24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गौतम गंभीर का दो साल का लेखा-जोखा: चैंपियंस ट्रॉफी और T20 WC की जीत, टेस्ट हार भी स्वीकार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गौतम गंभीर का दो साल का लेखा-जोखा: चैंपियंस ट्रॉफी और T20 WC की जीत, टेस्ट हार भी स्वीकार

सारांश

गौतम गंभीर ने दो साल के कोचिंग कार्यकाल का बेबाक हिसाब दिया — चैंपियंस ट्रॉफी और T20 विश्व कप की जीत उपलब्धियाँ हैं, तो ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में टेस्ट हार को वे खुले दिल से स्वीकार करते हैं। रोहित, विराट और अश्विन की विदाई के बाद शुभमन गिल की टीम को आकार देना अब सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है।

मुख्य बातें

गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 से शुरू हुए अपने दो साल के कार्यकाल का खुलकर मूल्यांकन किया।
भारत ने इस दौरान 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और पुरुष टी20 विश्व कप 2026 जीते।
ऑस्ट्रेलिया में विदेशी सरजमीं पर तथा न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार हुई।
रोहित शर्मा , विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन की विदाई के बाद टीम पुनर्निर्माण को गंभीर ने सबसे बड़ी चुनौती बताया।
मौजूदा कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मज़बूत कोर टीम बनाने पर ज़ोर दिया गया।
आगे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाँच मैचों की टेस्ट सीरीज समेत व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है।

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने 24 सितंबर 2026 को अपने दो साल के कार्यकाल का खुलकर मूल्यांकन करते हुए कहा कि उन्होंने सफलताओं को जितना संजोया है, नाकामियों को भी उतने ही खुले दिल से स्वीकार किया है। जुलाई 2024 से शुरू हुए गंभीर के कोचिंग सफर में भारत ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और पुरुष टी20 विश्व कप 2026 जीते, लेकिन ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना भी करना पड़ा।

गंभीर का आत्मचिंतन

'जियोस्टार' से बातचीत में गंभीर ने कहा, 'ये दो साल पलक झपकते ही नहीं गुजरे। मुझे लगता है कि मैंने उतार-चढ़ाव देखे हैं। मेरी अपनी नाकामियाँ और सफलताएँ रही हैं। फिर भी, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जब आप ऐसी ज़िम्मेदारी लेते हैं, तो उतार-चढ़ाव तो आते ही हैं — चाहे टेस्ट क्रिकेट हो, वनडे हो या टी20। हाँ, मुझे सफलता मिली है, जिसे मैं हमेशा याद रखूँगा, लेकिन नाकामियाँ भी मिली हैं, जिन्हें मैं खुले दिल से स्वीकार करता हूँ।'

यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय में आई है जब भारतीय टेस्ट टीम बड़े बदलावों के दौर से गुज़र रही है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे सीनियर मैच-विनर खिलाड़ियों की विदाई के बाद टीम पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में है।

सीनियर खिलाड़ियों की विदाई और पुनर्निर्माण की चुनौती

इन दिग्गजों के बाद की खाई को भरने की चुनौती पर गंभीर ने कहा, 'उन खिलाड़ियों के पास जितना टैलेंट और अनुभव था और उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में जो कुछ भी किया, उसे देखते हुए उनकी जगह लेना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा — इसलिए इसमें समय लगेगा।' उन्होंने मौजूदा कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में एक मज़बूत कोर टीम बनाने की अहमियत पर भी जोर दिया।

गौरतलब है कि इंग्लैंड सीरीज के बाद से टीम के टेस्ट प्रदर्शन में सुधार आया है, जिसे गंभीर ने सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड सीरीज के बाद से हमने काफी अच्छा टेस्ट क्रिकेट खेला है। मैं यह नहीं कह रहा कि सुधार की गुंजाइश नहीं है, लेकिन दिशा सही है।'

रेड-बॉल क्रिकेट को प्राथमिकता

गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट को भारतीय क्रिकेट की नींव बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, 'जिस देश की टेस्ट क्रिकेट टीम मज़बूत होती है, वही देश क्रिकेट में मज़बूत होता है। इसी कारण रेड-बॉल क्रिकेट अभी भी हमारी प्राथमिकता है।' नए खिलाड़ियों को टेस्ट की अहमियत समझाने पर उन्होंने कहा कि उनकी उम्र और अनुभव दोनों को ध्यान में रखकर उन्हें मार्गदर्शन दिया जाता है।

आगे का कार्यक्रम

भारतीय टीम के सामने अब एक व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू व्हाइट-बॉल मैचों के बाद भारत को न्यूज़ीलैंड में मल्टी-फॉर्मेट सीरीज खेलनी है। इसके बाद घरेलू मैदान पर श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध व्हाइट-बॉल श्रृंखला होगी और फिर ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करते हुए पाँच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी — जो गंभीर के नेतृत्व की असली अग्निपरीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

घर पर न्यूज़ीलैंड के खिलाफ — वे रणनीतिक विफलताएँ थीं या संक्रमण काल की स्वाभाविक कीमत? रोहित, विराट और अश्विन की एक साथ विदाई किसी भी कोच के लिए असाधारण चुनौती होती, और गंभीर ने इसे ईमानदारी से माना है। आगे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाँच टेस्ट की श्रृंखला यह तय करेगी कि 'सही खिलाड़ियों को समय देने' की उनकी नीति वाकई नई पीढ़ी को खड़ा कर पाई है या नहीं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतम गंभीर का भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच का कार्यकाल कब शुरू हुआ?
गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच का पदभार संभाला। सितंबर 2026 तक उनका कार्यकाल दो साल पूरे कर चुका है।
गंभीर के कार्यकाल में भारत ने कौन-सी बड़ी ट्रॉफियाँ जीतीं?
गंभीर के नेतृत्व में भारत ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और पुरुष टी20 विश्व कप 2026 जीते। ये दो प्रमुख ICC खिताब उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियाँ रही हैं।
गंभीर के दौर में भारत को किन टेस्ट सीरीज में हार मिली?
गंभीर के कार्यकाल में भारत को ऑस्ट्रेलिया की विदेशी सरजमीं पर तथा घरेलू मैदान पर न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।
रोहित, विराट और अश्विन के बाद भारतीय टेस्ट टीम की नई दिशा क्या है?
गंभीर ने कहा है कि मौजूदा कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में एक मज़बूत कोर टीम तैयार करना प्राथमिकता है। उनके अनुसार इन दिग्गजों की जगह भरने में समय लगेगा, लेकिन सही खिलाड़ियों को समर्थन देने से भारत रेड-बॉल क्रिकेट में दोबारा दबदबा बना सकता है।
भारतीय टीम के आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में क्या है?
वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू व्हाइट-बॉल मैचों के बाद भारत न्यूज़ीलैंड में मल्टी-फॉर्मेट सीरीज खेलेगा। इसके बाद घर पर श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज होगी और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाँच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले