मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गोवा दौरे पर, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा शुरू
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बुधवार, 2 सितंबर को दो दिवसीय दौरे पर गोवा पहुँचे। इस यात्रा का केंद्रीय उद्देश्य 2027 के गोवा विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी तैयारियों का जायज़ा लेना, बूथ स्तर पर चल रही प्रक्रियाओं को समझना और युवा मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करना है। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. संजय गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की।
दौरे का कार्यक्रम और मुख्य गतिविधियाँ
बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त लगभग 1,000 बूथ लेवल अधिकारियों से सीधी बातचीत करेंगे। इस संवाद में वे 2026 की शुरुआत में संपन्न हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा भी करेंगे। गुरुवार को वे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब से जुड़े छात्रों से मिलेंगे और युवाओं में लोकतंत्र तथा मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस दौरे में किसी भी राजनीतिक दल के साथ कोई औपचारिक बैठक तय नहीं है। हालाँकि, चुनाव आयोग अक्टूबर या नवंबर में सभी राजनीतिक दलों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित कर सकता है।
मतदाता सूची में बड़ी कमी और विवाद
मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद गोवा में कुल मतदाताओं की संख्या में 10.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। मतदाताओं की संख्या 11,85,034 से घटकर 10,57,566 रह गई है। यह कटौती राज्य में राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में उसके समर्थकों सहित कई योग्य मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा दिए गए। चुनाव आयोग ने अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
2022 चुनाव का संदर्भ
फरवरी 2022 में हुए पिछले गोवा विधानसभा चुनाव में 40 विधानसभा सीटों पर 79.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 20 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, जबकि कांग्रेस को 11 सीटें मिली थीं। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) और आम आदमी पार्टी (AAP) को 2-2 सीटें प्राप्त हुई थीं। गोवा फॉरवर्ड पार्टी और रिवोल्यूशनरी गोवन्स पार्टी ने 1-1 सीट जीती थी, जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे थे।
दौरे का महत्व और आगे की राह
यह दो दिवसीय दौरा चुनाव आयोग को प्रशासनिक तैयारियों का प्रत्यक्ष आकलन करने और आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता पंजीकरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने का अवसर प्रदान करेगा। गौरतलब है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उठे विवाद के बीच यह यात्रा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले महीनों में राजनीतिक दलों के साथ होने वाली समीक्षा बैठक इन मुद्दों पर चुनाव आयोग का रुख और स्पष्ट करेगी।