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गौतम गंभीर का खुलासा: रोहित, सूर्या, शुभमन और श्रेयस — चारों कप्तानों ने हमेशा 'टीम फर्स्ट' रखा

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गौतम गंभीर का खुलासा: रोहित, सूर्या, शुभमन और श्रेयस — चारों कप्तानों ने हमेशा 'टीम फर्स्ट' रखा

सारांश

गौतम गंभीर ने खुलासा किया कि रोहित, सूर्या, शुभमन और श्रेयस — चारों ने हमेशा 'टीम फर्स्ट' की सोच अपनाई। गंभीर ने 2018 में श्रेयस को दिल्ली की कप्तानी सौंपे जाने का भी ज़िक्र किया और शुभमन को भविष्य की बड़ी उम्मीद बताया।

मुख्य बातें

हेड कोच गौतम गंभीर ने 24 सितंबर 2026 को जियोस्टार पर कहा कि सभी चार कप्तानों की प्राथमिकता हमेशा टीम रही है।
रोहित शर्मा के साथ गंभीर का रिश्ता कप्तान-कोच से पहले का है — दोनों साथ खिलाड़ी रहे हैं।
गंभीर ने 2018 में दिल्ली की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी थी; केकेआर में भी साथ काम किया।
शुभमन गिल को गंभीर ने 'युवा लेकिन शानदार' बताया और आने वाले वर्षों में उनके श्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
गंभीर का कोचिंग दर्शन: आइडियोलॉजी बदल सकती है, पर सही इरादा ही टीम को एकजुट रखता है।

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को जियोस्टार पर एक विशेष बातचीत में कहा कि जिन चार कप्तानों के साथ उन्होंने काम किया है — रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर — उन सभी की सोच का केंद्र हमेशा 'टीम फर्स्ट' रहा है। गंभीर ने कहा कि इस साझा मानसिकता ने सपोर्ट स्टाफ के लिए कोचिंग की ज़िम्मेदारी को सहज बनाया है।

रोहित शर्मा के साथ विशेष बंधन

गंभीर ने रोहित शर्मा के साथ अपने रिश्ते को सिर्फ कप्तान-कोच की सीमा से परे बताया। उन्होंने कहा, 'रोहित और मेरा रिश्ता सिर्फ कप्तान और कोच का नहीं था। जब रोहित टीम में आए, तो मैं उस समय एक सीनियर खिलाड़ी था, इसलिए रोहित और मेरा रिश्ता तब से है।' गंभीर के अनुसार, साथ खेलने के उस अनुभव ने दोनों के बीच ऐसी आपसी समझ विकसित की जो किसी भी पेशेवर रिश्ते से गहरी है।

उन्होंने आगे कहा, 'कल मेरी सोच कुछ और हो सकती है, कप्तान की सोच कुछ और हो सकती है, लेकिन आखिर में, जो भी टीम के हित में हो, अगर वही आखिरी फैसला है, तो उससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।' यह बयान ऐसे समय आया है जब टीम इंडिया की नई नेतृत्व संरचना को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा जारी है।

सूर्यकुमार से लेकर श्रेयस तक — कोचिंग का अनुभव

गंभीर ने बताया, 'मैंने रोहित और सूर्या के साथ काम किया और अब शुभमन और श्रेयस के साथ कर रहा हूं। मैंने जितने भी कप्तानों के साथ काम किया है, सबका पहला इरादा हमेशा टीम को पहले रखना रहा है।' उन्होंने इसे अपनी 'खुशकिस्मती' करार देते हुए कहा कि ऐसे चार नेतृत्वकर्ताओं के साथ काम करने का मौका हर कोच को नहीं मिलता।

गौरतलब है कि सूर्यकुमार यादव के टी20 कप्तान बनने पर गंभीर ने कहा, 'रोहित के साथ जो शुरू हुआ, जब सूर्या टी20 के लिए कप्तान बने, तो उन दोनों के साथ यह एक अलग अनुभव था।' उनकी यह टिप्पणी दर्शाती है कि प्रत्येक कप्तान की शैली अलग होते हुए भी मूल मूल्य एक जैसे रहे।

