गंभीर की कोचिंग शैली पर श्रेयस अय्यर: 'आक्रामक सोच स्वाभाविक, खिलाड़ियों को संभालने का तरीका शानदार'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेड कोच गौतम गंभीर की कोचिंग शैली की जमकर तारीफ की। अय्यर ने कहा कि गंभीर की आक्रामक सोच और हर खिलाड़ी को व्यक्तिगत रूप से संभालने का उनका तरीका टीम में स्पष्टता और आत्मविश्वास भरने में अहम भूमिका निभाता है। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 13 सितंबर 2026 (रविवार) को खेला जाना है।
गंभीर की कोचिंग शैली — अय्यर का आकलन
अय्यर ने गंभीर के बारे में कहा, 'उनकी सोच बहुत आक्रामक है। वह ऐसे व्यक्ति हैं जो मैदान पर उतरते ही हमेशा जीतना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि हर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करे, जो एक कोच के तौर पर स्वाभाविक भी है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि इसी वजह से गंभीर टीम में भरोसा और आत्मविश्वास जगाते हैं, और हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका की स्पष्ट समझ होती है।
अय्यर ने यह भी कहा, 'खिलाड़ियों को व्यक्तिगत रूप से संभालने का उनका तरीका बहुत शानदार है। टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए यह बहुत जरूरी है कि हर खिलाड़ी के साथ आपके ऐसे रिश्ते हों, क्योंकि हम सभी अलग-अलग तरह के हैं और आपको किसी खास खिलाड़ी को समझने की जरूरत होती है।'
केकेआर से जुड़ी पुरानी जुगलबंदी
2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए कप्तान और मेंटर के रूप में साथ काम करते हुए अय्यर और गंभीर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब जीता था। उस अनुभव ने दोनों के बीच आपसी समझ की मजबूत नींव तैयार की।
अय्यर ने कहा, 'मैं और गौतम गंभीर दोनों ऐसी स्थिति में रहे हैं जहाँ हमें खिलाड़ियों को समझना होता था। मैंने पहले भी केकेआर में उनके साथ काम किया है, इसलिए मुझे अच्छी तरह पता है कि उनका दिमाग कैसे काम करता है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में कोच और कप्तान के बीच तालमेल को लेकर हमेशा से चर्चा रही है।
शुरुआती चुनौतियाँ और सुधार
गौरतलब है कि गंभीर और अय्यर की इस जोड़ी की शुरुआत खास तौर पर सुखद नहीं रही थी। भारत को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हार झेलनी पड़ी थी। हालाँकि, इसके बाद भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज 3-0 से जीती — उस दौरान सीओई के क्रिकेट हेड वीवीएस लक्ष्मण ने अंतरिम हेड कोच की जिम्मेदारी सँभाली थी। यह तीसरी बड़ी सीरीज है जिसमें यह जोड़ी अब पूरी तरह एक साथ उतर रही है।
अफगानिस्तान चुनौती — एक मैच, एक कदम
अफगानिस्तान की चुनौती को कमतर नहीं आँकते हुए अय्यर ने कहा कि उनके कई खिलाड़ी IPL में खेलने के कारण भारतीय परिस्थितियों से भली-भाँति परिचित हैं। उनका स्पष्ट संदेश था — 'हम एक-एक मैच पर ध्यान देंगे। हमें भविष्य के बारे में अधिक सोचने की जरूरत नहीं है।'
अय्यर ने यह भी जोड़ा, 'खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म और माइंडसेट में हैं। एशियन गेम्स से पहले, हमें एक बहुत अच्छी टीम के खिलाफ खेलने का शानदार मौका मिला है।'
एशियन गेम्स को लेकर उत्साह
अय्यर ने अपने पहले एशियन गेम्स में हिस्सा लेने को लेकर विशेष उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि वह भारत के गोल्ड मेडल को बचाने की कोशिश करेंगे और हॉकी खिलाड़ियों व अन्य ओलंपिक एथलीटों के साथ घुल-मिलने का मौका पाएंगे। 'यह मेरे और टीम के लिए निश्चित रूप से एक रोमांचक समय है। हम पहला मैच जापान के खिलाफ खेलने जा रहे हैं — यह एक ऐतिहासिक मुकाबला होगा।' सीरीज के नतीजे न सिर्फ टी20 फॉर्म, बल्कि एशियन गेम्स की तैयारी का भी अहम पैमाना बनेंगे।