केटीआर का रेवंत रेड्डी को करारा जवाब: 420 वादे और 6 गारंटियाँ पूरी करो, तब माँगो वोट
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने 31 मई 2026 को हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को सीधी चुनौती दी — जब तक कांग्रेस 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 420 वादों और छह गारंटियों को पूरी तरह लागू नहीं कर देती, तब तक जनता से एक भी वोट माँगने का नैतिक अधिकार नहीं है। कैंटोनमेंट विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक में दिए इस बयान ने तेलंगाना की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर छेड़ दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
केटीआर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक बार फिर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी यह कह रहे हैं कि यदि किसानों के पंपसेटों पर बिजली मीटर लगाए गए तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे — लेकिन केटीआर के अनुसार असली सवाल यह है कि कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने से क्यों बच रही है। केटीआर ने माँग की कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से घोषणा करें कि जब तक इंदिरम्मा हाउसिंग योजना के तहत गरीबों को घर नहीं मिलते और सभी गारंटियाँ लागू नहीं होतीं, तब तक वे वोट नहीं माँगेंगे।
फार्मर्स डिस्कॉम पर विवाद
केटीआर ने सरकार द्वारा प्रस्तावित अलग 'फार्मर्स डिस्कॉम' को किसानों के गले का फंदा बताया। उनके अनुसार, इस योजना का असली मकसद पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) द्वारा शुरू की गई 24 घंटे मुफ्त बिजली व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त करना है। उन्होंने याद दिलाया कि विपक्ष में रहते हुए रेवंत रेड्डी ने स्वयं कहा था कि किसानों के लिए तीन घंटे बिजली पर्याप्त है — और यह नई नीति उसी सोच को सरकारी रूप देने का प्रयास है।
केटीआर ने कहा, "फार्मर्स डिस्कॉम का असली मकसद केसीआर द्वारा शुरू की गई ऐतिहासिक 24 घंटे मुफ्त बिजली योजना को खत्म करना है। कांग्रेस सरकार इसे किसानों के हित का नाम देकर अपनी किसान-विरोधी सोच छिपाने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने किसानों के साथ-साथ शहरी नागरिकों से भी इस कथित साजिश का विरोध करने की अपील की।
केसीआर की विरासत और कांग्रेस पर आरोप
केटीआर ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि तेलंगाना बनने से पहले कांग्रेस शासन के दौरान राज्य गंभीर बिजली संकट से जूझता था — उद्योगों को पावर हॉलिडे घोषित करने पड़ते थे और किसान सबसे अधिक प्रभावित होते थे। उनके दावे के अनुसार, केसीआर ने सत्ता संभालने के छह महीने के भीतर बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार किया और पूरे राज्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई। केटीआर ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में केसीआर पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने किसानों को 24 घंटे मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था लागू की।
हैदराबाद विकास और आवास वादों पर सवाल
केटीआर ने हैदराबाद के विकास को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में राजधानी में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ। कैंटोनमेंट उपचुनाव के दौरान मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने 6,000 घर देने का वादा किया था, लेकिन ढाई साल बाद भी न कैंटोनमेंट और न हैदराबाद के लोगों को एक भी घर मिला है। केटीआर ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि किसानों के प्रति उनकी चिंता 'तुरई में घी जितनी' है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में अगले चुनावों की तैयारियाँ शुरू होने से पहले राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। बीआरएस का यह हमला कांग्रेस सरकार पर जनता के बीच वादाखिलाफी की छवि बनाने की रणनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि रेवंत रेड्डी सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।