श्रेयस अय्यर — केकेआर से टीम इंडिया तक

मौजूदा टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर के बारे में गंभीर ने एक दिलचस्प जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, 'श्रेयस के साथ, मैंने केकेआर (कोलकाता नाइट राइडर्स) में काम किया था। उससे पहले, जब मैंने 2018 में दिल्ली के लिए अपनी कप्तानी श्रेयस को सौंपी, तो मुझे लगा कि उनमें वह नेतृत्व क्षमता है।' यह स्वीकारोक्ति दर्शाती है कि गंभीर की नज़र में श्रेयस की नेतृत्व प्रतिभा कोई नई पहचान नहीं है — यह वर्षों पुरानी है।

शुभमन गिल — भविष्य की उम्मीद

टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के बारे में गंभीर ने कहा, 'वह युवा हैं। टेस्ट क्रिकेट को जिस तरह से उन्होंने संभाला है, वह शानदार रहा है। मुझे लगता है कि हम आने वाले वर्षों में शुभमन का श्रेष्ठ प्रदर्शन देखेंगे।' यह बयान उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब गिल पर टेस्ट क्रिकेट में एक नई पीढ़ी की नींव रखने की ज़िम्मेदारी है।

कोचिंग दर्शन: इरादा सबसे ज़रूरी

गंभीर ने अपनी कोचिंग फिलॉसफी को सरल शब्दों में रखा: 'आइडियोलॉजी बदल सकती है, आपकी सोच बदल सकती है, गेम को पढ़ने का आपका नज़रिया बदल सकता है, लेकिन जब तक आपका इरादा सही है, यह किसी भी सपोर्ट स्टाफ के लिए ज़िंदगी को बहुत आसान बना देता है।' आगे चलकर यह देखना दिलचस्प होगा कि गंभीर और उनके चारों कप्तान मिलकर भारतीय क्रिकेट को किन नई ऊँचाइयों तक ले जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक गहरा संदेश है — कि कोच और कप्तान के बीच की असहमति को 'टीम फर्स्ट' की छतरी तले सुलझाया जा सकता है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बहु-फॉर्मेट कप्तानी के इस दौर में भारतीय ड्रेसिंग रूम की एकता पर सवाल उठते रहे हैं। श्रेयस अय्यर की 2018 से चली आ रही परिचितता और शुभमन गिल की तारीफ यह भी संकेत देती है कि गंभीर अपने चुने हुए नेताओं में लंबे समय से निवेश करते हैं — जो स्थिरता के लिए अच्छा है, पर जवाबदेही की कसौटी पर इसे भी परखा जाना चाहिए।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतम गंभीर ने किन चार कप्तानों के साथ काम किया है?
गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच के रूप में रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि इन चारों ने हमेशा टीम को व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखा।
गौतम गंभीर और रोहित शर्मा का रिश्ता इतना खास क्यों है?
गंभीर के अनुसार, रोहित शर्मा के साथ उनका रिश्ता तब से है जब वे दोनों एक ही टीम में खिलाड़ी थे और गंभीर सीनियर खिलाड़ी थे। यह पुरानी आपसी समझ कोच-कप्तान के पेशेवर रिश्ते को कहीं अधिक सहज बनाती है।
गंभीर ने श्रेयस अय्यर को कब से नेता के रूप में पहचाना?
गौतम गंभीर ने 2018 में दिल्ली की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी थी और तभी से उन्हें नेतृत्व क्षमता वाला खिलाड़ी माना। बाद में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) में भी दोनों ने साथ काम किया।
गंभीर ने शुभमन गिल के बारे में क्या कहा?
गंभीर ने शुभमन गिल को 'युवा लेकिन शानदार' बताया और कहा कि टेस्ट क्रिकेट को जिस तरह उन्होंने संभाला है वह प्रभावशाली है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में गिल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
गौतम गंभीर की कोचिंग फिलॉसफी क्या है?
गंभीर का मानना है कि आइडियोलॉजी और रणनीति बदल सकती है, लेकिन सही इरादा — यानी 'टीम फर्स्ट' की भावना — ही किसी भी कोचिंग स्टाफ के लिए काम को आसान बनाती है। उनके अनुसार, जब तक कप्तान का इरादा टीम हित में है, असहमतियाँ भी सकारात्मक रूप से सुलझाई जा सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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