राजस्थान में होंडा का पहला इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल, तापुकरा संयंत्र में होगा निर्माण
सारांश
Key Takeaways
- होंडा अल्फा: राजस्थान में पहला इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल।
- तापुकरा संयंत्र: निर्माण का प्रमुख केंद्र।
- सरकारी समर्थन: इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के लिए बुनियादी ढांचा।
- हरित ऊर्जा: राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता का लाभ।
- निवेश नीतियाँ: वैश्विक कंपनियों का आकर्षण।
जयपुर, १४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय में कंपनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान होंडा कार्स इंडिया के पहले इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल होंडा अल्फा का उद्घाटन किया।
यह इलेक्ट्रिक वाहन होंडा के तापुकरा स्थित संयंत्र में निर्मित होगा, और इसके उत्पादन की शुरुआत इस वर्ष के अंत में होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने इस निर्णय को राज्य के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि होंडा का राजस्थान को अपने पहले इलेक्ट्रिक वाहन के उत्पादन के लिए चुनना, राज्य की निवेश नीतियों में विश्वसनीयता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि सितंबर २०२४ में होने वाले राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से पहले, जापान में होंडा के शीर्ष प्रबंधन से बातचीत के दौरान उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के लिए आमंत्रित किया था।
मुख्यमंत्री ने होंडा को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में बुनियादी ढांचे और नीतिगत समर्थन का पूरा आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा और सतत परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के प्रति प्रतिबद्ध है। राजस्थान की विशाल सौर ऊर्जा क्षमता, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के साथ मिलकर, राज्य की आर्थिक प्रगति को उल्लेखनीय गति प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि होंडा की योजना तापुकरा संयंत्र को इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की है, जिससे ईवी क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित हो सके। यह भारत के विकसित होते ऑटोमोटिव उद्योग में राजस्थान की भूमिका को सुदृढ़ कर सकता है।
राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए की गई पहलों के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी प्रदान कर रही है और सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से चार्जिंग बुनियादी ढांचे की स्थापना कर रही है।
राज्य की वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत १५ साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं।
होंडा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि तापुकरा संयंत्र में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात दोनों को पूरा करेंगे।
होंडा कार्स इंडिया के सीईओ ताकाशी नाकाजिमा ने कहा कि तापुकरा संयंत्र भारत में कंपनी का एक प्रमुख उत्पादन केंद्र है, जहां घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए वाहन और पुर्जे बनाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि होंडा ने अपने आपूर्तिकर्ता नेटवर्क और दोपहिया वाहन निर्माण के माध्यम से राजस्थान में एक मजबूत ऑटोमोटिव इकोसिस्टम विकसित किया है।
इस बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित वरिष्ठ अधिकारियों और जापान से आए होंडा प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी उपस्थित थे।