शुभमन गिल को जोंटी रोड्स की सलाह: रोहित-विराट के अनुभव का करें सदुपयोग, अपनी शैली न छोड़ें
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने 2 सितंबर 2026 को भारत के वनडे कप्तान शुभमन गिल को एक अहम सलाह दी — टीम में मौजूद रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की राय और अनुभव का भरपूर लाभ उठाएं, लेकिन अपनी कप्तानी की स्वाभाविक शैली और व्यक्तित्व को कभी न खोएं। रोड्स का मानना है कि गिल अंतरराष्ट्रीय कप्तानी के दबाव को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं।
सीनियर खिलाड़ियों से मदद माँगना कमज़ोरी नहीं
रोड्स ने जियोस्टार से बातचीत में कहा, 'एक लीडर के तौर पर सबसे ज़रूरी बात यह समझना है कि आपके आस-पास सीनियर खिलाड़ी हैं। अगर आप मदद, राय या आइडिया माँगते हैं, तो यह आपकी कप्तानी के लिए कोई बुरी बात नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय लेना हमेशा कप्तान की ज़िम्मेदारी होती है, चाहे विकल्प कितने भी अच्छे क्यों न हों।
रोड्स ने आगे कहा, 'इतने अनुभवी खिलाड़ियों की कप्तानी करने में अक्सर यही सबसे मुश्किल काम होता है। वे सभी आपको बेहतरीन विकल्प देते हैं, लेकिन फैसला आपको ही करना होता है।'
गिल का स्वाभाविक व्यवहार उनकी सबसे बड़ी ताकत
रोड्स ने शुभमन गिल की एक ख़ास खूबी की तारीफ की — कप्तान बनने से पहले और बाद में उनका व्यवहार एकसमान रहा है। उन्होंने कहा, 'जब तक वह किसी और जैसा बनने की कोशिश नहीं करते — जो कि नामुमकिन है, क्योंकि दबाव में आप हमेशा वही बन जाते हैं जो आप असल में हैं — तब तक सब ठीक रहेगा। वह बहुत तेज़ी से इस लय में आ गए हैं।'
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में रोहित शर्मा की जगह वनडे कप्तानी संभालने के बाद से गिल ने 6 मैच जीते और 6 मैच गँवाए हैं, यानी उनका जीत प्रतिशत 50% रहा है।
2027 वर्ल्ड कप और परिस्थितियों की चुनौती
यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) में रॉटरडैम डॉकर्स के सह-मालिक रोड्स ने 2027 क्रिकेट वर्ल्ड कप पर भी अपने विचार साझा किए। यह टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और ज़िम्बाब्वे की संयुक्त मेजबानी में होगा। रोड्स के अनुसार समुद्र तटीय मैदानों की परिस्थितियाँ जोहान्सबर्ग और प्रिटोरिया जैसे ऊँचाई वाले शहरों से बिल्कुल अलग होती हैं, इसलिए टीमों को हर स्थान के हालात को समझकर रणनीति बनानी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह ETPL यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा दे रहा है, उसी तरह नामीबिया और ज़िम्बाब्वे जैसे देश वर्ल्ड कप की मेजबानी के ज़रिए खेल को नई ऊँचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
भारतीय बल्लेबाज़ों की तारीफ और दक्षिण अफ्रीकी पिचें
रोड्स ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका की पिचें आमतौर पर बल्लेबाज़ी के लिए अनुकूल होती हैं और गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है। उन्होंने भारतीय बल्लेबाज़ों की आधुनिक क्रिकेट के अनुसार ढलने की क्षमता की विशेष सराहना की, खासकर रैंप और स्कूप जैसे शॉट्स खेलने में उनकी दक्षता को।
1993 ब्रेबोर्न रिकॉर्ड — रोड्स की सबसे प्रिय याद
खेल इतिहास के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों में शुमार रोड्स को 1992 वर्ल्ड कप में इंजमाम-उल-हक को डाइव लगाकर रन-आउट करने के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। लेकिन उनकी सबसे प्रिय निजी स्मृति 1993 में मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में हीरो कप के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले मैच की है।
रोड्स ने बताया, 'मैंने उस मैच में पाँच कैच लिए, और बाद में पता चला कि यह फील्डिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड था। उस वक्त 20 हज़ार से ज़्यादा दर्शक मौजूद थे। मुझे तो यह भी नहीं पता था कि फील्डिंग के लिए भी रिकॉर्ड होते हैं — यह बस कुछ ऐसा था जिसे करने में मुझे मज़ा आता था।' यह बयान दर्शाता है कि रोड्स की महानता जुनून से जन्मी थी, न कि रिकॉर्ड की चाह से। आने वाले समय में गिल की कप्तानी कैसे परिपक्व होती है, यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक दिलचस्प सफर होगा।