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क्या बीआरएस 9 दिसंबर को तेलंगाना के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में 'विजय दिवस' मनाने का एक नया आह्वान कर रहा है?

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क्या बीआरएस 9 दिसंबर को तेलंगाना के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में 'विजय दिवस' मनाने का एक नया आह्वान कर रहा है?

सारांश

तेलंगाना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण को पुनः जीवित करने की दिशा में, बीआरएस ने 9 दिसंबर को 'विजय दिवस' मनाने का आह्वान किया। इस दिन को याद करते हुए केटी रामा राव ने समारोह आयोजित करने की योजना का विवरण प्रस्तुत किया है।

मुख्य बातें

9 दिसंबर को तेलंगाना का 'विजय दिवस' मनाया जाएगा।
पार्टी कार्यकर्ताओं को समारोह आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।
केसीआर के बलिदान को याद किया जाएगा।
कार्यकर्ता सरकारी अस्पतालों में मरीजों को फल बांटेंगे।
मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है।

हैदराबाद, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 9 दिसंबर को 'विजय दिवस' के रूप में मनाने का आह्वान किया है। पार्टी के प्रमुख नेताओं, विधायकों, एमएलसी और जिला अध्यक्षों के साथ हुई बैठक में केटी रामा राव ने हर निर्वाचन क्षेत्र में समारोह आयोजित करने का निर्देश दिया।

9 दिसंबर, 2009 को ही केंद्र सरकार ने बीआरएस के संस्थापक और अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव (केसीआर) के आमरण अनशन के बाद तेलंगाना राज्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी। 29 नवंबर को केसीआर ने संयुक्त आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र के लिए राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था।

केटी राम राव ने कहा कि चंद्रशेखर राव के आमरण अनशन के कारण 60 साल पुरानी तेलंगाना की आकांक्षा 9 दिसंबर को साकार हुई। इस महान ऐतिहासिक घटना को एक बार फिर याद करने और तेलंगाना के लिए चंद्रशेखर राव की ओर से किए गए बलिदानों को याद करने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी सभी निर्वाचन क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करे।

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि चूंकि पार्टी नेता चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों में व्यस्त हैं, इसलिए कार्यक्रम केवल निर्वाचन क्षेत्र केंद्रों में आयोजित किए जाने चाहिए, गांवों में नहीं।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्वाचन क्षेत्र केंद्रों में 'तेलंगाना थल्ली' की प्रतिमा का दूध से अभिषेक करने का निर्देश दिया। उन्हें डॉ. बीआर अंबेडकर की मूर्तियों पर माला पहनाने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का भी निर्देश दिया गया। इसे देवी-स्वरूप माना जाता है। इसे तेलंगाना आंदोलन और राज्य निर्माण का प्रेरणास्रोत भी माना जाता है।

बीआरएस कार्यकर्ताओं से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को फल बांटने का आग्रह किया गया। पार्टी कार्यालयों या मुख्य चौराहों पर जीत के प्रतीक के रूप में हवा में गुलाबी गुब्बारे छोड़े जाएंगे।

केटी रामा राव ने कार्यकर्ताओं से एक मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए भी कहा ताकि लोगों और आने वाली पीढ़ियों को केसीआर की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, तेलंगाना संघर्ष और छात्रों के बलिदानों की याद दिलाई जा सके। निजाम्स

इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) में, जहां केसीआर ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी और गांधी हॉस्पिटल में भी पूर्व मंत्री टी श्रीनिवास यादव के नेतृत्व में फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तेलंगाना का यह ऐतिहासिक दिन न केवल राज्य के लिए, बल्कि देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। बीआरएस द्वारा किए गए इस आह्वान से यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक दलों के लिए अपनी जड़ों को याद रखना और उनके संघर्षों को सम्मानित करना कितना आवश्यक है। यह न केवल एक राजनीतिक आयोजन है, बल्कि एक सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 दिसंबर को 'विजय दिवस' क्यों मनाया जाता है?
यह दिन केसीआर के आमरण अनशन के बाद तेलंगाना राज्य के निर्माण की प्रक्रिया की घोषणा का प्रतीक है।
बीआरएस के कार्यकर्ताओं के लिए क्या निर्देश हैं?
कार्यकर्ताओं को निर्वाचन क्षेत्र केंद्रों में समारोह आयोजित करने और सरकारी अस्पतालों में मरीजों को फल बांटने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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