गौतम गंभीर का खुलासा: रोहित, सूर्या, शुभमन और श्रेयस — चारों कप्तानों ने हमेशा 'टीम फर्स्ट' रखा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को जियोस्टार पर एक विशेष बातचीत में कहा कि जिन चार कप्तानों के साथ उन्होंने काम किया है — रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर — उन सभी की सोच का केंद्र हमेशा 'टीम फर्स्ट' रहा है। गंभीर ने कहा कि इस साझा मानसिकता ने सपोर्ट स्टाफ के लिए कोचिंग की ज़िम्मेदारी को सहज बनाया है।
रोहित शर्मा के साथ विशेष बंधन
गंभीर ने रोहित शर्मा के साथ अपने रिश्ते को सिर्फ कप्तान-कोच की सीमा से परे बताया। उन्होंने कहा, 'रोहित और मेरा रिश्ता सिर्फ कप्तान और कोच का नहीं था। जब रोहित टीम में आए, तो मैं उस समय एक सीनियर खिलाड़ी था, इसलिए रोहित और मेरा रिश्ता तब से है।' गंभीर के अनुसार, साथ खेलने के उस अनुभव ने दोनों के बीच ऐसी आपसी समझ विकसित की जो किसी भी पेशेवर रिश्ते से गहरी है।
उन्होंने आगे कहा, 'कल मेरी सोच कुछ और हो सकती है, कप्तान की सोच कुछ और हो सकती है, लेकिन आखिर में, जो भी टीम के हित में हो, अगर वही आखिरी फैसला है, तो उससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।' यह बयान ऐसे समय आया है जब टीम इंडिया की नई नेतृत्व संरचना को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा जारी है।
सूर्यकुमार से लेकर श्रेयस तक — कोचिंग का अनुभव
गंभीर ने बताया, 'मैंने रोहित और सूर्या के साथ काम किया और अब शुभमन और श्रेयस के साथ कर रहा हूं। मैंने जितने भी कप्तानों के साथ काम किया है, सबका पहला इरादा हमेशा टीम को पहले रखना रहा है।' उन्होंने इसे अपनी 'खुशकिस्मती' करार देते हुए कहा कि ऐसे चार नेतृत्वकर्ताओं के साथ काम करने का मौका हर कोच को नहीं मिलता।
गौरतलब है कि सूर्यकुमार यादव के टी20 कप्तान बनने पर गंभीर ने कहा, 'रोहित के साथ जो शुरू हुआ, जब सूर्या टी20 के लिए कप्तान बने, तो उन दोनों के साथ यह एक अलग अनुभव था।' उनकी यह टिप्पणी दर्शाती है कि प्रत्येक कप्तान की शैली अलग होते हुए भी मूल मूल्य एक जैसे रहे।
श्रेयस अय्यर — केकेआर से टीम इंडिया तक
मौजूदा टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर के बारे में गंभीर ने एक दिलचस्प जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, 'श्रेयस के साथ, मैंने केकेआर (कोलकाता नाइट राइडर्स) में काम किया था। उससे पहले, जब मैंने 2018 में दिल्ली के लिए अपनी कप्तानी श्रेयस को सौंपी, तो मुझे लगा कि उनमें वह नेतृत्व क्षमता है।' यह स्वीकारोक्ति दर्शाती है कि गंभीर की नज़र में श्रेयस की नेतृत्व प्रतिभा कोई नई पहचान नहीं है — यह वर्षों पुरानी है।
शुभमन गिल — भविष्य की उम्मीद
टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के बारे में गंभीर ने कहा, 'वह युवा हैं। टेस्ट क्रिकेट को जिस तरह से उन्होंने संभाला है, वह शानदार रहा है। मुझे लगता है कि हम आने वाले वर्षों में शुभमन का श्रेष्ठ प्रदर्शन देखेंगे।' यह बयान उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब गिल पर टेस्ट क्रिकेट में एक नई पीढ़ी की नींव रखने की ज़िम्मेदारी है।
कोचिंग दर्शन: इरादा सबसे ज़रूरी
गंभीर ने अपनी कोचिंग फिलॉसफी को सरल शब्दों में रखा: 'आइडियोलॉजी बदल सकती है, आपकी सोच बदल सकती है, गेम को पढ़ने का आपका नज़रिया बदल सकता है, लेकिन जब तक आपका इरादा सही है, यह किसी भी सपोर्ट स्टाफ के लिए ज़िंदगी को बहुत आसान बना देता है।' आगे चलकर यह देखना दिलचस्प होगा कि गंभीर और उनके चारों कप्तान मिलकर भारतीय क्रिकेट को किन नई ऊँचाइयों तक ले जाते हैं।