक्रम की घोषणा की। इस अभियान में किसानों, महिलाओं, युवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ विशेष सत्र और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएँगे।

विधानसभा सत्र से पहले चेतावनी

7 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले केटीआर ने सरकार को आगाह किया कि विपक्ष अधूरे वादों, आर्थिक कुप्रबंधन, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शहरी सुरक्षा में चूक — जिसमें मिलिट्री कैंटोनमेंट क्षेत्र के पास हाल की घटनाएँ भी शामिल हैं — के मुद्दों पर सरकार को जोरदार तरीके से घेरेगा।

बीआरएस का भविष्य का वादा

केटीआर ने दावा किया कि जब बीआरएस 2028-29 में सत्ता में लौटेगी, तो पिछले 1,000 दिनों में कथित तौर पर हड़पे गए जनता के धन की पूरी जाँच की जाएगी और एक-एक रुपया वसूला जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कांग्रेस ने उन्हीं आरोपों की बुनियाद पर 2023 का चुनाव जीता था। असली सवाल यह है कि क्या 30% कमीशन और 1.20 करोड़ एकड़ भूमि हेर-फेर के आरोप किसी न्यायिक या जाँच एजेंसी की जद में आएँगे, या ये केवल 7 सितंबर के विधानसभा सत्र से पहले की राजनीतिक रणनीति हैं। 119 क्षेत्रों में जन-संपर्क अभियान बताता है कि बीआरएस 2028-29 के चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर चुकी है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ 'चार्जशीट' में क्या आरोप लगाए हैं?
केटीआर ने आरोप लगाया कि तेलंगाना कांग्रेस सरकार ने 1,000 दिनों में एक भी चुनावी गारंटी पूरी तरह लागू नहीं की। उन्होंने 30% कमीशन रैकेट, 1.20 करोड़ एकड़ भूमि में हेर-फेर और मंत्रिमंडल में भ्रष्टाचार से जुड़े आंतरिक मतभेदों के आरोप भी लगाए।
कांग्रेस नेताओं ने 100 दिनों में कौन-से वादे पूरे करने की गारंटी दी थी?
केटीआर के अनुसार, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने 100 दिनों के भीतर सभी चुनावी वादे पूरे करने की गारंटी दी थी। विक्रमार्का ने कथित तौर पर बॉन्ड पेपर पर हलफनामे पर हस्ताक्षर भी किए थे।
बीआरएस का 7 दिवसीय जन-संपर्क अभियान क्या है?
बीआरएस ने तेलंगाना के सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिवसीय सघन जन-संपर्क कार्यक्रम की घोषणा की है। इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ विशेष सत्र और विरोध प्रदर्शन शामिल होंगे।
तेलंगाना विधानसभा सत्र कब शुरू होगा और विपक्ष क्या करेगा?
तेलंगाना विधानसभा सत्र 7 सितंबर 2026 से शुरू होने वाला है। केटीआर ने कहा कि बीआरएस इस सत्र में अधूरे वादों, आर्थिक कुप्रबंधन, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शहरी सुरक्षा में चूक के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी।
बीआरएस ने 2028-29 के लिए क्या वादा किया है?
केटीआर ने कहा कि जब बीआरएस 2028-29 में सत्ता में लौटेगी, तो पिछले 1,000 दिनों में कथित तौर पर हड़पे गए जनता के धन की पूरी जाँच की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि एक-एक रुपया वसूला जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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