इंडिगो ने मध्य-पूर्व की स्थिति के चलते बदल दिया उड़ानों का शेड्यूल, 28 मार्च तक कुछ सेवाएं स्थगित
सारांश
Key Takeaways
- इंडिगो ने 16 से 28 मार्च के बीच 252 उड़ानें संचालित करने का निर्णय लिया है।
- सऊदी अरब, ओमान और यूएई के लिए उड़ानें जारी रहेंगी।
- 28 मार्च तक कुछ उड़ानें स्थगित रहेंगी।
- यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है।
- अतिरिक्त उड़ानें आवश्यकता पड़ने पर चलाई जा सकती हैं।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य-पूर्व में चल रही घटनाओं के मद्देनजर, इंडिगो ने अपने संचालन में कुछ आवश्यक परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। एयरलाइन 16 से 28 मार्च के बीच मध्य-पूर्व के लिए और वहां से कुल 252 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करेगी।
इंडिगो अपने सामान्य शेड्यूल के करीब लौट आई है। यह सऊदी अरब के लिए 126 साप्ताहिक उड़ानें और ओमान के लिए 28 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करेगी। इसके अतिरिक्त, यूएई के लिए 98 साप्ताहिक उड़ानें भी उपलब्ध रहेंगी।
एयरलाइन ने यह स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। वर्तमान भू-राजनीतिक चुनौतियों, एयरस्पेस पर प्रतिबंध, हवाई अड्डों की सीमाएं, ईंधन और बीमा की बढ़ती लागत के चलते उड़ानों की क्षमता का निर्धारण किया जा रहा है। इन कदमों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षित और विश्वसनीय उड़ान सेवाएं सुनिश्चित करना है।
विभिन्न मध्य-पूर्व स्थानों से यात्रियों को इंडिगो के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से भारत और अन्य शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स उपलब्ध होंगी।
हालांकि, नेटवर्क में किए गए इन परिवर्तनों के तहत दोहा, कुवैत, बहरीन, दम्माम, फुजैराह, रस अल खैमाह और शारजाह के लिए इंडिगो की उड़ानें 28 मार्च तक स्थगित रहेंगी।
एयरलाइन ने इस कठिनाई भरे समय में अपने यात्रियों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई है। आवश्यकता पड़ने पर फंसे यात्रियों के लिए विशेष उड़ानें भी संचालित की जा सकती हैं।
यात्रियों को आवश्यक जानकारी प्रदान करने के लिए इंडिगो अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नियमित अपडेट जारी कर रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले नवीनतम उड़ान जानकारी और यात्रा सलाह अवश्य देखें।
एयरलाइन संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और परिस्थितियों के अनुसार अपने संचालन में आवश्यक परिवर्तन करती रहेगी। इंडिगो ने कहा कि यात्रियों, क्रू और विमानों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।