बीआरएस की 'चार्जशीट': केटीआर ने तेलंगाना में कांग्रेस के 1,000 दिनों को बताया अक्षम और भ्रष्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने बुधवार, 2 सितंबर को हैदराबाद स्थित तेलंगाना भवन में एक औपचारिक 'चार्जशीट' जारी करते हुए तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के शासन को अक्षम, भ्रष्ट और अराजक करार दिया। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने आरोप लगाया कि ये 1,000 दिन तेलंगाना की जनता के लिए उत्पीड़न के दिन रहे हैं।
चार्जशीट में क्या है
केटीआर के अनुसार, इस चार्जशीट में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर हुए लगभग 30 घोटालों और विवादों का विस्तृत ब्यौरा दर्ज किया गया है। उन्होंने ठेकों, भूमि सौदों और सरकारी परियोजनाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया और सरकार से इन मुद्दों पर पारदर्शिता के साथ जवाब देने की माँग की। बीआरएस नेता ने ₹4.5 लाख करोड़ के कर्ज के उपयोग पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस राशि के खर्च का कोई स्पष्ट हिसाब जनता के सामने नहीं रखा गया।
वादे बनाम हकीकत: कांग्रेस पर आरोप
केटीआर ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर सभी वादे पूरे करने की गारंटी दी थी। उनके अनुसार, 1,000 दिन बीत जाने के बाद भी एक भी वादा पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 'स्वर्ग जैसा माहौल' बनाने का वादा किया था, लेकिन कथित तौर पर राज्य को रोज़मर्रा की जिंदगी में गंभीर कठिनाइयों की ओर धकेल दिया।
किसानों और आम जनता पर असर
कृषि क्षेत्र पर केटीआर ने आरोप लगाया कि किसानों को रायतू भरोसा योजना, फसल खरीद, खाद की उपलब्धता, किसान बीमा और कर्ज राहत जैसे कई मोर्चों पर निराशा हाथ लगी है। उनका कहना था कि कल्याणकारी भुगतान और खरीद में हुई देरी ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमज़ोर किया है। इसके अलावा उन्होंने छात्रों, बेरोज़गार युवाओं, महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों की बढ़ती मुश्किलों का भी उल्लेख किया।
जन-संपर्क अभियान की घोषणा
केटीआर ने तेलंगाना के सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिवसीय जन-संपर्क अभियान की घोषणा की। इस अभियान में किसानों, महिलाओं, युवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र और विरोध प्रदर्शन शामिल होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीआरएस आने वाले विधानसभा सत्र में अधूरे वादों, आर्थिक कुप्रबंधन और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी।
भविष्य की जवाबदेही का दावा
बीआरएस नेता ने दावा किया कि जब उनकी पार्टी सत्ता में वापस लौटेगी, तो पिछले 1,000 दिनों में कथित तौर पर जनता के धन के दुरुपयोग की पूरी जाँच की जाएगी और एक-एक रुपया वसूला जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में विपक्षी राजनीति नए सिरे से सक्रिय हो रही है और अगले विधानसभा चुनाव की दिशा में दलों की रणनीतियाँ आकार ले रही हैं।